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पहली हमसफर माँ

आज भी इस दरिया का समंदर तू है माँ। मेरे दिल के अंदर तू है माँ। आज भी जब बिन मांगे जो चाहूँ मिल जाता है तुझसे, मेरे सब सपनों की हक... Read more