Dhami G.

धारचूला (जिला-पिथौरागढ़, उत्तराखंड)

Joined April 2018

सामान्य अध्ययन अध्यापन का शौक, उत्तराखंड सचिवालय में कार्यरत।

dhami-poems.blogspot.com नाम से ब्लॉग संचालित।

Books:
अभी तक कोई पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई

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मां (ईजा)

ये दिन ये वक्त बिल्कुल वही है हूबहू वही है यूँ तो रात भर सोया मैं भी ना था आँखे पथराई थी मेरी हाँ लोग कहते भी है जाने वालों क... Read more

फिर से.....

तोड़ दी डोर मैंने इंसानियत की फिर से, उठ चुका विश्वास किसी का फिर मुझ पर से, फिर बोल उठा आज मैं अपने मन से, कि मत जला आशाओं के द... Read more

जीवन।

जीवन लग जाता है जीवन बनाने में एक जीवन है कि उसका कोई हिसाब नहीं है। ए जीवन चल कि मिल के बात करें आज ... Read more

एक सपना ही तो है।

तू है तो सुनहरा बहुत, पर ख्वाब ही तो है! आज नहीं तो कल टूट जाएगा, बस एक काँच सा रिश्ता ही तो है! ये प्रलय- सा मन में मेरे क्यों ... Read more