पांडेय चिदानन्द

रेवतीपुर, देविस्थान

Joined February 2018

-:-
हो जग में यशस्वी नाम मेरा, है नही ये कामना,
कर प्रशस्त हर विकट राह, हो निडर करुं सामना!
.
मातृभूमि का शेर हुँ मैं , ये मेरी कलम तलवार है,
चिर दूँ हर द्रोहियो को, जिसकी गलत हो कामना!
-:-
★सामान्य परिचय★
नाम:- पाण्डेय चिदानन्द
साहित्यिक नाम:- “चिद्रूप”
जन्मतिथि:- ०९/०४/१९७७
पिता का नाम:- श्री सूर्य नाथ पाण्डेय ‘अकवि’
माता का नाम:- श्रीमती धर्मवती पाण्डेय
शिक्षा:- स्नातक (कला संकाय)
व्यवसाय:- नौकरी (भारतीय सेना)
पता:-
स्थायी निवास:-
ग्राम+पोस्ट – रेवतीपुर, बेसहन पट्टी (देवी स्थान)
ज़िला – गाज़ीपुर उत्तरप्रदेश पिन – २३२३२८
अस्थायी निवास:-
लखनऊ उत्तर प्रदेश पिन २२६००२
कार्य स्थली:- जयपुर राजस्थान पिन ३०२०२१
उपाधि:- राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी (काव्य कुटुम्ब)
साहित्य:-
कविता; गीत; ग़ज़ल; भजन; एवं कहानी
संकलन:-
अपयश; सल्फास; हलाहल तथा बेतकल्लुफ़_हुस्न
(संसोधक तथा सुधारक)

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#भक्त_हूँ_गुलाम_नही!

मेरे जी हुजरी का, लेते तुम सलाम नही। अजी मै भक्त हूँ, तेरा नही गुलाम कोई।। तूने कभी गौर से, न देखा है पयाम कोई। अजी मै भक्त हूँ, ... Read more

वो बेचता है दिये!

वो बेचता है दिये, खुद के नन्हे हाथो से, उसका ये गढ़ा हुवा, धूप, बारिश, छाँव में, दुबका सा पड़ा हुआ। आपकी इस दीपावली, को जगमगाने ... Read more

#निकल_चलो!

एक बार के ही ठोकरों से, दिल संभल चलो ! गर साथ नही चल सके, पीछे निकल चलो !! क्या बात है कि गलतियाँ, हर बार बेवजह ! यूँ ढूंढ ढूंढ... Read more

#मैं_तो_बेटी_हुँ_तेरी!

मैं तो बेटी हुँ तेरी, मुझको जिलाना पापा। मुझे छुपे शहरी भेड़ियों, से छिपाना पापा।। मैं तो बेटी हुँ तेरी, मुझको सजाना पापा। बुरी नज़... Read more

सरहदी

हाँ, सरहदी हम, सरहद मेरी, माँ के आँचल सा, पोषक है। पर जानेगा कैसे, बात ये वो, जो जन जनता, का शोषक है।। ना अर्ज कोई, ना मर्ज को... Read more

मेरा त्यौहार आ गया।

देखो आज फीर मेरा त्यौहार आ गया । जी हाँ हम शहीदों का त्यौहार आ गया।। ये हिन्द वतन है यहाँ हमेशा, रिस्तो का पर्व मनाते हैं। राखी... Read more

आज पन्द्रह अगस्त है।

तोड़ जंजीर पग के, बेड़ियाँ गुलामी वाली, हिन्द के सपूत से, हूवे दुश्मन हर पस्त है। चीख चीख चीख उन्मुक्त, दिल ये पुकारता, हाँ आज वो अ... Read more

सिनुरा के मोल

एक चुटकी सिनुरा के, मोल का बताई, छूटे जेसे घरवा दुवार हो, संग सहेली छूटे, छुटे माई के अचरा, छुटे ओसे सारा परिवार हो। छुटे डहरि... Read more

सीख

ये पापा की परियाँ ऐसा, कैसे अत्याचार ढाती हैं। घर छोड़ बिन छुरी कटार, घरवालों को मार जाती हैं।। पापा ने था बहोत सिखाया, हर सीख... Read more

ठोको ठोको

कल वो जिसने राहुल को, पप्पू का सा नाम दिया, कल वो जिसने कांग्रेस को, मुन्नी सा बदनाम किया। आज वही उस कुनबे में क्यों, गप्पू हो क... Read more

नमन

है नमन इस धन्य धरती, के समस्त रणधीरों का,। है नमन चिरनिद्रा सोये, पुण्य माटी में शमशीरों का।। आज भी है इन हवाओं में, महकती जिनक... Read more

भारत का अभिमान बने।।

हम भी कर्तव्य परायणता का, ले सीख देश की शान बने। इस अहले वतन का बच्चा बच्चा, भारत का अभिमान बने।। उद्घोष हो भारत माता की, जय ... Read more

बागी

इतने सुन सुन कर सितमगर, इस जहां की हर दास्तां, दोस्त गर सच सच कहूं तो, दिल ये बागी सा हो गया। हम न निकले थे कभी, कालिख भरे रस... Read more

ए तिवराईन बोल

छोड़ अब खिसियाईल कह, हँस हँस के बतीयईबु का। ए तिवराईन बोल अबकी, तू करवाचौथ मनईबु का।। तोहरा अईला से हमके, खट्ट मिठवा के स्वाद मिल... Read more

अब राम कृष्ण नही आएंगे।

चलो उठो बन कर्मयोगी तुम, बल पौरुष पर अभिमान करो, अब राम कृष्ण नही आएंगे, मत इनका तुम आह्वान करो। सवा रुपये, मन सवा का लड्डू, लोभ क... Read more

हिंदुस्तान बदल रहा है।।

वो कहते हैं हर समस्या का, समाधान बदल रहा है। सच सच बताना क्या वाकई, हिंदुस्तान बदल रहा है।। वेतन भोगियों के मन मे कैसा, आक्रोश च... Read more

#बेतकल्लुफ़_हुस्न 006

मोहब्बत नाम है जिसका, वो तो बस अब कहानी है, नही चाहत है ये दिल की, जज्बातों की रवानी है। न कर तू बात अब साथी, उन पिछड़े जमाने की... Read more

तेरे गलियों के चक्कर, काटने का मज़ा।।

है ये आशिक़ बने, सोशल मीडिया पे जो। इनको क्या हो पता, आशिक़ी की सजा।। अब ये समझेंगे क्या, आज के छोकरे। तेरे गलियों के चक्कर, ... Read more

मतदान (भोजपुरी)

भईया भागीदार तुहूँ देशवा के विकाश क, करिह आपन मतदान तू। बबुआ हिस्सेदार तुहूँ गउवां अऊर समाज क, करिह आपन मतदान तू।। नइखीन कहत क... Read more

चौकीदारी

अमीर तुम हो, तुमने, चौकीदार रक्खे होंगे। गरीब हम है, हमने, सीखी चौकीदारी है।। ये देश अपना जो हमे, जान से भी प्यारी है। उसकी ... Read more

मनोहर पर्रिकर

करता नमन मैं उसे, जो सादगी सम्राट थे। कर्म से सबके चहेते, जो मरमिटे है राष्ट्र पे।। एक नाम तेरा भी है पर्रिकर मन में मनोहर मी... Read more

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल

हम है भारत के विजयी सेनानी, चलते हैं सीना तान के। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, है प्रतिबद्ध जन कल्याण के।। हम डिगते नही हम थकते नही, ... Read more

महाकाल तुझको है नमन

काल का भी काल तूही, महाकाल तुझको है नमन, हे त्रिनेत्र, जटा गंग धरि, चंन्द्र भाल तुझको है नमन। रुद्र रूप तेरा प्रलयकारी, है भोला भी... Read more

महाकाल तुझको है नमन

काल का भी काल तू, हे महाकाल तुझको है नमन, हे त्रिनेत्र, जटा गंग धरि, चंन्द्र भाल तुझको है नमन। रुद्र रूप तू करता प्रलय, है भोला भी... Read more

अभिनन्दन

काट कर ले जाते थे, सरहिन्द से जो सर कभी, उस ज़मी से वीर जिंदा, हिन्द का अब आ रहा है, वक्त बदला देश बदला, खोल आंखे देख पाकी, कैसे ... Read more

वीर उधम सिंह (भोजपुरी)

भारत के त उ वीर मान, बल के पहाड़ सम, साहस के सिंधु जान, धीरज जवन धरले बा। डायर के गुमान अब, तोड़े खातिर नौजवान, माटी क लाल आज, गर्व... Read more

अंतिम फैसला

लोहे को बस लोहा काटे, फिर से जहर को जहर से मरने दो, छोड़ो सियासती निंदा विंदा, अब तो सीने में गोली भरने दो।। जो बोया है वो कटेगा,... Read more

जीजा जी

तू नाम ले लेना भले, पर जीजा न कहना हाले से, मैंने किया जब शादी तो, यही शर्त रख दी साले से।। बदनाम से है हो रहें, जो सार्वभौमिक ज... Read more

आँखें।।

वो इजहारे इश्क़ यूँ, निगाहों निगाहों से कर गए, महफ़िल में जो कहते थे कि, बेजबान है आँखें।। खुन्नस लिए जो बैठे थे, न कभी कहते जुबां... Read more

भोजपुरी बिरह गीत

आज कुछ बिशेष मित्र लोगन क आग्रह पर हमऊँ भोजपुरी बिरह गीत लिखे क कोशिस करत बानी इहे आशा से की आप सभे लोगन के पसंद आई, चुकी हई हमार प्... Read more

खलिस (कमी)

कोई प्यासा कुवें के पास, कब जाता है ये समझों, कब फनकार जीवन का, लुफ्त उठता है ये समझो। हथेली पर यूँ रख कर जान, जरा एक बार तो कह दो... Read more

जरूरत

अब न आँखे भरती हैं, अब न दिल पिघलता है, महज एक बूत के जैसे, बदन घर से निकलता है। कभी कहती थी माँ की, बेटा ये बचपना छोड़ो, अभी वही ... Read more

खता

ये बातें उनदिनों की है, अकेला ऊब जाता था। तेरे यादों में जाने कैसे, अक्सर डूब जाता था।। की अब हालात मुझको, चैन से सोने नही देता। ... Read more

वो सयानी हो गयी

किसको कहें की जिसके हमने, इतने तंज झेले थे, कितने नखरें, कितने उल्फत, कितने रंज झेले थे। उसकी वो बचकानी हरकत, अब जाफरानी हो गयी, ... Read more

सोचता हूँ मैं

सोचता हूँ मैं सोचता हूँ मैं की भला अब, उस रात उनसे क्या कहूँ , आगोश में होंगी वो जब, फिर बात उनसे क्या करूँ। गर न कह सकें कुछ, अप... Read more

मैं तो कवि हुँ

मैं तो कवि हुँ नित शब्दो से, खिलवाड़ करता हूँ। अपने तुरीण में साध करके, नए वाण रखता हूँ।। हास्य हो या व्यंग हो, वो मारक है सारे ए... Read more

सैनिक रज

क्या नही चाहिए पैसे उनको, क्या उनक़े पेट थे भरे हुऐ। फिर क्यो भागे कमाण्डो वो, थे जान से क्या वो डरे हुऐ।। नही था जज्बा सेवा का य... Read more

तेरी नाराजगी

तेरी नाराजगी मुझको, यूँ ही हर पल सताएगा, तुझे न मैं भूल पाऊंगा, तुझे न दिल भूल पाएगा। तेरी यांदे तो रह रह कर, मुझे ऐसे ही रुलायेगा... Read more

विद्यालय गीत

चुन कर पुष्पें शाखाओं से, नवनिर्मित बाग बनायेगा। राष्ट्र के हित में विद्यालय, शिक्षा का दीप जलाएगा।। ज्ञान, ध्यान, बिज्ञान रसायन... Read more

निर्लज

खेलत खावत मौज से, पूत बढाये केश, काहें तुमको डर लगे, पूछे सारा देश। पूछे सारा देश, बोल जरा कैसी बिपति, आज अचानक सुर बदले बाराह सु... Read more

मैं आज़ाद हुँ

वर्ण पिरामिड:- मैं चन्द्र शेखर आज़ाद हुँ स्वाधीनता की दीवानगी लिए जलाता चराग हुँ।। वो क्या जानते मुझमे है किस कदर भभ... Read more

वीर उधम सिंह

भारत के तो वीर मान, बल के पहाड़ सम, साहस के सिंधु जान, धैर्य को जो धारा है। डायर के गुमान अब, तोड़ने को नौजवान, माटी का लाल आज, गर्... Read more

हरिश्चंद्र विलाप

हाय रे बिधना विपत ये कैसी, क्यों व्याकुल मन तरसाया है। नियति बनी गया राजपाट सब, दर-दर बिधिवत भटकाया है।। एक दुखियारी सहे ताने ... Read more

आज का इंसान

बेजुबां पत्थर की मूरत, पे वो जो लादते करोडो के गहने । दहलीज पे उसके ही, गरीबो के बच्चो को तरसते देखा है।। सजे थे भोग छप्पन थाल म... Read more

बदलाव

रची रचना जो विधना ने, धूप के बाद छावं आएगा। हो असत्य पे आरूढ़ सत्य, फिर से बदलाव लाएगा।। तिमिर घोर हो अंधेर हो, भय की न कोई बात ह... Read more

सियासत

सिया सत के सत् की परिक्षा, वह मर्यादा प्रभु राम की। आज सियासत मिल कर भी, नही रही किसी काम की।। औरो खातिर जिनको पहले, न चाह थी निज ... Read more

ईर्ष्या हाइकू

किलकारियां लुप्त से बचपन ईर्ष्या का फंदा।। ©® पांडेय चिदानंद “चिद्रूप” (सर्वाधिकार सुरक्षित ०५/१२/२०१८ ) Read more

इंसा हाइकू

सीमा से दूर पंक्षियां गगन में इंसा है बंधा।। ~:~ मान सम्मान कर दे अपमान आज का इंसा ~:~ स्वान , गन्दर्भ अजगर बना है ये हठी ... Read more

ब्यथा हाइकू

जल तरंग जिंदगी करे सौम्य बाढ़ की ब्यथा। ©® पांडेय चिदानंद “चिद्रूप” (सर्वाधिकार सुरक्षित ०५/१२/२०१८ ) Read more

पुष्प हाइकु

पुष्प निष्प्राण भ्रमर परिजात बृष्टि की कथा।। ©® पांडेय चिदानंद “चिद्रूप” (सर्वाधिकार सुरक्षित ०५/१२/२०१८ ) Read more