पी के तिवारी

रायपुर छत्तीसगढ़

Joined October 2019

मैं एक लेखक एवं पत्रकार के रूप में रायपुर छत्तीसगढ़ में कार्यरत हूं

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कागज और कलम की बातचीत

कागज़ बोले कलम से क्यूँ इतना सताती हो, कभी पेंसिल से तो कभी पेन की निब चुभाती हो | कुछ लिखती हो टेढ़ा मेढ़ा, तो कभी सरपट लिख जाती... Read more

पूछा न उसने की...

पूछा न उसने कि हाल क्या है ? दिल मे मचा फिर बवाल क्या है? बेवफाई उसने तो करनी ही थी इसमे कोई नया कमाल क्या है।? दिल फिर भी य... Read more

जब नभ की ...

जब नभ की अगुणित सीमाएं शीतल शशिमय हो जाती है जब धरा हिमालय से उठकर स्वागत में मलय चलाती है तब ऐसा क्या कुछ होता है हर बात सुखद ... Read more

प्यार भरी मनुहार

प्‍यार भरी मनुहार भरी, एक शाम मुझे पा लेने दो। गीत लिखे तेरे आँचल पर, उसको तो गा लेने दो। भूलूँ ना ये गीत प्रीति का, फिर इसको... Read more

अगर ये लेखनी न होतो तो मेरा क्या होता

लिखते लिखते बस यूँ ही खयाल आया.......... अगर ये लेखनी न होती तो मेरा क्या होता..............???? आजकल सुबह भी इसी से शुरू और रात... Read more

रोज कुछ नया लिखता हूं

रोज कुछ नया लिखता हूँ, रोज कुछ नया गढ़ता हूँ, बस लिख लेता हूँ, इसलिए ही आजकल खुश दिखता हूँ। वो उदासी वो निराशा, अब गायब सी हो ... Read more

सिर्फ चलते रहना है

चले जा रहे हैं। एक राह मिली है मगर, न मंज़िल का पता न जाने कैसी है डगर। चले जा रहे हैं.…… बस चले जा रहे हैं.…… रोज होती है नई... Read more

मेरा अधूरा ख्वाब हो तुम

मैं जिसे हमेशा हमेशा देखना चाहता हूं। वो अधुरा ख्वाब हो तुम। मेरे हर सवालों का पूरा-पूरा जवाब हो तुम।। तुम्हारे खयालों का तो मै न... Read more

कैसे बताऊ की तुम मेरे लिए कौन हो

कैसे बताऊँ मैं तुम्हें…. मेरे लिये तुम कौन हो…… कैसे बताऊँ !!! कैसे बताऊँ मैं तुम्हें तुम धड्कनॊं का गीत हो, जीवन का संगीत हो! ... Read more

तुम्हारे लिए

कुछ सुनहरे सुरीले शब्दों को जोड़कर मैं भी लिखता एक नाज़ुक सी कविता, तुम्हारे लिए... पर मेरी शब्दावली में तो ऐ दोस्त, फकत ये तल्... Read more

ए आसमां

आसमां तू मूक कैसे रह लेता है ऐ आसमां, कितना कुछ गुजरता है तेरी आँखों से दिन रैन, और फिर भी तू रह लेता है कैसे यूँ, निरबेद, नि... Read more

एक अर्चना

तू है शिल्पी मेरा, मैं हूँ रचना तेरी, रूप तेरा ही है मैंने पाया, मेरी परछाई तू, मेरा दर्पण भी तू, क्यों रहा फिर मैं तुझसे पराया... Read more

मैं हूँ खामोश

मैं हूँ खामोश, मेरे अलफ़ाज़ सुनो, मेरे साँसों में गूंजती, अपने पायल की झंकार सुनो, मैं हूँ मदहोश, मेरे जज़्बात सुनो, मेरी आँ... Read more

मैं गुलाब था

मैं गुलाब था खुशबु भरा, मुझे आँधियों ने हिला दिया, जो मुझे बचाने को बने थे , मेरे उन काँटों ने मुझे ही रुला दिया। तोडा म... Read more

रात में खामोश चाँद

रात में ख़ामोश चाँद हो तुम... उस चाँद की पहली चांदनी हो तुम, फूलों की कली, फ़रों से बनीं, इत्र की खुशबू हो तुम, खो गया मै... Read more

अगर चाँद न होता

अगर चाँद मर जाता झर जाते तारे सब क्या करते कविगण तब? खोजते सौन्दर्य नया? देखते क्या दुनिया को? रहते क्या, रहते हैं जैसे मनुष... Read more

आज का शब्द

आज का शब्द खुलती हैं जब शब्दों की खिड़कियां, कई राज खुल जाते हैं, कभी शब्द ओझल हो जाते, फिर वापिस आ जाते हैं. शब्द कभी सिखलाते... Read more

माटी है कितनी अनमोल

माटी है कितनी अनमोल ,नही है इसका कोई मोल #पीकेतिवारी (लेखक एवं पत्रकार) माटी की सौंधी सुगंध ना सिर्फ मन को सुवासित करती है बल्... Read more

तलाश में तेरी हमने जिंदगी बिता दी

जिसे ढूंढ़ने की तलाश में , हम पूरी जिंदगी बिता देते हैं , इन खामोशियों को हम अक्सर ,यूँ ही छिपा देते हैं . ना जाने वो ख़ुशी किस तरह ... Read more

जिंदगी एक सीधी सड़क नही

जिंदगी एक सीधी सड़क नहीं, गर सड़क भी है तो कई मोड़ हैं इसमें; ये महामार्ग है अपने देश की, कभी समतल तो कभी जोड़ हैं इसमें. आभास... Read more

बस मुहब्बत कीजिये

बस मुहब्बत कीजिये #पंडित पी के तिवारी (लेखक एवं पत्रकार) इ श्क की ही तरह मुहब्बत शब्द भी प्रेम के अर्थ में खूब इस्तेमाल होता ... Read more

एक प्यारी सी मुस्कान सब दर्दों की औषधि

एक प्यारी सी मुस्कान सब दर्दो को औषधि #पंडित पी के तिवारी मुस्कान किसी भी व्यक्ति के हृदय की अभिव्यक्तियों को प्रदर्शित करती ह... Read more