Dijendra kurrey

पीपरभवना, बलौदाबाजार

Joined June 2018

परिचय

नाम — डिजेन्द्र कुर्रे “कोहिनूर”
पिता — श्री गणेश राम कुर्रे
माता — श्रीमती फुलेश्वरी कुर्रे
शिक्षा — बीएससी(बायो)एम .ए.हिंदी ,संस्कृत,
समाजशास्त्र ,B.Ed ,कंप्यूटर पीजीडीसीए
व्यवसाय — शिक्षक
जन्मतिथि — 5 सितंबर 1984
प्रकाशित रचनाएं — बापू कल आज और कल(साझा संग्रह),
साइंस वाणी पत्रिका, छ ग जनादेश अखबार, छ ग शब्द आदि कई पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित।
सम्मान — 1. राष्ट्रीय कवि चौपाल कोटा राजस्थान प्रथम द्वितीय तृतीय 2019।
2. श्रेष्ठ सृजन रचनाकार का सम्मान।
3. बिलासा साहित्य सम्मान ।
4. कला कौशल साहित्य सम्मान।
5. विचार सृजन सम्मान 2019।
6. अंबेडकर शिक्षा क्रांति अवार्ड।
7. छत्तीसगढ़ गौरव अलंकरण अवार्ड।
पता — ग्राम पीपरभावना, पोस्ट- धनगांव,तहसील-बिलाईगढ़, जिला- बलौदाबाजार ,छत्तीसगढ़
पिन – 493559
मोबाइल नंबर – 8120587822

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मेरा देश पर दोहे

मेरा देश पर पाँच दोहे ★★★★★★★★★★★★★ प्रेम रंग में है रंगा ,अनुपम मेरा देश। दुनिया को देता यही,प्रेम भरा संदेश।। वीरों की पावन ... Read more

चिड़िया पर दोहे

चिड़िया पर दोहे ★★★★★★★★★★★★★★★★★ चिड़िया चहकी है फुदक,जब-जब अमुआ ठाँव। तिनका-तिनका चुन रही,सिर जाने निज ठाँव।। बैठी है निज घोसल... Read more

सावन पर दोहे

कोहिनूर की आभा ★★★★★★★★ सावन में पड़ने लगी,रिमझिम सरस फुहार। हरित चुनर ओढ़ी धरा,सुरभित है संसार।। कोयल कूके बाग में , दादुर करते... Read more

सावन में झूलों का उत्सव

गीत - सावन में झूलों का उत्सव ★★★★★★★★★★★★ अंबर का यह रूप निराला, सबके मन को भाया है। सावन में झूलों का उत्सव, खुशियाँ लेकर आया... Read more

जीवन पर दोहे

जीवन पर पाँच दोहे ***************** तुलसी घर की शान है , पुण्य करे चहुँ ओर। जीवन में सुख ही भरे, ... Read more

लइका पन के आथे सुरता

*लईकापन के आथे सुरता* ******************** लईकापन के आथे सुरता, खेलत कूदत जावन जी। दस पईसा के चुटुर लेके, अबड़ मज़ा से खावन ज... Read more

समर्पण

समर्पण मैं समर्पित रहूँ उस माँ पर, जिसनें मुझे जन्म दिया। मैं समर्पित रहूँ उस पिता पर, जिसनें मुझे पालन किया। मैं समर्पित रहू... Read more

दोहे संग्रह

दोहा त्रिगुण त्रिविध त्रिफला बहुत,उपयोगी हैं चूर्ण। विविध विबुध बोले वचन,औषधि है यह पूर्ण।। मंगलमय हनुमान जी,अतुलित है बलधाम।... Read more

तुलसी मीरा गीत

*आज के विषय गीत लेखन पर रचना* विधा-लावड़ी छंद विधान-१६,१४ पर यति युगलपद तुकांत पदांत-कोई बाध्यता नहीं। ★★★ दया धर्म शुचि मा... Read more

मेरी हमसफ़र

मुक्तक - मेरी हमसफ़र ★★★★★★★★★★ सभी गम दूर है मुझसे , सुखों का ताज मेरा है । जिसे पाकर हुआ मैं धन्य, सुरक्षित आज मेरा है । है म... Read more

जिज्ञासा बेटी

मुक्तक - जिज्ञासा बेटी ★★★★★★★★★ कभी धरती में लोटी है , कभी बिस्तर में है सोती । कभी मुस्कान भरती है , कभी है रूठकर रोती । कले... Read more

धरा पर दोहे

धरा पर आज के दोहे ★★★★★★★★ धाम धरा धन धृत्वरी,धारयिता धनवान। धामक धूमक धाड़ना,धेना धुरपद ध्वान।। धाम धरा कल्याण का,अनुपम अतुल... Read more

कोरोना ल हराबोन

*गीत -कोरोना ल हराबोन* ~~~~~~~~~~~~~ कोरोना बैरी ल संगी, मिलके हमन भगाबोन जी। दीन दुखी के सेवा करके, देश के मान बढ़ाबोन जी। घर ... Read more

भूख

विषय - भूख जुलाई का महीना जब स्कूल खुला सभी बच्चे स्कूल आने लगे।मुनिया भी स्कूल आई।कक्षा आठवीं में पढ़ रही थी। शिक्षा सत्र का प्र... Read more

भाई पर मुक्तक

मुक्तक - भाई ★★★★★★★★★ मैं उस पर नाज करता हूँ, वो मुझ पर नाज करता है । गर्व जिसमें हमें होता, वही सब काज करता है। नहीं बचता को... Read more

माँ पर मुक्तक

मुक्तक - माँ ★★★★★★★★ लुटाती प्यार का सागर, रखे मुझमें ही अपनी जां। कभी कुछ बात जब कहती, सहज रहती है मेरी हाँ सदा से मैं ही हू... Read more

तिरंगे की शान

घनाक्षरी - तिरंगे की शान ~~~~~~~~~~~~~ (1) धूल चटा शत्रुओ को, कर देते अस्त पस्त। शत्... Read more

विश्वास

विश्वास ★★★★★★★★★ (1) आँख मूंद कर विश्वास न कर , जज्बात में आकर विश्वास न कर। कुछ ठोस सबूत तो जान ले,... Read more

बंद नयन के सजते सपने

ताटक छंद - बंद नयन के सजते सपने ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ अपना भी जीवन बीता है, खुशियों और बिसादों में। बंद नयन के सजते सपने, झाँक रह... Read more

वेद पर दोहे

वेद पर पाँच दोहे ★★★★★★★★ सार भरा ऋग्वेद में ,देवों का आह्वान। लिखा वेद जी व्यास ने,जिसका अतुल विधान।। यजुर्वेद में मंत्र का,प... Read more

नंद नयन का तारा

ताटंक छंद - नंद नयन का तारा है ★★★★★★★★★★★ कोयल कूके जब अमुवा पर, मन भौंरा इठलाता है। तान बाँसुरी की मधुरिम सी, ... Read more

सजर्न उत्सर्जन विसर्जन पर दोहे

आज के शब्द संपदा पर दोहे ★★★★★★★★★★★ सर्जन भगवन बन सर्जन करे, पाकर शल्य विधान। हरपल जन सेवा करे, धरत... Read more

उड़ान पर दोहे

उड़ान पर दोहे ★★★★★★ लक्ष्य शिखर पर हो सदा,ऊँची रहे उड़ान। तभी मिले जग में तुझे,मानव निज पहचान।। जब उड़ान भरता मनुज,मन में धर के ... Read more

दो पन्ने अखबार के

मुक्तक -दो पन्ने अखबार के ★★★★★★★★★★ कभी सच्चाई बताती है , कभी ये बुराई बताती है । कभी मन में विचलित होता है, तो कभी खुशी दे जा... Read more

बिल्ली रानी

बिल्ली रानी(बाल गीत) ★★★★★★★★★★ दबे पाँव से आकर घर में, चुपचाप से सो जाती हो। कोई ना दिखे तो तुम, झट दूध पी जाती हो। पास आ क... Read more

घाम

मुक्तक छत्तीसगढ़ी - घाम ★★★★★★★★★★ कभु गर्रा धुका चलथे, कभु बड़ घाम आथे जी। बढ़े गरमी त मन म भाव, त्राही माम आथे जी। जरोथे तन सुर... Read more

ताप पर दोहे

कोहिनूर की आभा ★★★★★★★★★★★★★★ इस जीवन से हो गया,अब शीतलता दूर। दिनकर बरसाने लगा,ताप जलन भरपूर।। मत मनमानी कर मनुज,अब तो आँखे ख... Read more

जीवन में अध्यात्म का महत्व

आलेख - जीवन में अध्यात्म का महत्व ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ "ॐ संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम् देवा भागं यथा पूर्वे सञ... Read more

दोहे 10

विविध दोहे ★★★★★★ (1) उपचार धरती माँ की वंदना,यह ही जग में सार। सबको सम ही जानकर,करती हैं उपचार।। (2) उपकार ... Read more

बरसात

मुक्तक - बरसात ★★★★★★★★★★★ कभी बरसात आती है , कभी गर्मी जलाती है । कभी तूफानों की लहरों में , हम सबको सताती है । रखों तुम चा... Read more

जोगी जी

मुक्तक - जोगी जी ★★★★★★★★★ सरल वह राज नेता था, प्रखर चमका सितारा था। सभी से प्रेम करता था, तभी जन-जन को प्यारा था। दिलाया ना... Read more

खेती किसानी के बेरा

*खेती किसानी के बेरा* ★★★★★★★★★★★★ बंद होगे किन्दरना,अउ बुलना हमर। छेना लखरी धरागे, जतनावत हे घर। अब तो नइये संगी दिन मनमानी के ... Read more

पर्यावरण पर लेख

मानवीय कृत्यों का पर्यावरण पर प्रभाव ( विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ) ★★★★★★★★★★★★★★★ मानव जीवन में पर्यावरण का बहुत ही महत्वप... Read more

विविध दोहे

🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻 *1.उपवन* पावन मन उपवन बने,धरा बनाये स्वच्छ। पर्यावरण सुधार कर, सुख पनपे प्रत्यक्ष।। *2. हिरण* व्यग्र हिरन को द... Read more

गरीबों के आँखे नम कर गए

गरीबों की आँखें नम कर गए ★★★★★★★★★★★ दौड़ने वाले पहिए थम गए, चलने वाले कदम रुक गए। लाए हैं उन अमीरों ने इसको, गरीबों की आँखें... Read more

डर के साये में जिंदगी

डर के साए में जिंदगी ★★★★★★★★★★ हालात से मजदूर जूझ रहे हैं, अपनों से मिलने कोसों दूर चल रहे हैं। यह कैसी विपदा आन पड़ी है , डर... Read more

ज्ञानी पर दोहे

ज्ञानी पर दोहे ★★★★★★★ ज्ञानी करता ज्ञान से,जग में करम महान। भूल नहीं जाना कभी,ज्ञानी का अवदान।। ज्ञानी गढ़कर ज्ञान को,नित दिखल... Read more

सुंदर सपन सजाना

गीत - सुंदर सपन सजाना है ★★★★★★★★★★★ श्याम रंग बरसे तन-मन में, मनुवा आज दीवाना है । मन के पावन तटबँधो पर, सुंदर सपन सजाना है ... Read more

वीर सैनिक

*वीर सैनिक* ★★★★★ हर पल आगे बढ़, नित नई राह गढ़। आगे बढ़ने बैरी को, मौका मत दीजिये। ★★★★★★★★ सीमा गर पार करे, छुप छुप वार करे। ... Read more

भाई पर दोहे

भाईचारा पर दोहे ★★★★★★★★ भाईचारा ही करें , इस जग को आलोक। जन-जन का हरता यही,दुख पीड़ा अरु शोक।। भाईचारा से बने , हर परिवार महा... Read more

परिचय

परिचय नाम -- डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर" पिता -- श्री गणेश राम कुर्रे माता -- श्रीमती फुलेश्वरी कुर्रे शिक्षा -- बीएससी(बायो)ए... Read more

नारी पर दोहे

नारी पर दोहे ★★★★ नारी की यशगान हो ,नारी माँ का रूप । नारी के सहयोग से,मिलते लक्ष्य अनुप।। नारी बिन कब पूर्ण है?एक सुखी परिवार... Read more

गुरु पर दोहे

गुरु पर दोहे ★★★★★★★★★★★★★★★ मिले ज्ञान कब गुरु बिना?गुरुवर सदा महान। इनके ही आशीष से,मिलता है अवदान।। गुरु ज्ञान ही है सुधा,ब... Read more

शिक्षक मैं कहलाता हूँ

शिक्षक मैं कहलाता हूँ ★★★★★★★★★★ अंधकार को दूर कराकर, उजियाला फैलाता हूँ। बच्चों में विश्वास जगाकर, शिक्षक मैं कहलाता हूँ। न... Read more

मजदूर मैं कहलाता हूँ

मजदूर मैं कहलाता हूँ ★★★★★★★★ कंधा पर बोझ उठाता हूँ, कोसो दूर तक चलता हूँ। छाले पड़ते चलते पैर पर, मजदूर मैं कहलाता हूँ। ★★★★★★... Read more

मजदूर सदा कहलाता हूँ

*लावणी छंद* ""मजदूर सदा कहलाता हूँ"" ★★★★★★★★ कंधे पर मैं बोझ उठाकर, काम सफल कर जाता हूँ। निज पैरों पर चलने वाला, मैं मजदूर कह... Read more

बेटी को पत्र

पत्र बेटी के लिए प्रिय बेटी जिज्ञासा हम लोग सकुशल हैं।आप कैसी हो।पढ़ाई लिखाई कैसे चल रही हैं।आपकी मम्मी आपको बहुत मिस क... Read more

नमन करूँ महावीर का

नमन करूँ महावीर का आत्मा को न पहचानें तुम, खुद को भी न जानें तुम। गलती तुम्हारी यही है मानव, सत्य ज्ञान को न पाएँ तुम। कर क... Read more

बेटी की बोली

बेटी के बोली आँसू झन बोहाबे दाई, जावाथव ससुराल ओ। मया ल तै राखबे दाई, छोड़थव दुवारी ओ। अंतस के पीरा म ददा, घुट घुट जिये ग। ... Read more

समय की परख

समय की परख एक गांव में एक भोला भाला किशन नाम का लड़का रहता था। प्राथमिक शिक्षा गांव में ही पूरा किया ।लड़का होशियार था उसका पिता... Read more