साहित्य अध्येता

Books:
साझा संकलन
कुंडलिनी लोक (संपादक – ओम नीरव)
संपादित
दोहा संगम (दोहा संकलन)
तुहिन कण (दोहा संकलन)
समकालीन कुंडलिया ( कुंडलिया संकलन)
मौलिक
स्वांतः सुखाय (दोहा संग्रह)
शब्दों का अनुनाद ( कुंडलिया संग्रह)
Awards:
दोहा शिरोमणि सम्मान
मुक्तक शिरोमणि सम्मान
कुंडलिनी रत्न सम्मान
काव्य रंगोली साहित्य भूषण सम्मान
साहित्यदीप वाचस्पति सम्मान

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दोहे

दोहे- पूजा और नमाज़ की,उसको क्या दरकार। उठकर करता हर सुबह,जो माँ का दीदार।।1 माँ की जो सेवा करे,बनकर श्रवण कुमार। खुल जाते उसक... Read more

दोहे

दोहे- इस तकनीकी दौर ने ,बदल दिए हालात। रखता कौन सहेज अब,चिट्ठी में जज़्बात।।1 भौतिक सुख की लालसा,करवाती है पाप... Read more

दोहे

दोहे फटती नहीं बिवाइयाँ, जब तक अपने पैर। ज्ञात नहीं होता कभी,क्या दुख सहता गैर।।1 ओखल के अंदर रहें ,और चोट से दूर। जिनको आ... Read more

दोहे

दोहे- राजनीति ने कर दिया,कितना काम महान। जाति-धर्म में वोट हित,बाँट दिए भगवान।।1 शैशव प्यारी भोर है,यौवन दिन अभिराम। वृद्धावस्... Read more

दोहे

दोहे भावों की बिंदिया लगा,कर भाषिक सिंगार। आई कविता कामिनी,सज धज मन के द्वार।।1 शब्दों के लालित्य की,अधर लालिमा साज। कविता बन ... Read more