समाजकार्य विषय में डॉक्टरेट तथा एम०फिल० की उपाधि , यू० जी०सी० – नेट ।” सोशल वर्क फॉर यू॰जी ॰सी॰ – नेट ” शीर्षक पुस्तक मेकग्रा हिल द्वारा प्रकाशित । सोशल वर्क पर्सपेक्टिव्स : दर्शन एवं प्रणाली शीर्षक पुस्तक भारत प्रकाशन द्वारा प्रकाशित, “आवरण के पीछे से ” काव्यांजलि का प्रकाशन । वर्तमान में दिग्दर्शक/करिकुलम मैगज़ीन में सामाजिक मुद्दों पर लेख प्रकाशित हो रहे है ।

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ऐसा क्यूँ होता है

ऐसा क्यूँ होता है जब कभी मन बहुत उदास होता है मुसाफिर मंज़िलों का थककर अपने अतीत मेँ झांकता है वो छोटी छोटी खुशियों... Read more

मेरी बेटियाँ, मेरा जीवन !

वो तुतलाकर बोलना पापा पापा , घर जल्दी आना नटखट अदाओं से कांधो पर लटकना जो डांटा कभी तो , मुस्कुराकर... Read more