Er Dev Anand

Joined August 2017

दिमाग से इंजीनियर
दिल से रचनाकार !

वस्तुतः मैं कोई रचनाकार नहीं हूँ, मैं एक इंजीनियर हूँ ।
मैं वही लिखता हूं जो मेरी आंखें देखती हैं और दिल समझता है उन्हें को कलम के सहारे में व्यक्त कर देता हूं पेज पर।
बहुत ज्यादा साहित्यिक भाषा नहीं आती है। पर प्रयास रहता है ज्यादा से ज्यादा सीखने का ज्यादा से ज्यादा आपकी रचनाओं को पढ़ने का और समाज के लिए कुछ करने का।

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वो बचपन के दिन !

वो बचपन के दिन भी कितने सुहाने थे हम अपने में मस्त औरों से बेगाने थे । ना पता था चिंता क्या है ? नासमझ थी चिंतित क्यों है ? ... Read more

14 सितंबर हिंदी दिवस

आज 14 सितंबर है आज का दिन हमारे देश के लिए और हमारे देशवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। आज "हिंदी दिवस" है! हिंदी एक भाषा ही नही... Read more

खुली चुनौती

नहीं माने बात हमारी किया प्रयास कई बार लेकिन हर बार समझे शांति और बातचीत को हमारी कमजोरी । हुई जब जगहंसाई चहुँओर बात तब स... Read more

सवाल ????

हादसे तो हो रहे हर रोज तो क्या ? घर से निकलना छोड़ दें ! वक्त बेवक्त गम आते रहते हैं तो क्या ? मुस्कुराना छोड़ दें ! हर ... Read more

परदेसी

जब भी देखता हूं फोटो देश की अपनी इंटरनेट पर भर जाता है दिल उमंग से जगता है उमड़ता है देश प्रेम अपने आप से । बिछड़े ए... Read more

तुम हो तो..................

तुम हो तो सब कुछ है तुम हो तो सपने हैं तुम हो तो बहुत से रिश्ते अपने हैं तुम हो तो सपनों के रंग अलग है तुम हो तो ज... Read more

देशभक्ति 24×7

मत दिखाओ देशभक्ति सिर्फ 15 अगस्त और 26 जनवरी को दिखाओ देशभक्ति हर पल दूर करने में गरीबी, अशिक्षा और भ्रष्टाचार को। मत ज... Read more

कोई आने वाला है.....................

जब हर लाल में तुम्हें "बालगोपाल" नजर आए जब कोई बाल कर रहा हो जिद् खाने को दही मक्खन और मलाई आए मुस्कान सहज होठों.पर दे... Read more

फर्क

" मम्मी दादी की तबीयत अब कैसी है ? पहले से कुछ सुधार हुआ है या नहीं बहुत मन कर रहा है। उन्हें देखने को कहो तो एक-दो दिन के लिए आ जाऊ... Read more

तुम्हारा एहसास

मौजूदगी तुम्हारी मुझे एक अलग एहसास दिलाती है मेरे हर पल को खास बनाती है खुशनुमा हो जाता है वह पल जब तुम पास होते हो । भूल ... Read more