Dayal yogi

Joined January 2017

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सुबह की ताज़गी जैसी.....

सुबहा की ताज़गी जैसी ये संदल याद है तेरी चाँदनी रात सी प्यारी सी शीतल याद है तेरी ये जो आती है जाती है मेरे भीतर से रह रह कर... Read more

....फिर चले आओ पिता.........

रात फिर काली है आज भय भगा जाओ पिता छाती पर अपनी लिटाकर फिर सुला जाओ पिता देख लो मै इन अँधेरों से अकेला लड़ रहा हूँ आपकी दिखल... Read more

सुबहा की ताज़गी जैसी

सुबहा की ताज़गी जैसी ये संदल याद है तेरी चाँदनी रात सी प्यारी सी शीतल याद है तेरी ये जो आती है जाती है मेरे भीतर से रह रह कर... Read more

" माँ " जब मुझको डराती है....

सताती है रुलाती है तो बस तू याद आती है कोई चिन्ता जलाती है तो बस तू याद आती है अँधेरे मन के कोनों में छिपी बैठी ये तकलीफें "माँ... Read more

"" ......तुम नहीं आये...""

तुम नहीं आये.... चाँद सितारे सारे आये तुम नहीं आये तन्हा दिल रोये घबराये तुम नहीं आये दर्द ए दिल अफसाने क्या बेबस इश्क तरा... Read more

" तुझे भुला कर देख लिया है... "

तू ही तू साँसों का धागा, आजमा कर देख लिया है....! बिखर चुके हैं मनके मनके, तुझे भुला कर देख लिया है..!! भूख नहीं मिटती है तु... Read more

ये "माँ" लफ्ज़ है सबसे प्यारा ज़मीं पर.....

चमकता हुआ इक सितारा ज़मीं पर यही ढूबतों का सहारा ज़मीं पर फरिश्तों ने खुद इसको हाथों से लिक्खा ये "माँ" लफ्ज़ है सबसे प्या... Read more

" शहीद की बिटिया "

जमाने से मुझको नहीं कोई मतलब तुम्ही मेरी दुनियाँ चले आओ पापा... बैठी हैं कब से सीढ़ियों पे भूखी मैं और मेरी गुड़िया चले आओ पापा.... Read more