Writer & Lyricist

जन्म: 04/07/1993
जन्म स्थान नजीबाबाद(उत्तर प्रदेश)
शिक्षा : एम.ए अंग्रेज़ी साहित्य
मोबाइल: 6395425481
Email:ajaysingh85120@gmail.com

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ग़ज़ल/दुनियादारी बदल रही है

इक ही ज़िन्दगी में कितनी ज़िन्दगी पल रही हैं बाहर फूल खिले हैं मुझमें अंदर चिता सी जल रही हैं पत्थर सा पड़ा है ज़मीन पे देखों मेरे द... Read more

ग़ज़ल/घर चौखट दरीचे सब पीछे छूट गए हैं

वो घर का आँगन चौखट दरीचे सब पीछे छूट गए हैं कि मेरे आँसू भी अपनों की फ़ितरत पे सूख गए हैं ग़ैर रिश्तें टूट जाते अगर तो शिक़ायत भी क... Read more

ग़ज़ल/तेरी तलब है कई आरजुओं की तरहा

हवाएँ कंघी करती हैं मेरे बालों में तेरे बाजुओं की तरहा तेरी तलब इक आरज़ू है मेरी कई आरजुओं की तरहा महबूबा मुझे तेरी तस्वीर की ज़रू... Read more

ग़ज़ल/हमें नाआश्ना तुमने किया

जो तुम्हारे बस में था तुमने किया जो कुछ हमारे बस में था हमने किया तुमसे जुदा होने में कोई मर्ज़ी ना थी तुमकों जुदा होना था जुदा ... Read more

हाँ मैं नाराज़ हो जाता हूँ अक्सर(जातिवाद पर तीखा सृजन)

हाँ मैं नाराज़ हो जाता हूँ अक्सर हैरान हो जाता हूँ इक बीमारी देखकर थोड़ा ऊबड़खाबड़ हूँ मैं ज़िद्दी बड़ा हूँ मैं नाराज़ हो जाता हूँ अक्सर... Read more

ग़ज़ल/वो ख़ुद को ख़ुदा समझता है

बड़ा इतराता है वो ख़ुद को जाने क्या समझता है मुझें लगता है कि वो ख़ुद को ख़ुदा समझता है ये मशग़ला किस जहन्नुम में खदेड़ लाया है मुझें ... Read more

ग़ज़ल/पत्थर का देवता हांसिल हुआ

इल्ज़ाम इक नया हर दफ़ा हांसिल हुआ हमें तो मुहब्बत में बस इतना हांसिल हुआ हिज्र में उसकी ये कैसा नशा हांसिल हुआ कुछ आहें कुछ दर्द ... Read more

ग़ज़ल/ कब मुझें आबाद करोगे

जब जब मासूमियत पे मेरी नाज़ करोगे तुम भी मुझसे मिलने की फ़रियाद करोगे अगर तुमको भी मुहब्बत हो जाए मुझसे यादों में जा जाके मेरी ख़ु... Read more

ग़ज़ल/वो ख़ुद बा ख़ुद क़रीब आएगा

इक रोज़ मुझसे मिलने मेरा नसीब आएगा मेरी ज़िद है वो ख़ुद बा ख़ुद क़रीब आएगा अबके मैं नहीं जाऊँगा उससे मिलने खुदाया वो मेरा अपना होगा ... Read more

ग़ज़ल/ सियासत मेरी फ़ितरत नहीं

ये मुहब्बत है सनम कोई मेरी हरक़त नहीं मैं तो आईना हूँ सियासत मेरी फ़ितरत नहीं सिफ़त फ़कत इतना ही जितना ज़ेहन इज़ाज़त दे इक चेहरे पे कई... Read more

ग़ज़ल/मेरे ख़ुदा ज़माने से डर गए

दिल से वफ़ा की बात ज़ुबाँ पे लाने से डर गए हमनें जिन्हें अपनाया ,वो हमें अपनाने से डर गए हमनें गाड़ी हुई थी नज़रें आसमान में,उन्हें ... Read more

ग़ज़ल/दाग़ ए जुदाई

हम जो तन्हाई में रो लें तो कम दाग ए रूसवाई धो लें तो कम उनकी चाह में खंडहर हो जाएं मरजाने फिदाई हो लें तो कम बाम-ए-रफ़ाक़त वो ... Read more

ग़ज़ल/तू जानेमन क़यामत क़यामत

तेरे होंठ लरज़े लरज़े तू जानेमन क़यामत क़यामत तेरी शोख़ अदा अज़ब तू नशेमन क़यामत क़यामत नैन तेरे जैसे हैं मय के प्याले उसपे तेरी उल्फ़त ग़... Read more

ग़ज़ल/हम फ़िरदौस में थे

कल रात हम महबूबा की आगोश में थे लब अंगारें थे पैर सर्पीले हम ना होश में थे उसकी हर चुंबन ने फौलाद पिघाल रक्खा था मेरा ज़िगर, ज़ेह... Read more

ग़ज़ल/रूह से रूह मिल रही है

इक जाँ से दुज़ी जाँ हर सू मिल रही है अब तो ऐसा लगता है रूह से रूह मिल रही हैं काफी दूरियाँ थी दोनों के दरमियाँ कल तलक अब तो काँध... Read more

ग़ज़ल/तेरी आँखों में ख़ुशी चाहिए

हमें फ़कत अपनी ज़िन्दगी चाहिए बस तू चाहिए तेरे सिवा कुछ नहीं चाहिए कभी कभी ऐ रहबर तेरी शरारत चाहिए थोड़ी थोड़ी सी ही सही मग़र तिश्नग... Read more

ग़ज़ल/बहके बहके से थे

कुछ बहके बहके से थे उनकी आँखों के मैक़दे में थे कल रात वो भी कुछ नशे में थे औऱ हम भी कुछ नशे में थे मालूम ना था कि वो भी नशील... Read more

ग़ज़ल/ अपनी ज़िन्दगी से मिलते हैं

कभी हिरनी से मिलते हैं तो कभी शेरनी से मिलते हैं अब तो रोज़ रोज़ गुफ़्तगू में हम अपनी ज़िन्दगी से मिलते हैं हमारा ग़ुस्सा तो कब... Read more

ग़ज़ल/ इनायत क़ुर्बा कीजिए

ऐ मेरे राहगुज़र मेरी मुश्किलें आसाँ कीजिए इक नज़र तो कीजिए, मेरी जाँ को जाँ कीजिए मैंने जला रक्खें हैं आँखों में चराग़ मुहब्बत के ... Read more

ग़ज़ल/हर दफ़ा दगा देते हो

इक अज़नबी प्यासे को सूखा कुआँ देते हो जाँ लेकर दुआँ देते हो तो क्या दुआँ देते हो तुम्हारी फ़ितरत पे हम वाक़ई हैरां हैं ज़ालिम कभी ज... Read more

ग़ज़ल/जीने की वजहा मिल जाए

इक दिन मुझें भी जीने की वजहा मिल जाए जो तेरे दिल में थोड़ी सी भी जगहा मिल जाए ये क़दम बेचैन हैं बड़े तेरे पहलू में आ जाने को तेरा ... Read more

ग़ज़ल/ इश्क़ तो कहीं भी कीजिए

सच्चे आशिकों से कभी ना दिल्लगी कीजिए गर इश्क़ है तो कीजिए, वरना बन्दगी कीजिए दिलदार हु बु हु दिल जैसा बार बार नहीं मिलता मिल जाए... Read more

ग़ज़ल/तेरी बेरुख़ी भी अच्छी लगती है

हमें तेरे चेहरे पे हँसीं अच्छी लगती है तू हँसती है तो ज़िन्दगी अच्छी लगती है तेरा गुस्सा हाय तौबा तेरी बेरुख़ी जालिमा अरी हमें तो... Read more

ग़ज़ल/तू ही हिन्दी मेरी तू ही उर्दू है

आज सर से लेकर पाँव तलक सुकूँ ही सुकूँ है ये तेरा असर है मुझपे,तेरी झलक जुनूँ ही जुनूँ है मैं ना भुला पाऊँगा कभी ये हँसीं लम्हें ... Read more

ग़ज़ल / हमारी भी सनम है

पाक मुहब्बत के फ़कत यही तो फ़न है कुछ बे-लौस ख़्वाहिशें और पागलपन है हो जाए तो इक पल में हो जाए आँखें चार ना हो तो खुदगर्ज़ निगाहें... Read more

ग़ज़ल/ग़ज़ल के इशारे क्या लिक्खूँ

हाय मैं क्या लिक्खूँ तेरे शरारे क्या लिक्खूँ आँसुओं में डूबो दिया अब बहारें क्या लिक्खूँ दो पल ख़ुशी देकर फ़िर दे दी दुश्मन तन्हा... Read more

ग़ज़ल/ख़लल अगर नहीं पड़ता

हम बेपनाह मोहब्बत करते हैं तुझे ,असर नहीं पड़ता ये हमारा मुक़द्दर है जो तेरे रस्ते में हमारा घर नहीं पड़ता हमारे बस में कहाँ है कि ... Read more

ग़ज़ल/रो धोकर ही सही ख़ुश रहेंगे

गर तुम भी ख़ुश रहोगे तो हम भी ख़ुश रहेंगे हर हाल में रहेंगे ,रो धोकर ही सही ख़ुश रहेंगे जो चाहे मरासिम दरमियाँ रखना, दुआ रखना इक त... Read more

ग़ज़ल/कुछ तो लिक्खा होगा ख़ुदा ने हमारी भी तक़दीर में

कुछ तो लिक्खा होगा ख़ुदा ने हमारी भी तक़दीर में भर जाएगा रंग आहिस्ते आहिस्ते हमारी भी तस्वीर में जब सारा जहाँ कहेगा आफ़रीन हमारे का... Read more

ग़ज़ल/तुम्हें भी हो जाएगा इश्क़ इस बेचारे अदीब से

ये हवा भीनी भीनी सी कुछ ये अपनी अपनी सी लगती है इस हवा की खुशबुएँ भी तो अपनी अपनी सी लगती हैं जब कहीं किसी रोज़ तुम गुज़र जाती हो मे... Read more

ऐ दिल तू इतने ख़्वाब मत देखा कर

ऐ दिल तू इतने भी ख़्वाब मत देखा कर उसकी आँखों में, ख़ुद के लिए आब मत देखा कर कितना पागल है तू, आवारापन छोड़ भी दे वो तेरा नहीं,उसक... Read more

हम तो गए काम से

लगता है हाय रामा हम तो गए काम से अब रोज़ रोज़ धड़कता है दिल इक ही नाम से हम तड़पते हैं बारहाँ किसी मछली की तरहा वो बड़े चैन से सोते ... Read more

दिल तुम्हें महबूबा कहता है

तुम्हे दिलरुबा कहता है, कभी महबूबा कहता है ये दिल तुम्हारी हर इक बात पे मरहबा कहता है गुमसुम गुमसुम रहता है बंजारा ना होश में रह... Read more

लबों की प्यास में आ

तू कोई ख़ुशबू सा बनकर मेरे हर एहसास में आ तुझे जो भी हो पसन्द उस लिबास में आ मैंने तेरे लिए दिल में दीवान ए ख़ास बना रक्खा है ऐ म... Read more

महबूबा अब हमपे सितम मत करना

हो जाए ग़र कोई ख़ता ये दास्तां ख़तम मत करना जालिमा मेरी महबूबा अब हमपे सितम मत करना उछाल देना चेहरें पे हमारे चाहें अंगारें ,हम सह ... Read more

दास्तां इश्क़ की

सुना है बड़ी खूबसूरत खूबसूरत हैं, दास्तां इश्क़ की वो वादियाँ कहाँ हैं, फ़िज़ा कहाँ हैं, हैं कहाँ इश्क़ की हमें भी ले चलो ऐ सर्द हवा ... Read more

इश्क़ में कम खाता हूँ तो भी ज़ियादा लगता है

आजकल कम खाता हूँ तो भी ज़ियादा लगता है जब से सुलह हुई है तुमसे,हर ग़म आधा लगता है मैं तुम्हारी आँखों से पीता हूँ बेहिसाब मय के प्य... Read more

मेरी महबूबा मरहम मरहम सी बहती है

इस सर्द मौसम में भी गरम गरम सी बहती है जालिमा तुम्हारी हर नज़्म तरम तरम सी बहती है तुमनें तो ग़ज़लों नज़्मों को ग़ुलाम बना रक्खा है ... Read more

तेरी शिक़ायत करूँगा

ना सता मुझें इतना मैं ख़ुदा से तेरी शिक़ायत करूँगा दिल्ली जाऊँगा किसी रोज़ मेरी जाँ तो तेरी माँ से तेरी शिक़ायत करूँगा तू ज़रा ज़रा सी... Read more

सिफ़ारिश कर दे हे दीदी

तू मेरे लिए भी इक हंसीं से सिफ़ारिश कर दे हे दीदी मेरे अँधियारे आशिये में भी आरिश कर दे हे दीदी वो मान जाएगी मेरी महबूबा,गुज़ारिश ... Read more

खोये खोये से रहते थे

खोये खोये से रहते थे बड़े खोये खोये से रहते थे तेरी ही जुस्तजू में नैना हर वक़्त सोये सोये से रहते थे जिस दिन तुझ से गुफ़्तगू... Read more

ग़ज़ल/शिकायतें

शिकायतें बहुत हैं तुझ से, जो मैं करने लगूँ तो ग़लत कई रंग छोड़के तेरी तस्वीर में,इक रंग भरने लगूँ तो ग़लत लगता है तू भूल गया या त... Read more

ग़ज़ल/ना पूछिए हम तुम्हारें कौन हैं

ना पूछिए ना पूछिए इश्क़ में हम तुम्हारे कौन हैं ना कीजिए ना कीजिए शरारे हम तुम्हारें कौन हैं हम तो आए तुम्हारे भरोसे बरसों की प्य... Read more

ग़ज़ल/मेरी हर बेचैनी का अस्बाब है जालिमा

मेरी ज़िन्दगी का इक अनोखा ख़्वाब है जालिमा जिसे पढ़ता हूँ मैं रोज़ वो इक किताब है जालिमा मुझे किसी भी बाग़ीचे में ऐसा गुलाब नहीं दिखत... Read more

ग़ज़ल/ज़माने से डरती है

वो अपने दिल का हाल बताने से डरती है मुझे तड़पाती है दिन रैन,ख़ुद को तड़पाने से डरती है कहती है हर लफ्ज़ मोतियों सा पिरो पिरोके मग़र ... Read more

ग़ज़ल/ तुझे राधा कहूँगा

तुझें हीर कहूँगा मेरी जाँ, कहकशां कहूँगा मैं भी नशा किया करूँगा, तुझे नशा कहूँगा कभी महबूबा कहूँगा कभी दिलरुबा कहूँगा मैं तेरे ... Read more

ग़ज़ल /मेरी शरारत समझ लेना

तेरे सज़दे में मेरे हर अल्फ़ाज़ को, तेरी सिफ़त समझ लेना जब कोई ठंडी हवा का झोंका तुझे छू जाए, उसे मेरा ख़त समझ लेना हो जाऊँ ग़र नाराज़ ... Read more

ग़ज़ल/मुझें कभी कभी ज़िन्दगी मिलती है।

मैं जितना ख़ुश होता हूँ, उतनी ख़ुशी मिलती है ये सच है, मुझें कभी कभी ज़िन्दगी मिलती है सब कुछ है भी मेरे पास ,और कुछ है भी नहीं मै... Read more

शेर/जज़्बात

आज मैंने तुम्हें मेरे शहर में ठंडी हवा सा बहते हुए देखा अगर वो तुम नहीं थीं मेहरबाँ तो वल्लाह कोई तुम सी थी.. ~अजय "अग... Read more

ग़ज़ल/तुझे याद करके लिक्खु तो ग़ज़ल बन जाती है

जानेमन मेरी हर मुश्किल कँवल बन जाती है तुझे याद करके लिक्खु कुछ भी तो ग़ज़ल बन जाती है हिरनी के जैसी हैं आँखें तेरी उनमें मधुशाल... Read more