अटल चौबे

घोरावल, सोनभद्र (उ.प्र.)

Joined November 2017

Awards:
“अटल” नाम ही,
है पहचान मेरी।

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आशा की लौ

आज नहीं तो कल निकलेगा हर विपदा का हल निकलेगा अँधियारे को तो छँटना ही है जब पूरब में सूरज निकलेगा। उठना गिरना, गिरकर उठना जीवन... Read more

आधी मोहब्बत

याद तुम्हें हम करते हैं, पर कारन क्या है? पता नहीं! देख तुम्हें खुश होते हैं, तुम भी होते हो? पता नहीं! याद है हमको वो लम्हां,... Read more

ज़िंदा लाश की परिभाषा

साँस तो लेती है अंदर बाहर भोजन औ नित्य क्रियाएँ भी समय समय पर करती है। हालचाल भी करती है, गर पूछे कोई "और कैसे हो? कहती है "... Read more

याद

दिखा नाम कोई अचानक नज़र को पुराने दिनों की झलक दे गया याद आया वो चेहरा थे भूले जिसे सोए अरमान कोई जगाता गया। Read more

कुछ तो कर

कुछ कर जा ऐसा कि मान जाए दुनियाँ काबिलियत तेरी कुछ बन जा ऐसा कि हो जाए दुनियाँ नतमस्तक आगे तेरे कुछ दिखा जलवा ऐसा की आ... Read more

बिन बोले समझ ले तूँ मेरे जज़्बातों को

कैसे मैं कहूँ तुझसे मेरे दिल की बातों को बिन बोले समझ ले तूँ मेरे जज़्बातों को इज़हार मोहब्बत का करने से हिचकते हैं इनकार कहीं... Read more

रे मेरे मनमीत!

रे मेरे मनमीत! न गा तूँ प्रेम के यूँ गीत, ये प्रेम बड़ा ही, दुखदाई है! तेरी ... Read more

कैसे मैं कहूँ तुझसे

कैसे मैं कहूँ तुझसे तूँ मेरी मोहब्बत है मेरे दिल में बसी है जो तेरी ही मूरत है। कैसे.......... मैं देखूँ किसी को भी सब में... Read more

माँ

तेरे एहसानों का शुक्रिया अदा कैसे करूँ माँ मैं तो दोज़ख़ के भी क़ाबिल न था तूने सीने से लगा, जन्नत का बाशिंदा बना दिया। ... Read more

हे कुर्सी!

हे कुर्सी ! तेरी महिमा अपरम्पार है तेरे ही कारण समाज में बेईमानी व भ्रष्टाचार हैं परिवारवाद की जड़ तू है बुराईयों की गढ़ तू है ऊ... Read more

ये मौन तुम्हारा, है बहुत कातिलाना

हुआ क्या है तुमको, कुछ कहते नहीं, क्यों? ये मौन तुम्हारा, है बहुत कातिलाना आदत है सुनने की चहक तुम्हारी, चुप क्यों हो? ख़ता... Read more

एहसास

जो तुम यूँ मुस्कुराते हो दूर से ही देखकर हमको कैसे बताएं किस कदर हम दीवाने हुए जाते हैं। यूँ न जाया करो तुम छज्जे से अचानक ... Read more

मैं इंसान हूँ, बन्दर नहीं!

मुझसा ही रहने दो मुझे, औरों सा न बनाओ! दुनियाँ की भेड़चाल में मुझे अंधों-सा न दौड़ाओ। नकल करना, मेरी फ़ितरत नहीं, मैं इंसान हू... Read more

नारी

जग की जननी, माँ नारी है! प्रेम की देवी, पत्नी नारी है! घर को स्वर्ग बनाने वाली हर गृहणी नारी है! संस्कारों, संस्कृति की देव... Read more

नफ़रत से भी मोहब्बत

मोहब्बत के नाम से भी नफ़रत सी थी हमें पर मिली जबसे वो गैरों से भी मोहब्बत हो गई उसका हँसना, मुस्काना बातों ही बातों में रुठ जा... Read more

झुकाना सीख!

अरद मत बन, अरदना सीख! परिस्थितियों से हार मत, जूझना और जीतना सीख! ग़म से भाग मत, उसे अरसना सीख! दुनियाँ करेगी बन्दगी तेरी, ब... Read more

दिल की आरजू

एक आरजू है दिल की, सारे जहाँ में छा जाऊँ! एक आरजू है दिल की, सबको अपना बना जाऊँ! एक आरजू है दिल की, इंसानियत को संग ले चल पाऊँ!... Read more

ज़िन्दगी

ज़िन्दगी एक दर्द है, इसमे बस आह है, यह तो दुःख का समंदर अथाह है! यहाँ सहारा है, सिर्फ प्यार की कश्ती, जो अगर मिल जाए तो हर ज़... Read more

पुकार

गम के समंदर में, मुश्किलों के थपेड़े खा, डगमगा रही मेरी किश्ती को किनारा दे दे। या मौला! सहारा दे दे!! ज़िन्दगी की राहों में... Read more