Deependra Singh

Joined December 2016

यूँ तो मैं एक इंजीनियर ।
पर गीत ग़ज़ल और मुक्तकों से दोस्ती बड़ी पुरानी है । और अब तो शायद इंजीनियरिंग से इतनी गहरी दोस्ती नहीं रही जितनी गीत, ग़ज़ल और छंदों की इस दुनिया से हो गई है ।
मैं सागर मध्यप्रदेश का रहने वाला हूँ और मुम्बई में एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत हूँ । मुख्यतः ग़ज़ल, गीत, मुक्तक, लघुकथा, लेख एवं कुछ छंद लिखता हूँ । पर मुझे गीत लिखना ही ।

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सौदा मेरी मुस्कान का सस्ता नहीं होता !!

गर मुझको मयस्सर ये अँधेरा नहीं होता ! जुगनू की वाफाओं को मैं समझा नहीं होता !! ये इश्क मेरे दिल में यूँ सहमा नहीं... Read more