धीरेन्द्र वर्मा

मोहम्मदी-खीरी, (उत्तर प्रदेश)

Joined February 2017

नाम:- धीरेन्द्र वर्मा
जन्म:- ०४ फरवरी १९९२
शिक्षा:- आई.टी.आई.(इले.), बी.एस.सी.(बायो), पी.जी.डी.बी.टी., बी.टी.सी., एम.एस.सी.(जीव रसायन)|
कार्यशेली: – अध्ययन एवं अध्यापन|
उपलब्धियां:- दैनिक वर्तमान अंकुर, हिन्दी साहित्यपीडिया, राष्ट्रीय साहित्य चेतना मंच, सबका मंच, काव्याँचल, साहित्य संगम संस्थान दिल्ली एवं अन्य संस्थाओं द्वारा सम्मानित|
सम्मान:- देवल आशीष सम्मान, भारत गौरव सम्मान, साहित्य भूषण सम्मान, गुरु गोविन्द सम्मान, काव्य प्रहरी सम्मान आदि
पता:- ग्राम मोहम्मदपुर दीना, पोस्ट- बलमियाँ-बड़खर, थाना एवं तहसील- मोहम्मदी, जिला-लखीमपुर-खीरी-262804 (उत्तर प्रदेश)
मोबाइल एवं व्हाट्सअप न०:-09984594719
ई-मेल आईडी:-dkverma9984@gmail.com

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कविता

सर्व प्रथम आप सभी बन्धु बान्धबों को #हिन्दी_दिवस# की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देता हूँ| हम सभी के लिए बहुत ही शर्म की बात है कि ह... Read more

मेरे सपने में ही मेरी मां क्यों आयी नही

मेरे सपने में ही मेरी मां क्यों आयी नहीं जाने क्यों तस्वीर मां को मेरी भाई नहीं बस इसी बात से है मन तड़पता मेरा उसने ममताम... Read more

मुक्तक

*मेरा_कोटि_कोटि_नमन* """"""""""""""""""""""""""" प्रथम नमन वीणावादिनी को, दूजा भारत माँ को करते हैं, त्रतीय नमन उस मातु-पिता को... Read more

*वसंत-पंचमी*

*वसंत-पंचमी* """"""/////"""""" आया रे आया रे ऋतुराज, मनाओ रे सखी वसंत पंचमी, कोयल की कुंहूँ कुंहूँ की बोली, पतझड़ बीता, भईं... Read more

संसार

मैं बहुत बिखरा बहुत टूटा मगर कुछ कर नहीं पाया हवाओं के इशारों पर भी मैं खुद बदल नहीं पाया अधूरा सा रह गया #संसार में मेरे प्य... Read more

सबैया

जब आँख हुईं विरहा कुल ते पागल, तब कलियों से ओस लिया लिपटाय| कुछ अदभुत गुण उधार लेकर रवि ते, उत सतरंग रूप में चली नहाय|| कुछ यूँ आ... Read more

दोस्ती

हर बार की भांति इस बार भी परीक्षाएं समाप्त होने के उपरांत परिणाम निकलने के पश्चात यह पता चला कि राम और श्याम दोनों ही कक्षा में प्रथ... Read more

(दीप उत्सव)

(दीप उत्सव) ---------------- मेरी भी एक आशा है वह आशा यूं ही बनी रहे दीपों की इस बस्ती में ,यूँ दिली तमन्ना सजी रहे कहना है मेर... Read more

***** माँ *****

माँ है साधना,आराधना,संवेदना अौर भावना माँ से जीवन में फूलों की खुशबू की विवेचना, माँ है अपने बिलखते बच्चों का अनोखा पलना माँ... Read more

राष्ट्रीय एकता

भारत में राष्ट्रीय एकता दिवस भारत के स्वतंत्रता सेनानी सरदार वल्ल्भ भाई पटेल के जन्मदिन के उपलक्ष में मनाते है | सरदार वल्लभ भाई पटे... Read more

वो सुहागन है, सुहागन ही रहे….

वो सुहागन है, सुहागन ही रहे…. .......हाँ...... वो सुहागन है, सुहागन ही रहे... हर साल यूँही करवाचौथ का व्रत रखे , कुछ सिन्दूर ... Read more

मेरा नाम आजादी है...

मेरा नाम आजादी है """"""""""""""""""""""""""" क्या आप मुझे जानते हैं ? मेरा नाम आजादी है l मैंने जब से होश संभाला है, तबसे अपने ... Read more

आओ अब मिलकर ईद मनाएँ

++आओ अब मिलकर ईद मनाएँ++ --------------------------------------- आओ अब मिलकर ईद मनायें हम सभी की उम्मीदें जग जाएं जग में सभी से... Read more

बिरह वेदना

*****बिरह वेदना ***** """""""""""""" ओ प्रियतम तुम्हारी यादों में, हम छिप-छिप आहें भरते हैं... जब बेचैनी हद से बढ़ जाती ... Read more

----- माँ -----

माँ, औरत का एक ऐसा रूप है, जिसका संपूर्ण जीवन ,पवित्रता, त्याग, ममता, प्यार, बलिदान में निहित होता है। शायद ही दुनियाँ का कोई अन्य ... Read more

मनभावन होली .....

आज खेलें हैं राधा की सखियाँ रंग अबीर-गुलाल गोकुल की गलियों में.... रंगे पीत सब कान्हा का ऐसे, करें हास परिहास गोकुल की गलियों मे... Read more

प्रेम भावना

बजाकर हाँथों की चूड़ी अब हृदय से रूबरू हो गया कोई। ह्रदय के इस कोने कोने में बेला जेसा महँका गया कोई। अभी तक ह्रदय की तप्ती जमी पर... Read more

एक प्रीति राधा के लिए...

यूँ वो चाहें तो हम भी संभल जाएँगें । वो जाएँ जिधर हम भी ऊधर ही जाएँगे । यूँ वो बनकर देखें भी तो राधा हमारे लिए । कान्हाँ बनकर गुण... Read more

बचपन

इस बड़े-बड़े के चक्कर में उन छोटों को क्यों भूल गये ..... यह क्यों न समझ सके कि एक दिन थे हम भी छोटे.... अपने पन की इस चाहत में रस... Read more