नाम : डॉ गोरख प्रसाद मस्ताना
जन्म तिथि : 01 फ़रवरी, 1954
निवास : “कव्यांगन”, पुरानी गुदरी, महाबीर चौक
बेतिया, पश्चिमी चंपारण, बिहार – 845438
शिक्षा : एम.ए. (त्रय), पीएच -डी (हिंदी)
प्रकाशित पुस्तक : (1 )जिनगी पहाड़ हो गईल (भोजपुरी काव्य संग्रह) ( जयप्रकाश विश्वविध्यालय, छपरा एवं वीर कुंवर सिंह विश्व विद्यालय, आरा के एम ए (भोजपुरी) पाठ्यपुस्तक)

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तीन छंद

आग इर्ष्या की जलाती उसे जो जलता है जैसे लकडी कोई जलती है राख होती है हम जो कल थे वही हैं आज,मुस्कुराते है गमों के बीच भी, मस्त... Read more

उत्साह

तुम्हारा उत्साह जैसे तम के वक्ष पर प्रकाश की एक किरण वियावान जंगल में कुलांच भरता एक हिरण उदासी को चीरता एक तीर जेठ की दुपहरी ... Read more

गुरू वन्दना

गुरू वन्दना राम बलराम श्री कृष्ण को पढाई जिन्ही तिन्हि के चरण शीश कोटिश: नवाऊँ मैं देवन में देव महादेव से महानगुरूजन चरनन स्नेह... Read more

मेरा गाँव

हाथ बाँधे सच खड़ा है असत्य की मुट्ठी में कैद कराहता, अश्रु बहाता उपेक्षा प्रताड़ना का गीत गाता छलावे की राजनीति से त्रस्त बह... Read more