तुलसी पिल्लई

जोधपुर (राजस्थान)

Joined November 2018

मै अतुकान्त कविताएं और कहानियां लिखती हूं

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एक झूठ

एक झूठ ------------------- आज उसके चेहरे पर मुस्कान देखकर मुझे बहुत राहत मिली। उसकी प्यारी मुस्कान से मुझे लगा कि अब बसंत आ गया... Read more

कोई छाया

"कोई छाया" ------------------ तुम्हारी कदमों की आहट आती है अक्सर जब अंधेरा फैला हो आस-पास मैं पूछती-वहाँ कौन? तुम क... Read more

एक दूसरे का मन

"एक-दूसरे का मन" ------------------------ एक बूँद मेरी आँखों से छलक कर मेरे गालों पर लढ़क कर आया है इसका मतलब तुमसे मेरा प्रे... Read more

रात के अंधेरों में

"रात के अन्धेरों में" ----------------------- मेरा प्रेम उस जल की तरह है जिस पर लाठी की मार पड़ते ही कुछ समय के लिए जल,जल सें ... Read more

आषाढ़ का मौसम

"आषाढ़ का मौसम" -------------------------- मुझे दिल्ली जाना था।चूँकि मैं एक चित्रकार हूं। वहां कई विशिष्ट चित्रकारों व युवा चित्र... Read more

शीर्षक:-पहाड़ी के उस छोर

"पहाड़ी के उस छोर" --------------------------- अपने आँसू रूपी कितने पंकज अर्पण करती हूँ? तुम्हारे चरणों में गिनने योग्य क... Read more

कविता शीर्षक:-

"चाँद से प्रेम" ----------------- मैं तुम से नहीं चाँद से प्रेम करती हूँ तुम आसमान में हो यह सोचकर नहीं मै आसमान में चाँद ... Read more

"पहाड़ी के उस छोर"

"पहाड़ी के उस छोर" --------------------------- अपने आँसू रूपी कितने पंकज अर्पण करती हूँ? तुम्हारे चरणों में गिनने योग्य क... Read more

कविता शीषक:-

नाम:-तुलसी पिल्लई(जोधपुर,राजस्थान) "माँ का आँचल" ---------------------- जब छोटी-छोटी शिशु रही माँ के आँचल में छुपी गोद में र... Read more