डॉ अरुण कुमार श्रीवास्तव अर्णव

सीहोर मध्यप्रदेश

Joined August 2018

कवि लेखक समाजशास्त्री

Books:
साहित्यमेध
अरुणोदय

Awards:
प्रबंध संपादक साहित्य संगम संस्थान

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छोड़ो मायामोह

छोड़ो माया मोह सब , मन में भरो उजास । जीवन में निष्काम हो , महके सदा सुवास ।। महके सदा सुवास,भक्ति के स्वर अब गूँजे । करते जो परमा... Read more

वो चलेगा साथ मेरे मानता अब कौन है ।

वो चलेगा साथ मेरे मानता अब कौन है । जिंदगी को आज आखिर जानता अब कौन है ।। इश्क की महफ़िल सभी अब देख लो वीरान हैं । आँसुओं के साथ ... Read more

मुक्तक

इश्क प्यार की मूरत हो जब , मर्यादा के राम बनें । बना रहे हम रति हैं जिसको , उसके खातिर काम बनें । साथी मीत भले कुछ कह लें , ... Read more

मेरी लालसा

मन के जाले सभी अब हटाओ जरा , नेह देखे धरा आज कितना घना ।। मिलने आये कभी कोई बनकर नदी , थी अजब लालसा मैँ समुंदर बना । एक इतिह... Read more

राधा कृष्ण

राधा रानी नेह का , अतुलित हैं आगार । सपने प्रभु के साथ में , देख रहीं हर बार ।। देख रहीं हर बार ,अजब है प्रभु की माया । केवल राधा... Read more