Pradeep Rajput

Joined November 2018

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नज़र-ए-मोहब्बत

ग़ज़ल...🎶 क्यों तुम मुझे देखकर कतरा रहे हो, घबरा रहे हो के तुम शरमा रहे हो। अपना बना के यूँ तुम नज़रें मिलाके , म... Read more