Mahender Singh

महादेव क्लीनिक, मानेसर 122051

Joined August 2017

स्नातक(आयुर्वेदाचार्य) विधा:- कविता, हास्य- व्यंग्य, शेर,गजल, कहानी,मुक्तक,लेख,

Books:
जीवन एक अभिव्यक्ति
Jivan ek Abhivyakti

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बज़्म 2

हमने सुन ली तुम भी सुन लो अपने दिल से अज़ब कहानी छूट जाये तो कहना मन से बेईमानी दिख रहा है सतत खडा है सुनो कहानी फितरत देती म... Read more

इंसान की मनुष्य से अरदास

भले गरीब हैं अशक्त असहाय नही, इंसान ही हैं बस इतना सा संभलकर बोल लेना, इंसाफ की जुर्रत नहीं है मुझे, हो सके तो खुद को परख ल... Read more

तमस् से जागरण की ओर.

आये है हम प्रेमी बनकर, हर नफरत को मिटा देंगे, लाख फैला दो पाखंड आज, हम जागरण मनाने आये हैं , जल रहा शहर आज क्रोध से, प्रेम ... Read more

परिंदे

दीवाने तुम नहीं परवाने हम नहीं, कम से कम परिंदे ही बन देख लेते. . कभी प्रभावी कभी प्रवासी तनिक, सरहदें तोड़ कर जीना सीख लेते .. ... Read more