दिनेश एल० "जैहिंद"

मशरक, सारण ( बिहार )

Joined January 2017

मैं (दिनेश एल० “जैहिंद”) ग्राम- जैथर, डाक – मशरक, जिला- छपरा (बिहार) का निवासी हूँ | मेरी शिक्षा-दीक्षा पश्चिम बंगाल में हुई है | विद्यार्थी-जीवन से ही साहित्य में रूचि होने के कारण आगे चलकर साहित्य-लेखन को अपने जीवन का अंग बना लिया और निरंतर कुछ न कुछ लिखते रहने की एक आदत-सी बन गई | फिर इस तरह से लेखन का एक लम्बा कारवाँ गुजर चुका है | लगभग १० वर्षों तक बतौर गीतकार फिल्मों में भी संघर्ष कर चुका हूँ ।

Books:
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Awards:
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नया साल : एक नज़र

#नया_साल : #एक_नजर @दिनेश एल० "जैहिंद" हर बार ऐसा होता है एक साल जाता है, दूसरा साल आता है तुम्हीं दिल पर हाथ रखकर कहो - इसम... Read more

## निर्लज्ज पुरुष ##

निर्लज्ज पुरुष @दिनेश एल० "जैहिंद" नारी माता, नारी बेटी, नारी भार्या है हमारी व तुम्हारी !! फिर जलती क्यों, मरती क्यों, क्यो... Read more

[[सावन]]

[[सावन]] @दिनेश एल० "जैहिंद" झूल झूल झूला झुलूँ, झूले झुलनिया मोरी ।। झूलत झूलनिया देख, हिया जले काहे तोरी ।। सावन सखी सब... Read more

मूँछें : मर्दों की शान

मूँछें : मर्दों की शान // दिनेश एल० “जैहिंद” मूँछों पर मैं क्या कहूँ, मूँछें मर्दों की हैं शान !! एक वक्त था मूँछों पर, छोरिय... Read more

**अंधविश्वास**

** अंधविश्वास ** // दिनेश एल० “जैहिंद” आशा और निराशा के बीच ये दुनिया झूलती है | विश्वास औ अविश्वास पर ही ये दुनिया चलती है ... Read more

तुम मेरी हो

तुम मेरी हो // दिनेश एल० “जैहिंद” हो-न-हो पर तुम मेरी हो ! अच्छी हो या बुरी हो पर तुम मेरी हो !! दूर हो या पास हो पर तुम म... Read more

]][[ जीवन/मृत्यु ]][[

जीवन/मृत्यु // दिनेश एल० “जैहिंद” जीवन -- सृष्टि ईश की परिकल्पना है ! जीवन तो उसकी संरचना है !! जीवन को केवल भेंट मान तू,,... Read more

क्यूँ माँ के दूध को लज्जित किया ??

क्यूँ माँ के दूध को लज्जित किया ? // दिनेश एल० “जैहिंद” खींच कर तूने स्त्री के आँचल को,, क्यूँ माँ के दूध को लज्जित किया ? खल-... Read more

शौर्य गाथा - वीर कुँवर सिंह

शौर्य गाथा- वीर कुँवर सिंह भारत के सैकड़ों सेनानियों में वीर कुँवर सिंह एक सेनानी था । लोहा लिया जमकर अँग्रेज़ों का वीर म... Read more

नारी : तू अतुलनीय है !

नारी: तू अतुलनीय है ! नारी, तू अतुलनीय, वन्दनीय है || नारी, तू धरनीय है, तू वरणीय है || शारदे रूप में ज्ञान ने तुझे चुना,, नार... Read more

सोने की चिड़िया

भारत: ** सोने की चिड़िया ** जो बीत गया ना मलाल कर उन पूर्वजों से ना सवाल कर उठा हाथों में तू अब फावड़ा अपने देश को मालामाल कर... Read more

दूध और आँचल

#दूध_और_आँचल अपने रक्त से पोषित कर निज दुग्ध पिलाकर पाला मुझे | माँ तू ही तो ईश्वर है मेरी तेरी सेवा करूँ अरु मैं पूजूँ तुझे |... Read more

जीवन : एक संघर्ष

जीवन: एक संघर्ष // दिनेश एल० “जैहिंद” जिसने भी कहा जीवन एक फूल है ।। उनका मानना यही तो एक भूल है ।। जीवन फूलों की सुन्दर शय्य... Read more

=× दुनिया गोल ×=

** दुनिया गोल ** // दिनेश एल० “जैहिंद” जोकर करके हिल-डोल । बताए बातें गोल-मटोल ।। होते मैडम के मीठे बोल,, बोले हमसे दुनिया ग... Read more

:: अंदाज़ ::

** अंदाज़ ** // दिनेश एल० “जैहिंद” जग में सबके अपने-अपने अंदाज़ हैं । अपने-अपने सबके यहाँ तो काज है ।। कौन क्या किसी से लेत... Read more

उत्पाद और हम

उत्पाद और हम // दिनेश एल० “जैहिंद” देखके टाइगर के बिस्कुट ना-ना करते बच्चे । खाके बिस्कुट पार्ले जी कहते कितने अच्छे ।। शक्... Read more

कुदरत की करिश्मा

कुदरत की करिश्मा // दिनेश एल० “जैहिंद” कुदरत की करिश्मा अजीब है ।। कोई अमीर तो कोई गरीब है ।। कोई एक निवाले को तरसता,, तो को... Read more

आधुनिकता की मार

** आधुनिकता की मार ** // दिनेश एल० “जैहिंद” फैशन का बोलबाला, अंग्रेजी का अब हल्ला, लगा हिंदी को ताला, __भाषा बद हाल है । अभद... Read more

:: मंज़िल ::

** मंजिल ** // दिनेश एल० “जैहिंद” हर किसी की मंजिल जुदा-जुदा, ऐसा क्यूँ होता है, बता ये खुदा ।। हर कोई तय मंजिल नहीं पाता, ... Read more

** हमारा रखवाला **

** हमारा रखवाला ** @दिनेश एल० “जैहिंद” “जो सरजमीन की करे रखवाली उसे रखवाला कहते हैं । जो अपनों के लिए मिट जाय उसे दिलवाला ... Read more

((( मन )))

** मन ** //दिनेश एल० “जैहिंद” जब होगा तेरा कर्म अच्छा, तब होगा तेरा सुंदर तन ।। जब होगी तेरी ऊँची सोच, तब ह... Read more

किस्मत !!

** किस्मत ** ¤ दिनेश एल० “जैहिंद” खाली पेट पानी पीने से पेट नहीं भरता,, पानी के संग-संग कुछ चारा भी चाहिए ।। हाथ-पांव मारने स... Read more

आतंकवाद !

** आतंकवाद ** ¤ दिनेश एल० “जैहिंद” समाजवाद की अगवाई करते-करते,, ये मानवमन आतंकवाद में डूब गया ।। पीछे छूट गया परिवारवाद अब तो... Read more

** विरही पपीहा **

** विरही पपीहा ** ¤ दिनेश एल० “जैहिंद” पपीहा, विरही-पपीहा कितना है वो दुख सहा ।। रातो दिन है रट लगाए है पी कहाँ - है पी कहाँ... Read more

≈ माँ ≈

≈ माँ ≈ ¤ दिनेश एल० “जैहिंद” “माँ” म...आँ ! कोमल अंतर्मन से निकला हुआ अनादि स्वर न जाने कितने अर्थों को स्वयं में समेटे हु... Read more

आईना और तुम

आईना और तुम ¤ दिनेश एल० “जैहिंद” आईने में खुद को निहार लो और मुस्कुरा लो । फिर तुम खुद को सिंगार दो और क्षुधा बुझा लो ।। मगर... Read more

** समय - बड़ा मूल्यवान **

समय-बड़ा मूल्यवान // दिनेश एल० “जैहिंद” समय बड़ा होता है मूल्यवान । इसके होते हैं थोड़े कद्रदान ।। जिसने समय की कीमत जानी ।... Read more

≈≈≈ मेहनत बनाम किस्मत ≈≈≈

मेहनत बनाम किस्मत // दिनेश एल० “जैहिंद” मेहनत से सारी बलाएं टल जाती हैं । कर्म के भय से शिला पिघल जाती है ।। कर्मवीरों को ह... Read more

मुक्ति, युक्ति और प्रेम

मुक्ति, युक्ति और प्रेम // दिनेश एल० “जैहिंद” हो तुम कितनाहुँ बड़े कर्मयोगी ।। हो तुम कितनाहुँ बड़े धर्मयोगी ।। जनम-मरण के ब... Read more

सिंदूर: एक रक्षक

सिंदूर: एक रक्षक // दिनेश एल० “जैहिंद” कवि – एकनिष्ठता का द्योतक सिंदूर पतिव्रता का पोषक सिंदूर । सिंद... Read more

=== हाय रे उलटी गिनती ===

हाय रे उलटी गिनती // दिनेश एल० “जैहिंद” पाँच वर्षीय छात्र से मैडम ने,, वर्ग में उलटी गिनती गिनवाई ।। वह भी सौ से शून्य तक नहीं... Read more

••• आहार पर विचार •••

• आहार पर विचार • @ दिनेश एल० “जैहिंद” कैसा हो हम सबका आहार आओ मिलके अब करें विचार भात - दाल संग सब्जी खाओ तन - मन में... Read more

+++ लजीज पकवान +++

लजीज पकवान // दिनेश एल० “जैहिंद” हँसता-खेलता मेरा परिवार । अपना है यही छोटा संसार ।। आठ लोगों की छोटी गृहस्थी । पूरे गाँव म... Read more

* सईंया जी का चशमा *

सईंया जी का चशमा // दिनेश एल० “जैहिंद” सईंया जी का चशमा, बलमा जी का चशमा बना सौतन अब मेरी, बैरी हुआ अब चशमा मैं ग... Read more

=== हमारा कुटुम्ब ===

### हमारा कुटुम्ब // दिनेश एल० “जैहिंद” करूणामय है ईश्वर करुणामयी ये माता ।। करुणा से दिल भरा कारुणिक जन्मदाता ।। ममता ल... Read more

सूना सूना-सा झूला

सूना सूना-सा झूला // दिनेश एल० "जैहिंद" एक तो चाँदनी रात और उस पे अकेला झूला । कहाँ हैं सारी सखियाँ, क्यूँ मुँह उनका है फूला ... Read more

कुम्हार और मिट्टी

कुम्हार और मिट्टी #दिनेश एल० "जैहिंद" चकित चाक पे चिकनी मिट्टी चकराया चतुर कुम्हार ।। तू तो लागे मुझे ईश्वर सरीखा तू भी म... Read more

.......प्रलय सुनिश्चित है !

...प्रलय सुनिश्चित है #दिनेश एल० “जैहिंद” चेत नारी चेत अब नहीं चेतेगी तो कब चेतेगी अब भी नहीं चेती तो प्रलय सुनिश्चित है...... Read more

स्कूली जीवन

स्कूली जीवन // दिनेश एल० "जैहिंद" है कुछ गहरा रिश्ता हमारे बचपन और स्कूली जीवन में । हंसता-खेलता बालपन कुछ स्कूल में, कुछ वन-... Read more

परिंदों की भाषा

परिंदों की भाषा // दिनेश एल० " जैहिंद" देख परिंदे दुश्मन को फर्र-फर्र कर उड़ जाते । किसी वार को भाप के वो झटके से मुड़ जाते ।... Read more

सावन के झूले

सावन के झूले // दिनेश एल० "जैहिंद" आओ सखियों ! झूला झूलें, पेंग बढ़ाकर नभ को छू लें । चलो चलें हम जी भर खेलें, झूम-झूम खूब म... Read more

### नारी, तुम शक्ति हो !

### नारी, तुम शक्ति हो ! युग बीते, अंधकार छँटे, अज्ञानता हटी । शिक्षित हुए, ज्ञानी बने, साक्षरता बढ़ी ।। लोग, कुटुंब, समाज की ... Read more

*** हे दीप देव !!!

हे दीप देव !!! हे दीप देव ! मन- मलिनता चूर करो ।। अज्ञान रूपी मलेच्छ को अब दूर करो । हर घर का तुम क्लेश चकनाचूर करो । उपयोग फि... Read more

(((( नालंदा ))))

((( नालंदा ))) विश्व प्रसिद्ध पुरातन विश्वविद्यालय, चहुदिश प्रसिद्धि - प्राचीन ज्ञानालय । बजता डंका देश-विदेश को जिसका, है ना... Read more

[[[[ माँ की तस्वीर ]]]]

?माँ की तस्वीर ?दिनेश एल० "जैहिंद" एक सात वर्षीय बालक अपने जर्जर कमरे में आता है एक टूटे-फूटे संदूक से एक फोटो निकालता ह... Read more

** मगरूर **?

?मगरूर? कुछ लोग दुनिया में होते मगरूर । दौलत के नशे में वे होते बड़े चूर ।। नेकी-उदारता से होते कोसो दूर । दौलतमंदों की ये ह... Read more

⛅ हमारी रंगीन दुनिया ☔

⛅ हमारी रंगीन दुनिया ☔ ?दिनेश एल० “जैहिंद” श्वेत बादलों के आगोश में चाँद दिखा है । आभास होता कि सीप में मोती छिपा है ।। चित्... Read more

?आत्मा : एक मुसाफिर ?

आत्मा : एक मुसाफिर चला गया हँसता एक मुसाफिर रोता लौटा जग में कोई और ।। आते रहते हैं सैकडों इसी तरह चलता रहता निरंतर ये दौर ।... Read more

वाह रे ! दिवाकर दादा

वाह रे ! दिवाकर दादा @@@ दिनेश एल० "जैहिंद" मशीनी पंखे काम न करे, पंखों को कोन पूछे ! वाह रे !दिवाकर दादा, ताप दिए आप ... Read more

*** सालियाँ और पहुना ***

सालियाँ और पहुना / ** दिनेश एल० "जैहिंद" पहुना को करने को परेशान सालियों ने किया खूब प्लान ।। टूटी खाट पर बिछाके चादर किया... Read more