एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण !
सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में रचनाओं का प्रकाशन !
एक लम्हा जिन्दगी , रूह की आवाज , खनक आखर की एवं कश्ती में चाँद साझा काव्य संग्रह प्रकाशित !
e काव्यसंग्रह “कहीं धूप कहीं छाँव” एवं “दस्तक समय की ” प्रकाशित !

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" जीवन के मधुगान हैं " !!

हलधर की बेटी ठहरी मैं , हँसी लगे पहचान है !! हरे भरे खेतों में रमती , वहन करूँ जिम्मेदारी ! हरी चुनरिया माँ धरणी की , उस पर म... Read more

" किस्मत में कहाँ छप्पन भोग " !!

आग बरसती बड़ी तपिश है , चमकी से चमके हैं लोग !! खड़े कुपोषण और गरीबी , भाषण से कुछ ना होगा ! स्वास्थ, चिकित्सा , शिक्षा सस्ती , ... Read more

" इच्छाएं सब चेरी " !!

योगा में आसन अनेक हैं , मुद्राएँ बहुतेरी ! साँसें वशीभूत होती हैं , इच्छाऐं सब चेरी !! रोग ग्रसित है जीवन सबका , चिंता बड़ी सत... Read more

" प्यासे पानी चाहें " !!

जम के बरसो कारे बदरा , तुम पर टिकी निगाहें !! प्यासे प्यासे अधर हमारे , धरती भी है प्यासी ! सूखे सूखे खेत पड़े हैं , हरियाली न... Read more

" प्रजातंत्र की मार बड़ी है " !!

कैसी यह तकरार छिड़ी है , प्रजातन्त्र की मार बड़ी है !! सब अपने , समभाव दिखे ना , व्यापकता का भाव कहाँ है ! सबके अपने स्वार्थ सज... Read more

" हर पल मेरा ही खयाल है " !!

नयन पिरो रहे अश्रु माल हैं ! कदम कदम पर साथ मिला औ , काँधे पर चढ़ना , इठलाना ! दूर दूर तक रखी निगाहें , पलकों में सब सिमटा आना ... Read more

" अब मतदान ज़रूरी है " !!

अब मतदान ज़रूरी है !! परख लिया , सबको पहचाना , लोकतंत्र होता क्या जाना ! एक दूजे के गले मिले सब , भाषा की गरिमा को माना ! उतरे... Read more

" आये फिर मनुहार के दिन हैं " !!

आये फिर मनुहार के दिन हैं !! बरसों बीते महक वही है ! बातों में भी चहक वही है ! हँसी लगे है आज खनकती , पाये वह झनकार के दिन है ... Read more

" मैं हूँ और मेरी तन्हाई " !!

मैं हूँ और मेरी तन्हाई !! जीवन क्या आपा धापी है , खुद से भी ना मिल पाते हैं ! कुछ पाना है इसी दौड़ में , बस दौड़े दौड़े जाते हैं ... Read more

" हम पर हैं उपकार बड़े " !!

पृथ्वी , धरा , भू , धरती के , हम पर हैं उपकार बड़े !! जननी सा लालन पालन है , भूख प्यास सब दूर करे ! धूप घनेरी सही न जाये , वृक... Read more

" खुशियों के पल साँचे हैं " !!

कोई बंधन बांध न पाये , तब मन मयूर नाचे है !! पावस ऋतु जब मन हरषाये , हरी चुनरिया को लहराये , लेता मौसम अंगड़ाई है , खुशियों के... Read more

" बिखर बिखर गये अरमान " !!

तिनके तिनके बिखरे सपने , बिखर बिखर गये सामान ! आज चली फिर ऐसी आंधी , हम निर्बल समय बलवान !! दो गज़ धरती अगर मिली तो , पर्ण कुट... Read more

" निर्वासित हम " !!

चोका ढूढें अँखियाँ ताल तलैया पानी हुई उदास फिर वही कहानी जलधारा हैं सूखी खुद प्यासी सी कुँए अकेले पनिहारिन भागी बरसे... Read more

" हम तो बस लाचार हैं " !!

धरती फटती जाती है जी , पानी की दरकार है ! सब कुछ दाँव लगा बैठे हैं , खड़ी सामने हार है !! कदम कदम पर जगत कुएं की , खुदे हुए नल... Read more

" मौसमी दोहे " !!

हाथ जोड़ नेता खड़े , करे वोट की मांग ! सूरज गुस्से में तपे , घुली कुएं में भांग !! तीखी तीखी धूप है , तल्खी दिखती साफ ! जनता सी न... Read more

" संघर्षों की राह कठिन है " !!

हँसते गाते खुशी मनाते , हमने चलना सीख लिया है ! हमको सदा पीर सहना है , यह कह मन को जीत लिया है ! काम अगर बोझा समझा तो , काट रहे... Read more

" पोस्ट कार्ड से मन हैं खाली " !!

पोस्टकार्ड से , मन हैं खाली !! अपनी चिंता जुटे सभी हैं ! याद सताये कभी कभी हैं ! संदेशे अब शीघ्र पहुंचते , हरकारे देते हैं त... Read more

" फिर चुनाव आये हैं " !!

फिर चुनाव आये हैं !! महासमर का बिगुल बजा है , नायक रथ चढ़ बैठे ! मान मुन्नवल शुरू हो गई , रहे न अपने ऐंठे ! घर घर जाकर मनुहारे... Read more

" दीप जलता रहे " !!

दीप जलता रहे !! फैली चंहु और , गंध मादक सी! श्रृंगारित तन मन , प्यास चातक सी ! अलसाया तम है , हाथ मलता रहे !! चूड़ी करे खन... Read more

" किस्से इन्हें सुनाने हैं " !!

पांसे गर पड़ जाये उल्टे , हाथ लगे अफसाने हैं ! नींद उड़ चले रातों की फिर , किस्से तो मनमाने हैं !! नफरत की आंधी जब चलती , सोच स... Read more

" कदम कहाँ रूकते हैं " !!

मन को रोको बरबस चाहे , कदम कहाँ रुकते हैं !! कई पड़ाव उम्र के देखे , नहीं थकन से नाता ! मौसम तो है एक छलावा , रोज़ तानता छाता !... Read more

" नयनों में ढलते दृग " !!

है स्वार्थ की , दुनियादारी , पग पग पर , बैठे ठग !! अपनों से , रिश्ते गहरे से , कहाँ नेह , मिलता है! मुस्कानें बस , सौदाई... Read more

" बढ़ गये हैं जीत कर " !!

साध कर निशाने हम , चल पड़े हैं जीत कर !! चीर कर अंधेरों को , लक्ष्य सभी भेदे हैं ! आतंकी , अधमों के , सीने भी छेदे है ! रिपुद... Read more

" आवारा बादल हुई है " !!

याद करवट ले चुकी जो , चाह में पागल हुई है !! रात काटे से कटे ना , पल पल ठगी करने लगे ! सपन जागे हुए अपने , अपने हँसी करने ... Read more

" लगे सुहानी नित है भोर " !!

कदम बढ़े हैं ,शहर की ओर !! गांवों में पसरा सन्नाटा , लघु किसान के हिस्से घाटा , सब्ज़ी भाजी उगा रहे हैं , पेट पालना हुआ कठोर !! ... Read more

" ममता का उपहार यही है " !!

नमन देश को करते हैं ये , सैनिक के संस्कार यही है !! मातृभूमि की रक्षा करना , जिनका केवल ध्येय यही है ! आँख मिचौली करे मौत है ,... Read more

" मनुहार है " !!

थाम लो हाथ फिर से , उपकार है !! दो कदम तुम चले हो , मैं भी चला ! फासले मिटते गये , फिर क्या गिला ! मोह का यह पाश है , दीदा... Read more

" फिर हुए कुर्बान हैं " !!

हम वतन के नाम पर , फिर हुए कुर्बान हैं !! हम लड़ाई लड़ रहे , इस पार , उस पार भी ! जान जाती , है जाये , हम भरें हुँकार भी ! न... Read more

" छू नहीं सके मलाल " !!

आनन पर खिलती मुस्कानें , समय ने बदली चाल !! वही शरारत भली लगे है , जो मन को हरषाये ! ऊपर वाला थोड़ा देता , ज्यादा है तरसाये ! ... Read more

" मन पगला पगला सा " !!

बदली बदली सी बयार है , है मिज़ाज़ बदला सा !! तोल रहे हम सुख दुख अपने , देख रहे हैं सौदागर ! खुशियाँ कहाँ मिलेगीं हमको , हमें चा... Read more

" महक ले रही जमुहाई " !!

कलिकाओं ने रंगत बदली , ली बसंत ने अँगड़ाई !! है बयार का रुख बदला सा , बदल गये हैं सुर सारे ! भेज रही महके संदेशे , जैसे पहुँचे... Read more

" देश प्रेम का भान इन्हें है " !!

देश प्रेम का भान किसे है !! नेताओं में जंग छिड़ी है , केवल कोरे सम्भाषण है ! वाद विवाद में पिसती सेना , रोज टूटते अनुशासन है ! ... Read more

" सपन घड़े हैं " !!

गीत भेंट हाथ में , लिये खड़े हैं !! दूर कहीं है , सधा निशाना ! भेद अभी है , हमने जाना ! ऐसे डूबे , खुद को भूले , या फिर ... Read more

" श्रद्धा के दो फूल "

गीत बिगड़ी बात बने है पल में , पा जायें हम कूल !! शरणागत हों लिये हाथ में , श्रद्धा के दो फूल !! चंचल मन निर्मलता पाये , स... Read more

" बंधे बंधे से हम " !!

समझे नहीं है गर ईशारे , रुठे लगे हो तुम ! बढ़ती गई है चाहतें बस , ले लो भले कसम !! खेले कभी अठखेलियाँ हैं , रूप तेरे साथ ! और... Read more

" रेशम जाल " !!

गीत हँसी तुम्हारी , रेशम जाल !! मूक निमंत्रण , अधर धरे ! किये ईशारे , समझ परे ! बहकी बहकी , दिखती चाल !! पेंच भरे हैं... Read more

" कभी खेलते फाग " !!

मकड़जाल में उलझे लागे , सबके अपने भाग ! खुशियां बैठी हैं मुँडेर पर , कोकिल कंठी राग !! जीवन भर की दौड़ लगी है , भूले सुबहो शाम ... Read more

" लगे जीत फहरे " !!

मुस्कानों में खोये , राज बड़े गहरे !! आनन की रंगत तो , आनी जानी है ! ठहर गई जो लब पर , वही कहानी है ! अँखियों ने बैठाये , यह... Read more

" कह दो जो कहना है " !!

गीतिका तुम मेरे हो मेरे बनकर , दिल में ही रहना है ! मुझे स्वीकृति दे दो चाहे , जग से ना कहना है !! नई कहानी रोज़ लबों पर ... Read more

" नखरे तेरे अलहदा " !!

गीत छू गई है महक तेरी , और यह कमसिन अदा !! हे लुभाती सादगी ये , और निखरा रूप है ! बादलों की ओट है रवि , गुनगुन... Read more

" अपने कहीं मिले " !!

गीत कहीं बाग हैं सूने , कहीं प्रसून खिले ! मिले गले हरियाली , खुशबू वहीं पले !! अनुबंधों में सबके , रिश्ते कसे लगे ! पाना... Read more

" जुड़ने लगी कड़ी " !!

गीत शर्म निगोड़ी बैरन , पीछे आज पड़ी ! अनजाने ही उनसे , अँखियाँ गज़ब लड़ी !! साधे सधा निशाना , पाये समझ नहीं ! बातों ही बातों... Read more

" मची खलबली " !!

तन को छूकर दहकी , महक संदली !! स्पर्श हुआ जो तेरा लिपट गये हम ! खुद में ही लगता है , सिमट गये हम ! कैसे नज़र मिलाएं , मची ख... Read more

" तुम निकलो छम " !!

गीत सारे रंग समेटे , हो बैठे तुम ! खुशियां भी तुमसे ही , है भरती दम !! महकी ना फुलवारी , दिन बीत गये ! दामन खाली खाली , ... Read more

" गति ना जाये टारी " !!

गीत कुहासा पड़ गया भारी !! झुलसी है हरीतिका भी , पड़ी जो ओस की बूंदें ! परेशानी किसानों की , उड़ी जो आज हैं नीदें ! बिखरते स... Read more

" आशाओं की नाव है " !!

आस जगाते हैं आँखों में , और जगाते चाह हैं ! मन्ज़िल चाहे दूर हो कितनी , थके कभी ना पाँव हैं !! कनक सरीखी चमक लुभाती , पग पग प... Read more

" पल हुए नवल " !!

देखा रुप सुहाना , ठिठक गये पल !! लगता है मुस्कानें , करती है छल !! आंखमिचोली तेरी ज्यों , धूप गुनगुनी ! सर्द हवाओं जैसी , ब... Read more

" ताल ठोकते हैं हम " !!

गीत संविधान ने छूट दी जितनी , उतने पसर गये हम ! हो अपमान भले किसी का , हमको काहे का गम !! शीतकाल का सत्र का चला है , बिलक... Read more

" लहरें करे किलोल " !!

गीत मैं तनहा , सागर तनहा , लहरें करे किलोल !! गहराई नीचे अनन्त , गहराई ऊपर अनन्त ! थाह कहाँ पाना सम्भव , मन डोले है दिग दि... Read more

" ये सब मन के ठाँव रे " !!

रात न बदली , दिन ना बदले , बदल गये मन भाव रे ! झूमें , गाएँ , खुशी मनाएँ , ये सब मन के ठाँव रे !! आगत के स्वागत में डूबे , उत... Read more