बाबूजी के बचाये हुए पैसे

बाबूजी के बचाये हुए पैसे छोटे परिवार में बेटे-बहू सरकारी नौकरीपेशा, महीने चालीस पचास हजार की आय, जो गांव देहात के लिए पर्याप्त ह... Read more

तेरी पायल की झनकार

तेरी पायल की झनकार, तेरी चूड़ियों की खन-खन, सुन के डोले रे डोले, देखो मेरा तनमन-तनमन। बेचैनी छाई है दिल में, अजब सी मची है हलचल, ... Read more

चुनरी केशरिया

हर्षित होती थी हिमालय के ॐ गुँजन से, देव भूमि में देवों के स्तुति वंदन से । और हर्षित होती स्वामी-गांधी के उपदेशों से, संत-महात्म... Read more

प्रेम प्रीत

चाँद भी यही कहता चाँदनी यही सूनाती है, प्रेम रंग में रंगी प्रीत याद तुम्हारी आती है । वो हंसो का जोड़ा प्रेमताल में प्रेमनाद करत... Read more