ER.NAVANEET PANDEY

Azamgarh

Joined September 2018

नाम:- इंजी०नवनीत पाण्डेय (चंकी)
पिता :- श्री रमेश पाण्डेय, माता जी:- श्रीमती हेमलता पाण्डेय
शिक्षा:- पॉलीटेक्निक (सिविल इंजीनियर) 10+2
निवास:- ग्राम + पोस्ट :- सेवटा, जनपद आज़मगढ़ उत्तर प्रदेश पिन कोड 276128
ईमेल आईडी :- Navpandey95@gmail. com
मो०न०:- 09408527228 ,08545861799
जन्म:- 04नवम्बर 1995
अध्ययन:- कविता,शायरी,भोजपुरी गीत
विधाओं में लेख -www.Sahityapedia.com and
www.amarujala.com

Books:
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Awards:
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आत्महत्या

स्वयं का विनाश, स्वत: को समाप्त करना आत्महत्या कहलाती है, आत्महत्या का लैटिन भाषा ( Suicidum sui caodren ) हैं, जिसका अर्थ है, स्वयं... Read more

जलन जलन जलन तुम्हें, तुम्हें ही लूट जाएगा

कसक धरा धरा पर है, मस्तक पर धरा जाएगा घृणा द्वेष मोह पाप, लेकर ही मरा जाएगा अकड़ अकड़ पकड़ नहीं, नहीं में छूट जाएगा जलन जलन जलन त... Read more

प्रेम हुआ रिश्तों पर अर्पण

पूर्ण नहीं हो, पाया प्रण दिल तड़पा है, हर एक क्षण जीवन का टूटा ए दर्पण प्रेम हुआ रिश्तों पर अर्पण सपनों की बगिया थी सजाई मिली... Read more

भाई के शव से

पहुंचा सिपाही के, मिट्टी गांव में त्याग के शरीर, तिरंगा के छांव में आरती के थाली, रोती है, द्वार पे यह बार आया है, राखी के त्यौहा... Read more

मिल ना सका हमें प्यार का तोहफा किस्मत रूठी मेरी थी

हर मुश्किल से घिरा हुआ था, ना तुमसे कोई दूरी थी मर के जीना, तुझसे वादा, मेरी तो मजबूरी थी रिश्तो के बंधन में सौदा, भूल तुम्हारी मे... Read more

भैय्या फौजी

संदेशा हमरा के, मिलल बाटे, खास हो सगरों मनसा, पूराई तोहरा, आश हो सरहद से, आईल बाटे, भैय्या के तार हो दुश्मन ढेर करे, सीमवा के पार... Read more

डूब रही नवका सरिता में, मैं माझी परेशान

अर्णव की गहराई में, व्यथा बनी तूफान किसके लिए जिऊंगा यारों, क्या मेरी पहचान अपने शत्रु से बढ़कर के, साधे तीर कमान डूब रही नवका सर... Read more

कॉलेज का प्रेम

शीर्षक :- कॉलेज का प्रेम जैसे जैसे बच्चे/बच्चियों का उम्र बढ़ता जाता है,उनके ऊपर जिम्मेदारियों का बोझ स्वत: ही बढ़ता जाता ह... Read more

कर्ण कुन्ती संवाद

पांव रुके मन नहीं है माने ब्रह्म पहर में चली मनाने सरिता के तट पर जा करके फैलाई आंचल खुद धरके सत्य कहूं या मांगू भीक्षा तेरे हा... Read more

वैश्विक महामारी कोरोना

वैश्विक महामारी कोरोना एशिया महाद्वीप के उस देश में जो विश्व में जनसंख्या के दृष्टि से प्रथम स्थान रखने वाला देश चीन के वुहान शहर मे... Read more

अतीत के पन्नों से

क्यों अतीत के पन्नों को पलट पलट कर जीते हो जो कुछ घाव मिले अपनों से,क्यों उसको नहीं सीते हो नरका अदम्य के साहस का जलती चिंगारी बुझ... Read more

समय की मांग

ब्रह्मांड में अनेक प्रकार से गतिविधियां हो रही हैं,ग्रहों आकाशगंगा, सौर पिंड,सौर्य मंडल,उपग्रहों का खोज शोध,खगोल शास्त्र अपने अनुसंध... Read more

प्रेम और प्यार

सदियों से प्रेम और प्यार की कहानी सभी लोग सुनते आ रहे हैं,प्रेम और प्यार एक ही सिक्का के दो पहलू हैं,प्रेम और प्यार एक दूसरे के पर्य... Read more

स्वाभिमान

स्वाभिमान स्वयं में इतना धीर गंभीर होता है,जिसमें अहम लेस मात्र नजर नहीं आता है,उसे बस डर है तो केवल अपने पुरखों के सद्भाव रुपी प्रत... Read more

प्रार्थना

चापलुसी चाटुकता परिधि में स्वयं विवेक क्षीणता हर विधि में कूटि नीति बजती बीन है लोलुकता में कर विहीन है स्वपन खुली नेत्रों में ... Read more

कर्ज

तीनो लोक में देव से लेकर दिक पाल यक्ष मनुष्य कौन है,जो कर्ज का परिपोषक नहीं है,राजा रंक कोई ऐसा है,जो कर्ज के बीना चला है,कर्ज जीवन ... Read more

आशा की अर्चि डूबत है, पयोनिधि के नीर

विषम परिस्थिति के परिधि में, भूली अपनी वाट विवश हुई बैठी नौका में,नहीं नाविक, नहीं घाट दुहिता के,करूणा गाथा की कैसे कहूं पीर आशा ... Read more

विनय राग से जुड़ना सीखों

संघर्ष के द्वार खोलना सीखों अपने आप से मिलना सीखों सौगात कसम तुम अड़ना सीखों न प्रकृत से लड़ना सीखों धैर्य पथिक तुम चलना सीखों वि... Read more

शतरंज

परिवार के पटल पर आज से नहीं युगो- युगो से शतरंज का विषाद बिछाया जा रहा है,आज के मानव समाज में यह तो लगभग-लगभग सभी परिवार में है,कि क... Read more

स्वर्ग में पीड़ा

अति विस्मय का बात आप लोग सोचेगे,कि स्वर्ग में पीड़ा,कहीं स्वर्ग में भी पीड़ा मिल सकता है क्या वसुंधरा के गोद में अम्बर के आ... Read more

श्मशान की पूजा

हिंदू धर्म के पौराणिक ग्रंथ में मनुष्य का शव पंचतत्व में विलीन होता है,श्मशान भूमि के नाम से विख्यात होता है,श्मशान का नाम सुनते ही ... Read more

आजाद हिन्द,फ़ौज के,आजाद सिपाही

बढ़ती गयी टोली,चलती रही लड़ाई स्वतंत्रता की मंजिल,करीब थी आई हर कठिन डगर से,गुजरे मेरे सिपाही आजाद हिन्द,फ़ौज के,आजाद सिपाही श... Read more

मंजिल का कांटा

पूर्णिमा का चांद पूरे आसमान में तारों के बीच एक कमल पुष्प के भांति सुशोभित हो रहा है,जैसे तालाब में खिला कमल,अन्य पौधों के पुष्पों स... Read more

किस्मत के देवता

जगदीशपुर गांव में एक निम्न कोटि का परिवार निवास करता था,उस परिवार में तीन भाई थे,राजेंद्र सिंह,धर्मेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह,तीनो ... Read more

अदृश्य सीढी

एक विशाल वट वृक्ष अपने विशालकाय रूप के लिए,जगतपुर गांव के आस-पास के गांव में अपने विशालतम् रूप के लिए प्रसिद्ध हुआ करता था जो लगभग स... Read more

आडम्बर का पिण्डदान

हमारे भारत देश में वेद,पाठ-शास्त्रों का बहुत ही महत्व है,अपने आप में भारत ही विश्व में एक इकलौता देश है,जहां पर अनेक देवी देवता मानव... Read more

वीरों की सहादत भूल गए

हर एक पत्ता चौक नीम का,टूट टूट गाथा गाता है ए स्मारक प्रयाग राज की,क्रांति व्यथा बतलाता है स्वराज भवन की दीवारे भी,छावनी कथा सुनाए... Read more

राष्ट विधा पर जीवन अपना अर्पित करता हूँ

स्वच्छंद काव्य धारा ही प्रेषित करता हूँ मन के कलुषित भाव ही हर्षित करता हूँ साहित्य की पूजा को ही रक्षित करता हूँ राष्ट विधा ... Read more

रो उठी है,आत्मा

चार दीवारों से घिरा एक छोटा सा कक्ष में राजू कुर्सी पर बैठकर,कुछ किताबें पढ़ रहा था,तभी एका-एक राजू का ध्यान,अपने आपबीती घटनाओं का ... Read more

राहें तू मंजिल....

कौन से गुनाह की,सजा मिल रही है धैर्य पथिक के,लिए क्या सही है पथ के कर्म पर,वहीं के वहीं हैं राहे तू मंजिल,कहीं ना कहीं है बता ... Read more

गम के आंसूओं....!

बीजक के परिभाषाओं से,हम जैसे अंजान हैं विलोमिता के पृष्ट पर,खींचे खड़ा संधान हैं माया के तारुण्य के,लिए सदा परेशान हैं गम के आंसू... Read more

स्वार्थ-पूर्णता में भूले जा रहे आचरण

लोभ के परितोषता में खो रहे संस्कृतियाँ माया मिलन के साथ में रचते रहे नीतियाँ नीति के अनित में सजा रहे अनेक रण स्वार्थ-पूर्णता में... Read more

अनमोल रिश्ता

प्रयागराज त्रिवेणी संगम के पास धरती के कटरा स्थान पर अपने भाड़ा के रूप में टेबल पर,किताब पेन कुर्सी पर पढ़ने बैठा था,राजू जो अपनी छः... Read more

मेरा गांव मेरा पहचान

ऋषियों मुनियों की पावन धरती तमसा तट पर बसा मेरा नगर जो अपने आप में एक अद्भुत और अलौकिक अंतरिम ऊर्जा शक्ति का स्रोत्र का खदान कहे जा... Read more

आग में

पुर्वजों के आन का खो रहा सम्मान हूँ आदर्शिता के ज्ञान का पी रहा अपमान हूंँ पीपल की छांव छाया मांगता बबूल से दिखावटी मनुष्य ही चु... Read more

वृक्ष(पीपल) की सीख

दृढ़विश्वास एक ऐसा बंधन है,जो हर एक व्यक्ति को सुदृढ और सशक्त बना देता हैं,चाहे वह व्यक्ति जितना भी कमजोर हो,एक समय की बात है,जब उत्... Read more

पूर्वजों पर दोष

दिवाली छठ का त्यौहार बीत गया था,तिवारी जी का पूरा परिवार पूणे शहर से अपने गांव वंशी गाजीपुर उत्तर प्रदेश को नवंबर के अंतिम सप्ताह मे... Read more

विधवा विलाप

सम्मान में न जाने कैसा मिला अभिशाप है आश के विश्वास में,मुझको मिला संताप है लाली-वाली बिंदियाँ छूटी,छूटा पाव महावर का क्या कसूर ... Read more

तुम्हारा अस्पताल हूँ

रोग-रोगी का मैं ही पटल हूँ हसते रोते खड़ा मैं अटल हूँ चैतन्य कलेवर का रिश्ता सरल हूँ मैं ही तुम्हारा अस्पताल हूँ उज्जवल को जन्... Read more

शक्ति साध्य तुम्ही हो भाई

ना जाने क्यूँ हुई बिदाई, सहा न जाए तेरी जुदाई, मंजिल पथ पर लडू लड़ाई, समय भी लेती है,अंगड़ाई, भक्ति भाव का तू परछाई, शक्ति साध... Read more

मेरे प्यार की रूकावट

मई का महीना था,सुबह के 7:00 बज रहा था,मनिष एक रिश्तेदार के घर गया हुआ था,वहां से अपने घर आने में 9:00 बज ग,घर पर आने के बाद फिर bank... Read more

आजादी और हम

इस आधुनिक युग में हम आज इतना आगे निकल गए हैं, जिसकी सीमा का हमें पूर्णता ज्ञान नहीं रह गया है हम और आगे-और आगे, आज,बढ़ने की तरफ विचा... Read more

शोक में मानवता,मानवता-हीन हो गई

घाव पर भी,घाव का,बड़ा वार,दे गए लाचार ही,मुक्ति का,दरबार दे गए गंभीर कूटनीतिया ही,बीन हो गई शोक में,मानवता,मानवता-हीन हो गई द्... Read more

लोकतंत्र के हत्यारे.....!

जन जन के,दायित्वों को,एक वादा देने आएंगे, अस्तित्व हीन,व्यक्तित्वों को,इरादा देने आएंगे, गली-गली के चौबारों में,नोट बाटने आएंगे, ... Read more

फाल्गुन महिनवा

पतझड़ महीना नई आश लेई आईल अमवा बऊर देखी मन हर्षा-ईल पौधा पुष्प खिला दी अंगनईयाँ फाल्गुन महिनवा में धली रेल गाड़ियाँ रतिया में ... Read more

बागी....नशीब को

दिल में उठ रही है,रंगेज की आवाज़े, हसरत भी बना लेंगे,महफील में ताजे-ताजे गुस्ताखियो में लूट ना,हम जैसे हबीब को बागी बना लूँगा,डूब... Read more

आत्मा के संग

वे दिन ऐसे थे कि अभी तक जीवन से नहीं भूल पाए,जो पथिक के लिए अग्रणी बन मुझे चेतना से जागृत कर सात्विक कि तरफ ले चलने को, मेरा हाथ पक... Read more

निष्ठा मेरा वतन के लिए

निष्ठा मेरा बस,वतन के लिए बना हूं मैं प्रहरी,चमन के लिए ए तिरंगा मेरा यू, फहरता रहे मैं सवरता रहूं,ए लहरता है सहादत शहीदों की... Read more

मैं महावर बनूंगा तेरे पाव का

मेहंदी मेरे लहू का,लगा लो सनम मैं महावर बनूंगा, तेरे पाव का जनाजे पे ओढ़नी,कफन हो जानम आंसुओं का दिखावा,किस भाव का मेहंदी मेरे ल... Read more

अशिया लगाए बैठी

वदनी के शब्दों से,करुणी कहानी बाखर में तुलसी,माँ से कहती है रानी नईखे सहा-तारे,वियोगवा के रोग हो सावन के हरियर,सुखल कियारी अशिया... Read more