हम स्वयं अपने भाग्य विधाता हैं यह देश हमारा है हम ही इसके भी निर्माता हैं क्यों इंतजार करें किसी और के आने का देश बदलना है तो पहला कदम हमीं को उठाना है समाज में एक सकारात्मकता लाने का उद्देश्य लेखन की प्रेरणा है।राष्ट्रीय एवं प्रान्तीय समाचार पत्रों तथा बीसियों औनलाइन पोर्टल पर लेखों का प्रकाशन फेसबुक पर ” यूँ ही दिल से ” नामक पेज व इसी नाम का ब्लॉग, जागरण ब्लॉग द्वारा दो बार बेस्ट ब्लॉगर का अवार्

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सरकार की प्रथम जबाबदेही जनता के प्रति है लोकसेवकों के प्रति नहीं

सरकार की प्रथम जबाबदेही जनता के प्रति है लोकसेवकों के प्रति नहीं वैसे तो भारत एक लोकतांत्रिक देश है। अगर परिभाषा की बात की जाए तो ... Read more

क्यों न दिवाली कुछ ऐसे मनायें

क्यों न दिवाली कुछ ऐसे मनायें दिवाली यानी रोशनी, मिठाईयाँ, खरीददारी , खुशियाँ और वो सबकुछ जो एक बच्चे से लेकर बड़ों तक के चेहरे पर ... Read more