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फिर कोशिश कर लेना

देखो आज एक बेटा बड़ा हो गया सीख थी जो कल तक आज व्ययवधान हो गया कहता था जिसे छाता अपना आज बोझिल नाता हो गया बुजुर्गों की छा... Read more

ढ़लती उम्र और रिश्ते

सही कहते हैं ढ़लती उम्र हक़ीकत और ख़्वाब में ठीक से भेद नहीं कर पाती है था जब तक लुटाने को प्रेम पाता रहा जो आज नहीं कुछ तो ... Read more

कैसा घर है

कैसा घर है सन्नाटा सा पसरा रहता है एक अदद बूढ़ा जोड़ा जिन्दा सा है अब तक रहता है लौट काम-धंधे से हर कोई शख़्श बस अपने-अपने क... Read more