सीमा पर जो हँस हँस गिरते, भारत माँ की जय कह कर;rnमेरी कलम बस लिख जाये उन शीशों के जयकारों को

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मेरी कलम बस लिख जाये................

चाहे गीत लिखूँ न माता रमणी के श्रृंगारों को चाहे वर्णन करूँ नहीं कुदरत के हसीं नजारों का सीमा पर जो हँस हँस गिरते भारत माँ की जय क... Read more