Dipti sharma

Joined November 2018

Copy link to share

जाने क्यों

जाने क्यों दिल से दूर हो गये तुम। हमसे दूर जाने कहाँ खो गये तुम। जब जरूरत थी तुम्हारे जागने की, आँखे मूँद गहरी नींद सो ग... Read more

माटी

माटी की गाथा चलो मैं आज सुनाऊं, माटी को ही पूजूं अब जहाँ भी जाऊं, माटी से बने तन को उसमें मिलना है- एक तमन्ना माटी के कभी काम ... Read more