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कौमी एकता

मज़हबी दांव पेच मत खेलो मुल्क मत सूनसान होने दो। मंदिरों में भी घंटे बजने दो, मस्ज़िदों में अज़ान होने दो। -दीपक अवस्थी (८८९६०... Read more