साहित्य अध्येता

Books:
साझा संकलन
कुंडलिनी लोक (संपादक – ओम नीरव)
संपादित
दोहा संगम (दोहा संकलन)
तुहिन कण (दोहा संकलन)
समकालीन कुंडलिया ( कुंडलिया संकलन)
मौलिक
स्वांतः सुखाय (दोहा संग्रह)
शब्दों का अनुनाद ( कुंडलिया संग्रह)
Awards:
दोहा शिरोमणि सम्मान
मुक्तक शिरोमणि सम्मान
कुंडलिनी रत्न सम्मान
काव्य रंगोली साहित्य भूषण सम्मान
साहित्यदीप वाचस्पति सम्मान

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कुंडलिया छंद

कुंडलिया छंद पारो है रूठी हुई,गुमसुम और उदास। उसे मनाने के लिए,जाना उसके पास। जाना उसके पास,नहीं है हृदय सबूरी। पथ हैं सारे ब... Read more

खुद्दारी( लघुकथा)

खुद्दारी ----------- जैसे ही गगन ने सड़क के किनारे , पेड़ के नीचे ,दोनों घुटनों को मोड़कर छाती से लगाए व्यक्ति के ऊपर कंबल डाला,वह... Read more

लेस्बियन

लेस्बियन (लघुकथा) हैलो! "कौन, आप पलक बोल रही हैं?" जी, मैं पलक ही बोल रही हूँ।आप कौन ? मैंने आपको पहचाना नहीं? मैं धनंजय बोल रहा ... Read more

औचित्य ( लघुकथा)

औचित्य ------------ फोन की घंटी बजने पर जब पुष्पा जी ने फोन उठाया तो दूसरी तरफ़ से आवाज़ आई, नमस्ते मैडम, मैं कमला भंडारी बोल रही... Read more

दोहे

दोहे बिपिन के (अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष) बेटी घर की शान है, बेटी सृष्टि स्वरूप। बेटी घर को दे रही,देखो रूप अनूप।।1।। ... Read more

दहेज में डिग्री

"दहेज में डिग्री" जनवरी के महीने में बाहर बैठकर धूप सेंकते हुए गुरुदेव ने जब अखबार उठाया और खोलकर देखा तो उसमें सी. पी.एम. टी का र... Read more

रिक्शे वाले गुरु जी

रिक्शेवाले गुरु जी "नहीं, आशु बेटा,इस तरह नहीं बोलते।विभु तो तुमसे बड़ा है।"रिक्शे वाले गिरधारी चाचा ने कहा। आशु बोला, विभु भइया ... Read more

शिव ताण्डव स्तोत्रम्

शिव ताण्डव स्तोत्रम् का भावानुवाद सरसी छन्द- जिनकी सघन जटाओं से है,निःसृत गंगा धार। पड़े गले में रहते जिनके, नित सर्पों के ह... Read more

बेड़ियाँ (लघुकथा)

बेड़ियाँ ------ रेणु जब विवाह के पश्चात अपने मायके आई तो अपनी प्रिय सहेली अनुभा से मिलने गई। अनुभा अपनी सहेली से मिलकर अत्यंत प्र... Read more

कंजूस (लघुकथा)

कंजूस( लघुकथा) कवि रत्नाकर 'हँसोड' ने एक प्यारा- सा गीत एक सप्ताह का समय लगाकर लिखा।एक - एक शब्द को तराशा,चमकाया।उनकी मेहनत रँग लाई... Read more

बद्दुआ (लघुकथा)

बद्दुआ अपने ग्राहक को विदा करके जब राधा, सुजाता की कोठरी में गई, तो देखा कि सुजाता गुमसुम बैठी है। राधा ने सुजाता से पूछा,क्या ... Read more

आहट (लघुकथा)

आहट (लघुकथा) ----- शाम को चाय पीते वक्त जब तारा ने अपनी सास की साँस फूलती हुई देखी तो कहा- अम्मा जी आप अपने खान-पान का ध्यान रखा क... Read more

सन्नाटा (लघुकथा)

सन्नाटा (लघुकथा) ऑफिस में गार्ड की नौकरी करने वाले राम बाबू को उदास बैठे देखकर मैंने पूछा- क्या हालचाल है रामबाबू? तबियत तो ठीक है?... Read more

माँ का गणित (लघुकथा)

माँ का गणित --------- दोपहर दो बजे चिलचिलाती धूप में चार किलोमीटर साइकिल चलाकर जब मोहन घर पहुँचा तो देखा माँ पहले से पानी का ग्ला... Read more

भटकता बचपन ( लघुकथा)

भटकता बचपन नव्या ज्यों ही ट्यूशन पढ़कर अपने घर के दरवाज़े पर पहुँची,पड़ोस में रहने वाला चार साल का बच्चा-प्रखर दौड़ता हुआ उसके पास... Read more

आइना (लघुकथा)

आइना दरवाजे की डोरबेल बजी तो भानु ने अपनी मम्मी से कहा-लगता है, दरवाजे पर कोई आया। उसकी माँ ने कहा-बेटा जाकर देखो तो कौन है ? ... Read more

ऊँचाई ( लघुकथा)

ऊँचाई (लघुकथा) विशाल के पिता की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण पढ़ाई-लिखाई में उसे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। वह समय ... Read more

अंतर सोच का (लघुकथा)

अंतर सोच का ----------- विद्युत विभाग में नौकरी लगने के बाद गाँव से लखनऊ आकर बसे वर्मा जी जिनके दो संतानें थीं - पहली बेटी,जो बड़ी... Read more

कविता पर टैक्स (लघुकथा)

कविता पर टैक्स- -------------------- विद्रोही जी ने सरस जी को फोन किया और कहा-अरे सरस जी,ज़रा टी.वी.खोलो और समाचार चैनलों पर चल ... Read more

बेड़ा गर्क ( लघुकथा)

बेड़ा गर्क- -------------- हैलो ,हैलो,सीमा ने चहकते हुए अपनी सहेली यामिनी से फोन पर कहा - आज मैं बहुत खुश हूँ। यामिनी- वह तो तुम्... Read more

फ़र्क (लघुकथा)

फ़र्क- मेधा को अपने मायके से आए हुए अभी एक घंटा ही हुआ था कि फोन की घंटी बजी।मेधा ने फोन उठाया-हैलो, कौन?उधर से आवाज़ आई,बहू मैं आप... Read more

राम जी का सपना (लघुकथा)

राम जी का सपना ----------------------- ब्रह्म मुहूर्त में पवनपुत्र ने कहा-प्रभु उठो।क्या हो गया आपको?पवनपुत्र की आवाज़ सुनकर प्रभु... Read more

आँचल ( लघुकथा)

लघुकथा- आंचल भव्या दो बजे स्कूल से आकर अपनी माॅम के आॅफिस से घर वापस आने का बेसब्री से इंतजार कर रही है क्योंकि उसे अपनी माँ से ... Read more

काला खून

काला खून -------- शाम को रामलाल अपने साहब मुखर्जी से मिलने के लिए चला तो उसका दस साल का पुत्र रमेश भी उसके साथ चल दिया ।मना करने... Read more

रेडीमेड नुस्खा

रेडीमेड नुस्खा (लघुकथा) बनवारी लाल मस्ती में झूमते हुए मार्निग वाॅक कर रहे थे, तभी उनकी मुलाकात परम मित्र सूरजमल जी से हुई, जो कुछ... Read more

छुट्टी

छुट्टी -------- रविवार को जब सुबह के 9 बज गए तो सुधा ने अपने पति राकेश को जगाते हुए कहा, अजी उठो भी अब, कब तक सोते रहोगे? राकेश ... Read more

ग़ज़ल

ग़ज़ल प्राप्ति प्यार की होने से दुख कम होने लगता है। यादों के मौसम में मन पुरनम होने लगता है।।1 भीड़ भरे चौराहे पर जब भी ... Read more

गीतिका

गीतिका- चाटुकारिता का गुण नर में,जब तक कड़ा नहीं होता। तब तक पद-सत्ता के पग में,कोई पड़ा नहीं होता।।1 दिल से कही बात जो जाती... Read more

अभिशाप (लघुकथा)

अभिशाप सुबह-सुबह जब ज़मील ने अपने पड़ोस में रहने वाले हरचरन सिंह को देखकर उनसे दुआ-सलाम की तो हरचरन सिंह ने बड़े बुझे मन से उत्तर द... Read more

नवगीत

एक नवगीत का प्रयास मत समझो जीवन को प्यारे, कोमल नर्म बिछौना। उबड़-खाबड़ पगडंडी- सा चलता तिरछा -आड़ा, कभी जेठ की तपती गर्मी... Read more

गीतिका

गीतिका- धीमा हुआ विकास ,यही तो चिंता है। हैं सब लोग उदास ,यही तो चिंता है।। करें उपद्रव खूब ,मुखर सब झूठे हैं, सत्य सहे उपहास... Read more

मुक्तक

मुक्तक- किसकी नज़र लगी है बोलो,अपने प्यारे भारत को। शांति छोड़ जिसने अपनाया ,दंगा और शरारत को। आगजनी हिंसा का ताण्डव,हर ओर दिखाई ... Read more

कहमुकरी

कहमुकरी- साथ न छोड़े करे ढिठाई। कैसे उसकी करूँ बड़ाई। उसको कभी न आए ब्रीड़ा। क्या सखि साजन?नहिं सखि पीड़ा।।1 उससे लिपट खूब सु... Read more

गीतिका

गीतिका- घृणा की कहानी सुनाते रहे। दिलों बीच दूरी बढ़ाते रहे।।1 भले बात बोलें सनी चासनी, सुना नाम मजहब लड़ाते रहे।।... Read more

ग़ज़ल

ग़ज़ल मरे सभी जज़्बात,ज़िंदगी हार गई। आई कैसी रात ,ज़िंदगी हार गई।।1 घूम रहे हैवान,लिए कामुकता को, बिगड़े हैं हालात,ज़िंदगी... Read more

दोहे

दोहे- पूजा और नमाज़ की,उसको क्या दरकार। उठकर करता हर सुबह,जो माँ का दीदार।।1 माँ की जो सेवा करे,बनकर श्रवण कुमार। खुल जाते उसक... Read more

ग़ज़ल

ग़ज़ल- चाहे जैसी मुश्किल हो पर,मत मन में लाचारी रख। आगे बढ़ना चाह रहा तो ,हिम्मत से भी यारी रख।।1 बचपन को तालीम दिलाना ,माना... Read more

गीतिका

गीतिका- रात- रात भर रोता रहता,मुस्काने की कोशिश में। चेहरा मैला और हो गया ,चमकाने की कोशिश में।।1 आभारी हूँ जीवन में जो, मिला ह... Read more

जिम्मेदारी( लघुकथा)

जिम्मेदारी ( लघुकथा) हैलो सुधा, माँ ने अपनी बेटी को फोन करके पूछा- बेटा ऑफिस से कितने बजे निकलोगी? सुधा ने माँ को उत्तर दिया- माँ,... Read more

पंद्रह दिन बाद (लघुकथा)

पन्द्रह दिन बाद ( लघुकथा) ------------------- मैंने अपने मित्र कमरुद्दीन को ईद की बधाई देने के लिए सुबह नौ बजे के आस-पास फोन लगाया... Read more

लघुकथा

सन्नाटा (लघुकथा) ऑफिस में गार्ड की नौकरी करने वाले राम बाबू को उदास बैठे देखकर मैंने पूछा- क्या हालचाल है रामबाबू? तबियत तो ठीक है?... Read more

लघुकथा

आहट (लघुकथा) ----- शाम को चाय पीते वक्त जब तारा ने अपनी सास की साँस फूलती हुई देखी तो कहा- अम्मा जी आप अपने खान-पान का ध्यान रखा क... Read more

गीतिका

गीतिका- व्यक्त करें आभार,ज़िंदगी में। मिले जीत या हार,ज़िंदगी में।।1 थोड़ी रखना लाज,ज़माने से, जब हों आँखें चार,जिंदगी में।।2 ... Read more

गीतिका

गीतिका आधार छंद- त्रिलोकी मात्रा विधान- 20 मात्रा। 11,10 पर यति। यति के पूर्व पश्चात त्रिकल, अंत में लगा। उठ प्रातः लो नित्य,ना... Read more

दुख का मोड़

गीतिका- अहीर छंद- 11 मात्रा, अंत 221/ 121 आया दुख का मोड़। दिया सभी ने छोड़।।1 मज़बूरी का मेल, गठबंधन बेजोड़।।2 हो भगवा ... Read more

दोहे

दोहे- इस तकनीकी दौर ने ,बदल दिए हालात। रखता कौन सहेज अब,चिट्ठी में जज़्बात।।1 भौतिक सुख की लालसा,करवाती है पाप... Read more

गीतिका

गीतिका- कठिन साधना सी मेहनत है,पर लाचारी गाँवों में। नहीं मिटाए मिटती फैली, हर दुश्वारी गाँवों में।।1 हरे - भरे हैं खेत च... Read more

गीतिका

गीतिका- जिनमें धैर्य पराक्रम है वे,लोग शिखर चढ़ते हैं। आपाधापी करने वाले ,बस नीचे गिरते हैं।।1 मातृभूमि की रक्षा के हित ,ज... Read more

आया नवल बसंत

गीत सखी री आया नवल बसंत। हुए हैं सुरभित सभी दिगंत।। सजीले दिखते हैं तरु गात। बढ़ाते शोभा उनकी पात। छटा यह ... Read more

आया नवल बसंत

गीत सखी री आया नवल बसंत। हुए हैं सुरभित सभी दिगंत।। सजीले दिखते हैं तरु गात। बढ़ाते शोभा उनकी पात। छटा यह ... Read more