मैं काशी (उत्तर प्रदेश) का निवासी हूँ । काव्य/गद्य आदि विधाओं में लिखने का मात्र प्रयास करता हूँ । समय-समय पर प्रतिष्ठित समाचार पत्र, पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित होती रहती हैं। दार्शनिक, सांस्कृतिक, मनोवैज्ञानिक, आध्यात्मिक व तार्किक लेखन में रूचि द्वारा मात्र मेरा उद्देश्य हमारी मातृ भाषा- देवनागरी हिन्दी के उत्थान में यथा संभव योगदान देने से है!
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~*~*~*जिंदगी और हम*~*~*~

जिंदगी और हम *~*~*~*~*~*~* "कुछ रास्ते ढूँढें जीने के वास्ते, कुछ सपने पलकों पर लिए हँसने के वास्ते! अजब मंजर जिंद... Read more

~~!!अबोध बालपन!!~~

~~!!अबोध बालपन!!~~ ******************* "स्वयं के, असुरक्षित भविष्य से, अनजान! गैर जिम्मेदाराना, परवरिश से, हैरान! बच... Read more

~~!!~~गर~~!!~~

~~!!~~गर~~!!~~ ******************** "ग़र, साँचों में ढले दिन-रात होते, लफ़्जों में लरजते ना जज़्बात होते! ग़र, होती आरज़ू मंजिल... Read more

~~ये कैसी रफ़्तार??~~

~~ये कैसी रफ़्तार??~~ ****************** "सफर, संभावनाओं में कटता रहा! शीतोष्ण, भावनाओं का बटता रहा! कहीं सर्द थपेड़े, तो... Read more

!~जिन्दा लाश~!

***************** !~जिन्दा लाश~! ***************** "मरी आदमियत संग - लाशें जिन्दा हैं! स्वार्थ जिन्दा है! ज़ज्बात ... Read more

~~**!!मन की उहापोह में अक्सर साए का साथ!!**~~

~~**!!मन की उहापोह में अक्सर साए का साथ!!**~~ !!~~~~!!~~~~~!!~~~~~!~~~~~!!~~~~~!!~~~~!! वो तसल्ली पे तसल्ली मुझे देता रहा! मै... Read more

पीपल का पत्ता

!!!!~~~~~~~~~~ पीपल का पत्ता ~~~~~~~~~~!!!! ****************************************** पीपल का पत्ता, जब गुलाबी कोपलों की नर्म खिड़... Read more

!!नेता!!

*********************** ~~~~~!!नेता!!~~~~~ *********************** "मौसमी बारिश में, शब्दों के शातिर पतंगे! उड़ते हुए ग... Read more

{निश्छल प्रकृति व छली मानव}

{निश्छल प्रकृति व छली मानव} ======================== "मै करती मौन व्रत, तू - मिथ्या फलाहार! मै निराकार की उपासक, तू अर्च... Read more