Kalpana Gavli

Joined November 2018

हिंदी से नाता है, भारतीय संस्कृति के प्रति लोगों को प्रेरित किया जाए और इस कार्य के लिए हिंदी भाषा सर्वश्रेष्ठ माध्यम है। कविताएं और आलोचनात्मक आलेख लिखती हूं।

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एहसास

मैं जिंदा हूँ शब्दों के भीतर यह एहसास हो रहा है खुद को, न जाने कितने तूफ़ान मचे हैं दिल के नाजुक कोने में मेरे, हमेशा मेरी कल... Read more

फिर संभल जाउंगी

जिंदगी को जितना समझने की कोशिश की है, उतनी ही ज्यादा, उलझनों से भर जाती है | जिंदगी को हर बार जीतने के लिए दांव लगाती हूँ, व... Read more

माँ

कड़ी धूप में, जाड़े में, बारीश में, कभी रुकती नहीं, माँ की इबादत, है धरती –सी तू, सारे जहाँ का बोझ उठाती हुई, संवेदनाओं में बहती-स... Read more