डॉ मधु त्रिवेदी
प्राचार्या शान्ति निकेतन कालेज आगरा
स्वर्गविभा आन लाइन पत्रिका
अटूट बन्धन आफ लाइन पत्रिका
झकास डॉट काम
जय विजय
साहित्य पीडिया
होप्स आन लाइन पत्रिका
हिलव्यू (जयपुर )सान्ध्य दैनिक (भोपाल )
सच हौसला अखबार
लोकजंग एवं ट्र टाइम्स दिल्ली आदि अखबारों
में रचनायें
विभिन्न साइट्स पर परमानेन्ट लेखिका

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सिला देना

कभी यूँ रूठकर हमको मुहब्बत का सिला देना मनाऊँ आपको हर छन न फिर से यूँ थका देना घुमड़ बदरा कहे जब हाल तेरे इश्क का हमसे नयन के इ... Read more

बन्धन में मुहब्बत

बन्धन में मुहब्बत के हर रोज बधे होंगे सारी कठिनाई को हम दूर करे होंगे होगा मन तेरा व्याकुल वक्त किसी तो मैं हर पल डग मेरे तेरे... Read more

बला खूबसूरत

बला खूबसूरत दिखे चाँदनी तू मगर चाँद तेरा निकलता नहीं है पिया रूप तेरे लिए ही सजा जब जरा जेहन में उतरता नहीं है Read more

असत पर सत्य

असत पर सत्य को अब जिताए सभी रामराज्ये धरा पर बनाए सभी आज रावण सदाचार से युक्त ना रोज हर मिल उसे हम जलाए सभी Read more

नयन के बिना

नयन के बिना प्रेम पलता नहीं है पले जब कहाँ आह भरता नहीं है अधूरी रहे साँस पिय याद में जब इधर औ उधर चित्त रमता नहीं है Read more

मुक्तक

जब नजर तेरी पड़ी हम खूबसूरत हो गए अब जुदा कैसे रहे जब आप आदत हो गए हम तुझे सस्ते लगे इतने कि इक दो बार में राह तुझको क्या मिले ... Read more

गीत तेरी प्रीत के

गीत तेरी प्रीत के मचले से सागर तो नही है वेदना से सिक्त कोई प्रेम गागर तो नही है प्यार की परिणति गहन होकर मिटाने है लगी जब घाव ... Read more

देश को बचालो

अब देश को बचालो अपने ही दुश्मनों से वह प्रभु सदा बचाये देश मुश्किलों से पलते रहे दिलों में यूँ भेद आज हममें होता रहा सदा बँटवारा... Read more

मुक्तक

छोड़ धरती को चढ़े अम्बर गये एक दूजे के बने दिलबर गये इश्क़ का सुन्दर सलोना सा जहाँ डूबकर जिसमें गहन सागर गये Read more

मुक्तक

कोई दिखता जब भूखा भोजन को खिला देना घर में रहता तू बेघर को भी तो बसा देना तू काम किसी के आया अब तक न इसलिए नादान दिलो़ में भगवान... Read more

नोट

नोट आज हो गये है सब बेकार काम काज कर न पाऊँ हूँ लाचार भीड़ जो कतार में जेहन सुलगे आग जो जमा हुई वही दिखती बेगार Read more

शरारत हो गई

मिले प्रेमी शरारत हो गयी है जमाने को शिकायत हो गयी है लड़ी जो आँख से आँखे हमेशा तड़प से फिर हरारत हो गयी है Read more

रहा करते

जो लोग रहा करते सागर के किनारे है जीते रहते वो पानी पीकर खारे है तुम छोड़ विदेशी बस उपयोग करो देशी गूँजे अब लोगों में केवल यह ... Read more

देश -परदेश

छोड़ के देश परदेश तू क्यों चला नोट की चाह में तू जुदा हो चला रोज अपनी भूमि को करे याद वो छोड़ यह देश नूतन जहाँ को चला Read more

मचा शोर

क्यों मचा शोर है मन छुपा मोर है भाग जाये कहाँ बस नजर चोर है Read more

अहसास काफी नहीं

बस तेरे होने का अहसास काफी नहीं मुझको छू लेने को क्षण खास काफी नहीं हद से मैं जाकर कुछ कर के गुजर जाऊँ केवल बात तेरी ही है तो साथ... Read more

देख रहा होगा

देख रहा होगा जहाँ के हालात कोई फरिश्ता जुल्म मिटाने को कभी उतरेगा कोई फरिश्ता बेशरमाई झूठ मक्कारी की हदों को रोकेगा जग का कल्याण... Read more

दुर्गा माँ

हर बरस चली आती मेरी दुर्गा माँ कष्ट सभी हर के जाती है दुर्गा माँ जोड़े हाथ तुझे हर बार पुकारूँ मैं छोड़ सभी धाम चली आए दुर्गा माँ Read more

जारी है

अस्मत इनकी तार -तार करना जारी है रूह इक पर अनगिनत जिस्म पुजारी है आत्म नर पिशाचों का गंदगी में खो गया खेल जो परदें के पीछें नारी... Read more

मुक्तक

जब पुकारेगा खुदा सब कुछ धरा रह जायेगा छोड़ दुनियाँ रूह से अपनी जुदा रह जायेगा रुप अपना तू निखारे देख कर के आयना एक तेरा रेत का मह... Read more

रह जायेगा

जब पुकारेगा खुदा सब कुछ धरा रह जायेगा छोड़ दुनियाँ रूह से अपनी जुदा रह जायेगा रुप अपना तू निखारे देख कर के आयना एक तेरा रेत का मह... Read more

जारी है

अस्मत इनकी तार -तार करना जारी है रूह इक पर अनगिनत जिस्म पुजारी है आत्म नर पिशाचों का गंदगी में खो गया खेल जो परदे... Read more

गजल है

निछावर जान यारी पर करना गजल है गमें दिल को लफ्जों में लिखना गजल है बदलती हूँ करवट यादों में किसी की दर्दों को मुहब्... Read more

झनन-झनन वारिस बन

झनन झनन बारिश की बूँद सी , मैं बरस बरसत जाऊँ । पैर में बाँध के पाजनियाँ घुघरू ,ठुमक - ठुमकत जाऊँ ।। दे प्रभो बारिश दे हर बार ऐसी ,... Read more

गगन पार

गगन के पार है जिनका ठिकाना अछूती यह धरा दिल शामियाना इस लोक से उस लोक जाते जो वही पूर्वज दे सबको आशियाना Read more