दीपक मेवाती वाल्मीकि

तावड़ू नूह (मेवात)

Joined November 2018

मैं हरियाणा शिक्षा विभाग में प्राथमिक अध्यापक के पद पर कार्यरत हूँ, एवं Ignou से पीएचडी शोध छात्र हूँ । लेखन का शौक मुझे अपने विद्यालयी दिनों से ही रहा है । मैं सामाजिक और शैक्षिक विषयों पर कविता लिखना पसंद करता हूँ । मेरी रचनाएँ देश की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं । रवीना प्रकाशन दिल्ली से मेरा प्रथम काव्य संग्रह ‘सम्मान चाहिए’ प्रकाशित हो चुका है ।

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मैं भी तो शहीद था

मैं भी तो शहीद था बारिसों के बाद जो बीमारियों की घात हो जंग का ऐलान तब मेरी ख़ातिर हो चुका मानकर आदेश को मन में सोच देश ... Read more

बड़ा बैचैन सा हूँ मैं....

बड़ा बेचैन सा हूँ मैं... बड़ा बेचैन-सा हूँ मैं बड़ी बेताब तुम भी हो अगर हूँ खास मैं तेरा तो मेरा राज तुम भी हो । अगर जो बात... Read more

माँ

जो सोचता, वो बोलता,अपने सारे राज उनके सामने खोलता कुछ सही, कुछ ग़लत, कुछ अच्छा, कुछ बुरा बहुत कुछ झूठा, थोड़ा सच्चा पर अब न कोई बात... Read more