*काव्य-माँ शारदेय का वरदान *

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विभिन्न मंचों द्वारा सम्मानित

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शहीद

ज़हन में अगरचे सदाकत न होगी! कभी आपसे फ़िर मुहब्बत न होगी!! भले लाख़ कोशिश करे ये ज़माना! मगर पाक फ़िर से सियासत न होगी!! शहीदों... Read more

मुक्तक सृजन

चाँद आया नज़र चांदनी हो गई! तीरगी थी जहां रोशनी हो गई! जब से थामी कलम है मेरे हाथ ने, खूबसूरत हंसी ज़िंदगी हो गई! ************... Read more

*मानवता*

(1)मानवता करती रुदन,टूटी मन की आस! कलियुग के इस दौर में,गायब है विश्वास!! (2)दानवता हावी हुई,मानवता पर आज! करनी पर इंसान की,रब ... Read more

माँं

ईश्वर का वरदान है माँ! सकल गुणों की खान है माँ!! जिस पर सजता हर सुर हो! वो दिलकश सी तान है माँ!! ममता की वो अनुपम मूरत! आन... Read more

*दोहे*

🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆🎆 दिनांक : 22-08-2018 दिन : बुधवार 🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀 ⚡️⚡️विषय- सावन⚡️⚡️ 💢💢💢💢💢विधा-दोहा💢💢💢💢💢 💦💦💦💦💦... Read more

*प्रभु की दुआ*

पांडवों को प्रभु की दुआ मिल गई! साथ उनकी निराली अदा मिल गई!! **************************** तीरगी चीरने आज जुगनू चले! रोशनी की उन्... Read more

*मौत ही आखिरी हक़ीक़त हैं*

पाक़ लहज़े में की क़िफायत है! आपसे बस यही शिक़ायत है! जिंदगी के हसीन मौसम की! मौत ही आखिरी हक़ीक़त हैं!! दौर कैसा चला ज़मान... Read more

*नारी का सम्मान*

करो सम्मान नारी का निगाहों में हया रखना! समर्पण भाव को लेकर ज़हन अपना खुला रखना!! क़लम की धार से चाहे बदल देना सभी मंज़र! सदाकत... Read more

हौंसला दिल का जगाना चाहता हूं

हौंसला दिल का जगाना चाहता हूँ! गर्दिशों में मुस्कुराना चाहता हूँ!! ::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: तीरगी को र... Read more

*आपका हो गया*

कभी उनसे जब सामना हो गया! बड़ा ही अजब मामला हो गया!! ::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: छिपाते रहे हाल दिल का मग... Read more

*अच्छा नहीं लगता*

नज़ारा लाख दिलकश हो मगर अच्छा नहीँ लगता! रखे जो दूर छाया को शज़र अच्छा नहीँ लगता!! ::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::... Read more

* ख़ज़ाने निकल आए*

221 ,1221, 1221, 122 मिट्टी के' हटाते ही' ख़ज़ाने निकल आए! दिन रात अनायास सुहाने निकल आए! आकाश ने' पैग़ाम दिया तूफ़ान का' लेकिन... Read more

"आँसू"

"आँसू" ******* (1) दर्द से रिश्ता बनाना आ गया ! ::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: आँख में आँसू छिपाना आ गया... Read more

*वफा का चलन*

चरागे-मुहब्बत बुझाना नहीं। हमें याद रखना भुलाना नहीं!! ************************* अगर या मगर से किनारा करो! बहाने कभी तुम बनाना न... Read more

*ज़बान*

ज़बान का जो खरा नहीं है! यकीन उसपे ज़रा नहीं है!! :::::::::::::::::::: लगे असंभव उसे हराना! वो आंधियों से डरा नहीं है!! :::::::... Read more

*दरिया,दोस्ती,तिश्नगी़,खुशी,समंदर,मौजिज़ा,आइना, ज़िंदगी*

सुहानी ज़िदगी को तुम कभी दुश्वार मत करना ! न हो मालूम गहराई तो' दरिया पार मत करना ! मुसाफ़िर हौंसला रखना हमेशा ही ज़माने में , सज... Read more

*देशप्रेम*

फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलुन 2122 2122 212 इस वतन से प्यार करना सीखिए ! ये चमन गुलज़ार करना सीखिए ! पाक की नापाक हरकत देखकर, हौं... Read more

*वोटों का मौसम है आया*

*वोटों का मौसम है आया* वोटों का मौसम है आया ! संग अपने नेता जी लाया !! :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: वादे करके मी... Read more

*वक्त बदलेगा हमारा देखना*

*वक्त बदलेगा हमारा देखना* वक्त बदलेगा हमारा देखना ! शान से होगा गुज़ारा देखना !! :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::... Read more

* मंज़िलों के दीप*

मेरी हिम्मत देखकर जब रास्ते चलने लगे ! मंज़िलों के दीप हर सू खुद ब खुद जलने लगे !! :::::::::::::::::::::::: हसरतें दिल की जगी सब थ... Read more

*हर खुशी माँग ली*

हर खुशी माँग ली दोस्तों के लिये! खैर-मकदम किया दुश्मनों के लिये!! :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: प्यार से... Read more

*गर्दिशों के दौर में भी मुस्कुराना चाहिये*

वज़्न - 2122 2122 2122 212 अर्कान - फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलुन बह्र - बह्रे रमल मुसम्मन महज़ूफ़ क़ाफ़िया - बुझाना ( आना... Read more

*पत्थरों के दिल*

वज़्न - 2122 2122 212 अर्कान - फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फ़ाइलुन शानो'शौकत से भरे जो घर मिले  पत्थरों के दिल वहीं अक्सर मिले फूल ज... Read more

*होली*

समां रंगीन होली का बड़ा दिलकश नज़ारा है ज़माने भर की' खुशियों का निराला सा पिटारा है बड़े छोटे यहाँ सारे सभी हुड़दंग में डूबे गिले ... Read more

*बेटियाँ*

ईश्वर का उपहार बेटियाँ वीणा की झनकार बेटियाँ ::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: सारी धरा सुनहरी लगती अम्बर का श्रृगांर बेटि... Read more

*हमेशा*

*हमेशा* 122 122 122 122 फ़ऊलुन फ़ऊलुन फ़ऊलुन फ़ऊलुन ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ मुहब्बत सभी से करे जो हमेशा! नज़र में खुदा की रहे वो ह... Read more

दवा से जो नही होते

*दवा से जो नहीँ होते* 1222 1222 1222 1222 दवा से जो नहीँ होते दुआ से काम होते हैं! जहाँ में आज भी ऐसे करिश्मे आम होते हैं!! ::::... Read more

*बेटियाँ*

आसमां छू रही आज हैं बेटियाँ ! इक महकता हुआ राज़ है बेटियाँ !! देश के मान को जग में ऊँचा किया ! कम किसी से कहाँ आज हैं बेटियाँ !... Read more

*मौत से नज़रें मिलाना आ गया*

2122 2122 212 दर्द दिल का फ़िर लबों पर आ गया याद जब  गुज़रा ज़माना आ गया फूल को दिल में बसाया था मगर  ख़ार से दामन सजाना आ गया... Read more

*जुबां*

1222 1222 1222 1222 सदा बोलो सँभलकर ही जुबां तलवार होती है! नज़ाकत से रखो इसको ये' तीखी धार होती है !! ::::::::::::::::::::::::... Read more

*ज़िंदगी ने अब किया*

2122 2122 2122 212 फाइलातुन फाइलातुन फाइलातुन फाइलुन ज़िंदगी ने अब किया दिल को हमारे शाद है फूल जैसी हर डगर से हो रहे आबाद है ... Read more

*बेटियाँ*

2122 2122 2122 212 थम गयी साँसें सभी जबसे पढ़ा अख़बार है ! अब भगत-आजाद की इस देश को दरकार है! :::::::::::::::::::::::::::::::::::... Read more

*अश्क*

अश्क आँखों में दबाना सीख ले दर्द में भी मुस्कुराना सीख ले प्रीत के ही गीत तू गाये सदा वैर को दिल से भुलाना सीख ले अब कहाँ ... Read more

*शिक्षा*

शिक्षा से फैले उजियारा मिट जाता सारा अँधियारा तिजारत ये पर आज बनी नैतिकता से किया किनारा निर्धन के बच्चों की खातिर बँद ... Read more

विमौहा छंद

छंद- विमोहा मापनी- 212 212 (गालगा गालगा) आप जो मिल गये फूल हैं खिल गये मन सुवासित हुआ दीप से जल गये *धर्मेन्द्र अरोड़ा* Read more

*झील*

झील, नदी,झरने,तालाब ईश्वर का उपहार है मानव क्यों ये' भूल गया अब इनसे ही संसार है इनके बिन सब कुछ रीता अंतस में है पीर जगे इनको स... Read more

*जिन्दगी*

ईश्वर का उपहार जिन्दगी एक निराला प्यार जिन्दगी साहस और लगन मत छोड़ो इन का है शृंगार जिन्दगी हरदम खुशबू तुम बिखराओ है फूलों ... Read more

*रहमत*

छाया है इक समां सुहाना  आया लब पर एक तराना  हँसवाहिनी की रहमत से  पाया है अनमोल खज़ाना *धर्मेन्द्र अरोड़ा* Read more

*बचपन*

खुशियों का खजाना बचपन हर ग़म से अंजाना बचपन कोशिश कोई लाख करे पर लौट कभी न आना बचपन *धर्मेन्द्र अरोड़ा* Read more

*चाँद को देखकर*

चाँद को देखकर चाँद कहने लगा ईद की ही तरह अब तू' मिलने लगा देख लूँ आज जी भर उसे प्यार से जोर से दिल हमारा धड़कने लगा रात ढलने लगी ... Read more

*दर्द*

आधार छंद =आनंदवर्धक मापनी =2122 2122 212 ::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: दर्द में भी मुस्कुराना आ गया आँख में ... Read more

*सच की आदत*

सच की आदत बहुत बुरी है कड़वी ये इक तेज छुरी है कलियुग में अपराध मगर नैतिकता की नेक धुरी है *धर्मेन्द्र अरोड़ा* Read more

*नील गगन*

नील गगन में चमके तारा लगता है वो बड़ा ही प्यारा रंग धवल सा निखरा निखरा झलके हरदम हसीं नजारा नील गगन में चमके ता... Read more

*लम्हों*

गुजरे लम्हों को जाने दो इक नयी सुबह को आने दो दिल से अब सारे गम भूलो तुम गीत खुशी को गाने दो *धर्मेन्द्र अरोड़ा* Read more

*सावन*

सावन की है छटा निराली छाये सभी और हरियाली बागों में अब झूला झूलें सब के मुख पर आयी लाली *धर्मेन्द्र अरोड़ा* Read more

*दुआ का असर*

आधार छंद-वाचिक भुजंगप्रयात मापनी -122 122 122 122 दुआ का असर ये दुआ का असर है लगे अब सुहानी सी हर इक डगर है मिले क्यों खुशी गम क... Read more

*लूट*

इंसा इंसा को लूट रहा नश्वर माया ये कूट रहा बेमानी हुए रिश्ते-नाते डर ईश्वर का छूट रहा *धर्मेन्द्र अरोड़ा* Read more

*अम्बर पर छाने की धुन*

अम्बर पर छाने की धुन में बदले परिभाषा पूरी होती उसके मन की हर इक अभिलाषा परम्परा के धागों में जो फ़ंसता ना कभी जग को राह वही दिख... Read more

*कलियुग*

गफलत में है सो रहा कलियुग का इंसान पूजा पत्थर की करे मान इसे भगवान *धर्मेन्द्रअरोड़ा* ... Read more

*प्रतिज्ञा*

मन का दीप जलायेँगे गीत खुशी के गायेँगे फूलों सा बनकर के हम इस जग को महकायेँगे *धर्मेन्द्र अरोड़ा* Read more