साहित्य अध्येता

Books:
साझा संकलन
कुंडलिनी लोक (संपादक – ओम नीरव)
संपादित
दोहा संगम (दोहा संकलन)
तुहिन कण (दोहा संकलन)
समकालीन कुंडलिया ( कुंडलिया संकलन)
मौलिक
स्वांतः सुखाय (दोहा संग्रह)
शब्दों का अनुनाद ( कुंडलिया संग्रह)
Awards:
दोहा शिरोमणि सम्मान
मुक्तक शिरोमणि सम्मान
कुंडलिनी रत्न सम्मान
काव्य रंगोली साहित्य भूषण सम्मान
साहित्यदीप वाचस्पति सम्मान

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खून का रिश्ता

सड़क के किनारे खून से लथपथ पड़े हैप्पी सिंह पर जब शिशिर की अकस्मात नज़र पड़ी तो वह उन्हें अस्पताल लेकर पहुँचा और उन्हें भर्ती कराया... Read more

खून का रिश्ता

सड़क के किनारे खून से लथपथ पड़े हैप्पी सिंह पर जब शिशिर की अकस्मात नज़र पड़ी तो वह उन्हें अस्पताल लेकर पहुँचा और उन्हें भर्ती कराया... Read more

# हलचल #

"अब तो आप बुड्ढे हो गए हैं।"कानों के पास आई सफेदी को देखकर श्रीमती शर्मा ने कहा। "अरे! इसमें कौन-सी नई बात है? एक दिन सबको ही बुड्ढ... Read more

जनहरण घनाक्षरी

जनहरण घनाक्षरी ( 30 लघु वर्ण चरणांत 1 वर्ण दीर्घ। 8,8,8,7 पर यति) घन नभ गरजत ,रिमझिम बरसत, अनुपम छवियुत ,सब हरित धरा। तरु... Read more

कृपाण घनाक्षरी

कृपाण घनाक्षरी - 8,8,8,8 वर्णों पर यति और अंत्यानुप्रास, अंत में गुरु लघु अनिवार्य । (1) रूपराशि बनी ... Read more

मनहरण घनाक्षरी

मनहरण घनाक्षरी -8,8,8,7वर्णों पर यति,चरणांत में लघु ,गुरु । छंदबद्ध करने हैं,शब्द काव्य नाम यदि, मात्रा विधान पहले,सभी सीख ल... Read more

देव घनाक्षरी

देव घनाक्षरी - 33वर्ण 8,8,8,9 पर यति; अंत में लघु,लघु ,लघु अनिवार्य । (1) भीगती है गोरी जब,सावन की बारिश में... Read more

रूप घनाक्षरी

रूप घनाक्षरी मापनी- 8,8,8,8 वर्ण पर यति, अंत में गुरु लघु अनिवार्य लगा है आषाढ़ मास,शुरू बरसात हुई, धानी ओढ़ चुनरिय... Read more

विजया घनाक्षरी

विजया घनाक्षरी- ( 32 वर्ण।8,8,8,8 पर यति। यति के अंत में नगण अनिवार्य ) (1) बजें चूड़ियाँ खनन,घूमे सजनी ... Read more

जलहरण घनाक्षरी

जलहरण घनाक्षरी 8,8,8,8 पर यति; अंत में लघु लघु अनिवार्य आया है सावन मास ,शुभ दिन सोमवार, गूँज रहा चहुँदिशि, महाद... Read more

कमाऊ बेटा

#कमाऊ बेटा#( पितृ दिवस पर विशेष) हैलो,कौन ? कैसे हो बिभोर बेटा? अरे पापा! आप,मैं बिल्कुल ठीक हूँ । आप सब कैसे हैं ? हम सब भी ठ... Read more

ईनाम

#ईनाम # फोन की घंटी बजने पर जब सविता ने फोन रिसीव किया तो उधर से आवाज़ आई- "हैलो सविता, मैं नेहा बोल रही हूँ।" "अरे ! मेम साहब ,आप... Read more

सर्वगामी सवैया

सर्वगामी सवैया (तगण ×7+ गुरु गुरु) जाते नहीं जो कभी दूर देखो ,वही लोग होते नहीं साथ मेरे। संसार साथी किसी का नहीं है ,यहाँ भो... Read more

महाभुजंग प्रयात सवैया

महाभुजंगप्रयात सवैया (यगण×8) महा नीच पापी पुजारी न ध्यानी, प्रभो चाह मेरी तुम्हें मात्र पाना। पता है मुझे अल्पज्ञ... Read more

महामंजीर सवैया

महामंजीर सवैया- मापनी - सगण×8+ लघु गुरु (1) नित सैनिक मार रहे अपने सरकार नहीं उनको सहलाइए। जग म... Read more

कुंतलता सवैया

कुंतलता सवैया मापनी- सगण×8+2 लघु (1) अभिलाष यही उर भाव भरो हर गीत बनें नित मातु सुहावन। छल दंभ मिटे अभिमान घटे करुणा भर दो कर दो... Read more

मंदारमाला सवैया

मंदारमाला सवैया - विधान-तगण×7+गुरु वागेश्वरी प्रार्थना ये सुनो, चेतना में मुझे शुद्ध संसार दो। वीणा बजे राग सारे सजे,हो अँधेरा... Read more

वागीश्वरी सवैया

वागीश्वरी सवैया -(यगण×7+ लघु गुरु) 1) कृपा ये करो मातु वागीश्वरी छंद का पूर्ण ज्ञानी बना दो मुझे। मिले ज्ञान जो भी रहूँ बाँटता मा... Read more

सुंदरी सवैया

सुंदरी सवैया - (सगण×8+ गुरु) सब संकट दूर करे नित जो, वह प्राप्त करे यश और बड़ाई। नित कर्म सभी तज स्वार्थ करे, ... Read more

गंगोदक सवैया

गंगोदक सवैया(ऽ।ऽ रगण×8) मातु हंसासना पाणि वीणा सुनो भक्त तेरा पुकारे तुझे शारदे! ज्ञान दे दो मुझे मेट अज्ञानता ... Read more

मत्तगयन्द सवैया

मत्तगयंद सवैया छंद- भगण×7+गुरु गुरु ग्वाल सखा सब संग चले,सिगरे ब्रज घूमि मनावन होली। छेड़ि सबै मुसकाय कहैं ,कुछ ढंग विचित्र सुनावत... Read more

सुमुखी सवैया

सुमुखी सवैया (जगण×7+ लघु गुरु) पयोधर पीन दिखा त्रिबली ,हर अंग अनंग जगावति है। चले गजगामिनि-सी सजनी,कटि केहरि- सी लचकावति ह... Read more

अरसात सवैया

अरसात सवैया- (भगण×7+रगण) पावनता घर द्वार बढ़े मम, माँ घर में जब आप विराजती। धूप सुवासित हो घर आँगन,दीप जला करते तव आरती। की... Read more

चकोर सवैया

चकोर सवैया (भगण ऽ।।×7+ गुरु लघु) खोकर सैनिक मुश्किल है अब,भारत को धरना उर धीर। काट करें तन के टुकड़े हम, दें रिपु को हर निर्मम... Read more

मुक्तहरा सवैया

मुक्तहरा सवैया (जगण।ऽ।×8) ( 11,13 पर यति) न देश पुरातन भारत-सा ,जग में अब भी जिसकी पहचान। बसा उर अंतर त्याग जहाँ ,सुख वैभव का कर द... Read more

कुंडलिया छंद

कुंडलिया छंद- कौआ बोला व्यर्थ में ,मैं जग में बदनाम। वाणी कर्कश या मधुर,देना प्रभु का काम। देना प्रभु का काम ,रंग, पद, प... Read more

अरविंद सवैया

अरविंद सवैया ( सगण×8+लघु) अतिवृष्टि अकाल कभी करते ,नव रोग धरा पर क्रूर प्रहार। जन मानस व्याकुल पीड़ित है,अवसाद रहा उर पैर पसार... Read more

दुर्मिल सवैया

दुर्मिल सवैया ( सगण× 8) पहचान यही नर कर्मठ की वह बैठ नहीं कर को मलता। रह धीर गँभीर करे हर काम दिखे न कभी अति आतुरता। जिसक... Read more

किरीट सवैया

किरीट सवैया (भगण×8) बात करें सब कष्ट नहीं जब नेह दिखा निज गेह बुलाकर। आदर मान मिले सबसे यश - वैभव में नित शीश झुकाकर। स्वा... Read more

ग़ज़ल

ग़ज़ल नए दौर का है नया ये फसाना। सभी चाहते हैं बदन को दिखाना।। नहीं रिंद ने पी नशा चढ़ गया है, शुरू हो गए हैं कदम लड़खड... Read more

गुमान (लघुकथा)

गुमान शतरंज बोर्ड पर जब मोहरे लगाए गए तो राधा उन्हें बड़े गौर से देख रही थी।जब राधा के बड़े भाई- बहन शतरंज खेलने लगे तो एकाएक उसके ... Read more

नियति (लघुकथा)

नियति बुधई अपनी पत्नी और बेटी के साथ सुबह पांच बजे नोएडा से अपने गाँव सुल्तानपुर के लिए निकला।पूरा परिवार झोला लिए सरपट भागा चला ज... Read more

नाश्ता

नाश्ता अरे बहू, कहाँ हो? दस बज गए, अभी तक नाश्ता नहीं बना। बन रहा है माँ जी, बस अभी ला रही हूँ। क्या बनाया है? जल्दी लाओ।मुझे दव... Read more

बड़े साहब ( लघु कथा)

# बड़े साहब # लाॅक डाउन का पालन कराने के लिए अटल चौराहे पर तैनात पी आर डी जवान रामदीन ने जब आती हुई कार को रोका और उसके पास जाकर ... Read more

दोहे

दोहे- छल उत्पीड़न बेबसी,दुःख परीक्षा त्रास। इतना सा है जगत में,नारी का इतिहास।।1 चुपके से वह स्वप्न में ,आ जाती है पास। नहीं ... Read more

साइंटिफिक अप्रोच ( लघुकथा)

*साइंटिफिक अप्रोच* संध्या पूजन करके जब दादा जी अपने बिस्तर पर बैठे तो समृद्धि और औचित्य उनके पास पहुँचे और बोले, दादा जी आपकी पूज... Read more

कुंडलिया छंद

कुंडलिया छंद पारो है रूठी हुई,गुमसुम और उदास। उसे मनाने के लिए,जाना उसके पास। जाना उसके पास,नहीं है हृदय सबूरी। पथ हैं सारे ब... Read more

खुद्दारी( लघुकथा)

खुद्दारी ----------- जैसे ही गगन ने सड़क के किनारे , पेड़ के नीचे ,दोनों घुटनों को मोड़कर छाती से लगाए व्यक्ति के ऊपर कंबल डाला,वह... Read more

लेस्बियन

लेस्बियन (लघुकथा) हैलो! "कौन, आप पलक बोल रही हैं?" जी, मैं पलक ही बोल रही हूँ।आप कौन ? मैंने आपको पहचाना नहीं? मैं धनंजय बोल रहा ... Read more

औचित्य ( लघुकथा)

औचित्य ------------ फोन की घंटी बजने पर जब पुष्पा जी ने फोन उठाया तो दूसरी तरफ़ से आवाज़ आई, नमस्ते मैडम, मैं कमला भंडारी बोल रही... Read more

दोहे

दोहे बिपिन के (अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष) बेटी घर की शान है, बेटी सृष्टि स्वरूप। बेटी घर को दे रही,देखो रूप अनूप।।1।। ... Read more

दहेज में डिग्री

"दहेज में डिग्री" जनवरी के महीने में बाहर बैठकर धूप सेंकते हुए गुरुदेव ने जब अखबार उठाया और खोलकर देखा तो उसमें सी. पी.एम. टी का र... Read more

रिक्शे वाले गुरु जी

रिक्शेवाले गुरु जी "नहीं, आशु बेटा,इस तरह नहीं बोलते।विभु तो तुमसे बड़ा है।"रिक्शे वाले गिरधारी चाचा ने कहा। आशु बोला, विभु भइया ... Read more

शिव ताण्डव स्तोत्रम्

शिव ताण्डव स्तोत्रम् का भावानुवाद सरसी छन्द- जिनकी सघन जटाओं से है,निःसृत गंगा धार। पड़े गले में रहते जिनके, नित सर्पों के ह... Read more

बेड़ियाँ (लघुकथा)

बेड़ियाँ ------ रेणु जब विवाह के पश्चात अपने मायके आई तो अपनी प्रिय सहेली अनुभा से मिलने गई। अनुभा अपनी सहेली से मिलकर अत्यंत प्र... Read more

कंजूस (लघुकथा)

कंजूस( लघुकथा) कवि रत्नाकर 'हँसोड' ने एक प्यारा- सा गीत एक सप्ताह का समय लगाकर लिखा।एक - एक शब्द को तराशा,चमकाया।उनकी मेहनत रँग लाई... Read more

बद्दुआ (लघुकथा)

बद्दुआ अपने ग्राहक को विदा करके जब राधा, सुजाता की कोठरी में गई, तो देखा कि सुजाता गुमसुम बैठी है। राधा ने सुजाता से पूछा,क्या ... Read more

आहट (लघुकथा)

आहट (लघुकथा) ----- शाम को चाय पीते वक्त जब तारा ने अपनी सास की साँस फूलती हुई देखी तो कहा- अम्मा जी आप अपने खान-पान का ध्यान रखा क... Read more

सन्नाटा (लघुकथा)

सन्नाटा (लघुकथा) ऑफिस में गार्ड की नौकरी करने वाले राम बाबू को उदास बैठे देखकर मैंने पूछा- क्या हालचाल है रामबाबू? तबियत तो ठीक है?... Read more

माँ का गणित (लघुकथा)

माँ का गणित --------- दोपहर दो बजे चिलचिलाती धूप में चार किलोमीटर साइकिल चलाकर जब मोहन घर पहुँचा तो देखा माँ पहले से पानी का ग्ला... Read more