एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण !
सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में रचनाओं का प्रकाशन !
एक लम्हा जिन्दगी , रूह की आवाज , खनक आखर की एवं कश्ती में चाँद साझा काव्य संग्रह प्रकाशित !
e काव्यसंग्रह “कहीं धूप कहीं छाँव” एवं “दस्तक समय की ” प्रकाशित !

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" खुशियों के पल साँचे हैं " !!

कोई बंधन बांध न पाये , तब मन मयूर नाचे है !! पावस ऋतु जब मन हरषाये , हरी चुनरिया को लहराये , लेता मौसम अंगड़ाई है , खुशियों के... Read more

" बिखर बिखर गये अरमान " !!

तिनके तिनके बिखरे सपने , बिखर बिखर गये सामान ! आज चली फिर ऐसी आंधी , हम निर्बल समय बलवान !! दो गज़ धरती अगर मिली तो , पर्ण कुट... Read more

" निर्वासित हम " !!

चोका ढूढें अँखियाँ ताल तलैया पानी हुई उदास फिर वही कहानी जलधारा हैं सूखी खुद प्यासी सी कुँए अकेले पनिहारिन भागी बरसे... Read more

" हम तो बस लाचार हैं " !!

धरती फटती जाती है जी , पानी की दरकार है ! सब कुछ दाँव लगा बैठे हैं , खड़ी सामने हार है !! कदम कदम पर जगत कुएं की , खुदे हुए नल... Read more

" मौसमी दोहे " !!

हाथ जोड़ नेता खड़े , करे वोट की मांग ! सूरज गुस्से में तपे , घुली कुएं में भांग !! तीखी तीखी धूप है , तल्खी दिखती साफ ! जनता सी न... Read more

" संघर्षों की राह कठिन है " !!

हँसते गाते खुशी मनाते , हमने चलना सीख लिया है ! हमको सदा पीर सहना है , यह कह मन को जीत लिया है ! काम अगर बोझा समझा तो , काट रहे... Read more

" पोस्ट कार्ड से मन हैं खाली " !!

पोस्टकार्ड से , मन हैं खाली !! अपनी चिंता जुटे सभी हैं ! याद सताये कभी कभी हैं ! संदेशे अब शीघ्र पहुंचते , हरकारे देते हैं त... Read more

" फिर चुनाव आये हैं " !!

फिर चुनाव आये हैं !! महासमर का बिगुल बजा है , नायक रथ चढ़ बैठे ! मान मुन्नवल शुरू हो गई , रहे न अपने ऐंठे ! घर घर जाकर मनुहारे... Read more

" दीप जलता रहे " !!

दीप जलता रहे !! फैली चंहु और , गंध मादक सी! श्रृंगारित तन मन , प्यास चातक सी ! अलसाया तम है , हाथ मलता रहे !! चूड़ी करे खन... Read more

" किस्से इन्हें सुनाने हैं " !!

पांसे गर पड़ जाये उल्टे , हाथ लगे अफसाने हैं ! नींद उड़ चले रातों की फिर , किस्से तो मनमाने हैं !! नफरत की आंधी जब चलती , सोच स... Read more

" कदम कहाँ रूकते हैं " !!

मन को रोको बरबस चाहे , कदम कहाँ रुकते हैं !! कई पड़ाव उम्र के देखे , नहीं थकन से नाता ! मौसम तो है एक छलावा , रोज़ तानता छाता !... Read more

" नयनों में ढलते दृग " !!

है स्वार्थ की , दुनियादारी , पग पग पर , बैठे ठग !! अपनों से , रिश्ते गहरे से , कहाँ नेह , मिलता है! मुस्कानें बस , सौदाई... Read more

" बढ़ गये हैं जीत कर " !!

साध कर निशाने हम , चल पड़े हैं जीत कर !! चीर कर अंधेरों को , लक्ष्य सभी भेदे हैं ! आतंकी , अधमों के , सीने भी छेदे है ! रिपुद... Read more

" आवारा बादल हुई है " !!

याद करवट ले चुकी जो , चाह में पागल हुई है !! रात काटे से कटे ना , पल पल ठगी करने लगे ! सपन जागे हुए अपने , अपने हँसी करने ... Read more

" लगे सुहानी नित है भोर " !!

कदम बढ़े हैं ,शहर की ओर !! गांवों में पसरा सन्नाटा , लघु किसान के हिस्से घाटा , सब्ज़ी भाजी उगा रहे हैं , पेट पालना हुआ कठोर !! ... Read more

" ममता का उपहार यही है " !!

नमन देश को करते हैं ये , सैनिक के संस्कार यही है !! मातृभूमि की रक्षा करना , जिनका केवल ध्येय यही है ! आँख मिचौली करे मौत है ,... Read more

" मनुहार है " !!

थाम लो हाथ फिर से , उपकार है !! दो कदम तुम चले हो , मैं भी चला ! फासले मिटते गये , फिर क्या गिला ! मोह का यह पाश है , दीदा... Read more

" फिर हुए कुर्बान हैं " !!

हम वतन के नाम पर , फिर हुए कुर्बान हैं !! हम लड़ाई लड़ रहे , इस पार , उस पार भी ! जान जाती , है जाये , हम भरें हुँकार भी ! न... Read more

" छू नहीं सके मलाल " !!

आनन पर खिलती मुस्कानें , समय ने बदली चाल !! वही शरारत भली लगे है , जो मन को हरषाये ! ऊपर वाला थोड़ा देता , ज्यादा है तरसाये ! ... Read more

" मन पगला पगला सा " !!

बदली बदली सी बयार है , है मिज़ाज़ बदला सा !! तोल रहे हम सुख दुख अपने , देख रहे हैं सौदागर ! खुशियाँ कहाँ मिलेगीं हमको , हमें चा... Read more

" महक ले रही जमुहाई " !!

कलिकाओं ने रंगत बदली , ली बसंत ने अँगड़ाई !! है बयार का रुख बदला सा , बदल गये हैं सुर सारे ! भेज रही महके संदेशे , जैसे पहुँचे... Read more

" देश प्रेम का भान इन्हें है " !!

देश प्रेम का भान किसे है !! नेताओं में जंग छिड़ी है , केवल कोरे सम्भाषण है ! वाद विवाद में पिसती सेना , रोज टूटते अनुशासन है ! ... Read more

" सपन घड़े हैं " !!

गीत भेंट हाथ में , लिये खड़े हैं !! दूर कहीं है , सधा निशाना ! भेद अभी है , हमने जाना ! ऐसे डूबे , खुद को भूले , या फिर ... Read more

" श्रद्धा के दो फूल "

गीत बिगड़ी बात बने है पल में , पा जायें हम कूल !! शरणागत हों लिये हाथ में , श्रद्धा के दो फूल !! चंचल मन निर्मलता पाये , स... Read more

" बंधे बंधे से हम " !!

समझे नहीं है गर ईशारे , रुठे लगे हो तुम ! बढ़ती गई है चाहतें बस , ले लो भले कसम !! खेले कभी अठखेलियाँ हैं , रूप तेरे साथ ! और... Read more

" रेशम जाल " !!

गीत हँसी तुम्हारी , रेशम जाल !! मूक निमंत्रण , अधर धरे ! किये ईशारे , समझ परे ! बहकी बहकी , दिखती चाल !! पेंच भरे हैं... Read more

" कभी खेलते फाग " !!

मकड़जाल में उलझे लागे , सबके अपने भाग ! खुशियां बैठी हैं मुँडेर पर , कोकिल कंठी राग !! जीवन भर की दौड़ लगी है , भूले सुबहो शाम ... Read more

" लगे जीत फहरे " !!

मुस्कानों में खोये , राज बड़े गहरे !! आनन की रंगत तो , आनी जानी है ! ठहर गई जो लब पर , वही कहानी है ! अँखियों ने बैठाये , यह... Read more

" कह दो जो कहना है " !!

गीतिका तुम मेरे हो मेरे बनकर , दिल में ही रहना है ! मुझे स्वीकृति दे दो चाहे , जग से ना कहना है !! नई कहानी रोज़ लबों पर ... Read more

" नखरे तेरे अलहदा " !!

गीत छू गई है महक तेरी , और यह कमसिन अदा !! हे लुभाती सादगी ये , और निखरा रूप है ! बादलों की ओट है रवि , गुनगुन... Read more

" अपने कहीं मिले " !!

गीत कहीं बाग हैं सूने , कहीं प्रसून खिले ! मिले गले हरियाली , खुशबू वहीं पले !! अनुबंधों में सबके , रिश्ते कसे लगे ! पाना... Read more

" जुड़ने लगी कड़ी " !!

गीत शर्म निगोड़ी बैरन , पीछे आज पड़ी ! अनजाने ही उनसे , अँखियाँ गज़ब लड़ी !! साधे सधा निशाना , पाये समझ नहीं ! बातों ही बातों... Read more

" मची खलबली " !!

तन को छूकर दहकी , महक संदली !! स्पर्श हुआ जो तेरा लिपट गये हम ! खुद में ही लगता है , सिमट गये हम ! कैसे नज़र मिलाएं , मची ख... Read more

" तुम निकलो छम " !!

गीत सारे रंग समेटे , हो बैठे तुम ! खुशियां भी तुमसे ही , है भरती दम !! महकी ना फुलवारी , दिन बीत गये ! दामन खाली खाली , ... Read more

" गति ना जाये टारी " !!

गीत कुहासा पड़ गया भारी !! झुलसी है हरीतिका भी , पड़ी जो ओस की बूंदें ! परेशानी किसानों की , उड़ी जो आज हैं नीदें ! बिखरते स... Read more

" आशाओं की नाव है " !!

आस जगाते हैं आँखों में , और जगाते चाह हैं ! मन्ज़िल चाहे दूर हो कितनी , थके कभी ना पाँव हैं !! कनक सरीखी चमक लुभाती , पग पग प... Read more

" पल हुए नवल " !!

देखा रुप सुहाना , ठिठक गये पल !! लगता है मुस्कानें , करती है छल !! आंखमिचोली तेरी ज्यों , धूप गुनगुनी ! सर्द हवाओं जैसी , ब... Read more

" ताल ठोकते हैं हम " !!

गीत संविधान ने छूट दी जितनी , उतने पसर गये हम ! हो अपमान भले किसी का , हमको काहे का गम !! शीतकाल का सत्र का चला है , बिलक... Read more

" लहरें करे किलोल " !!

गीत मैं तनहा , सागर तनहा , लहरें करे किलोल !! गहराई नीचे अनन्त , गहराई ऊपर अनन्त ! थाह कहाँ पाना सम्भव , मन डोले है दिग दि... Read more

" ये सब मन के ठाँव रे " !!

रात न बदली , दिन ना बदले , बदल गये मन भाव रे ! झूमें , गाएँ , खुशी मनाएँ , ये सब मन के ठाँव रे !! आगत के स्वागत में डूबे , उत... Read more

" ------------------------------------ अपना आज बनाएं " !!

आओ खुशियां कैद करें हम , थोड़ा सा मुस्काये ! अवसर हमने पाया है तो , नगदीकरण करायें !! जोखिम कोई नहीं उठाना , हँसना चाहो हँस लो ! ... Read more

" ----------------------------------मदिर मदिर रागा है " !!

आंखों में काजल क्या डाला ,सम्मोहन जागा है ! तुमने खींचा कसी डोर से , दिखे न वो धागा है !! लटें चूमती हैं इतराकर , आनन आज तुम्हार... Read more

" सरकारें सांसत में " !!

कृषकों ने हड़ताल करी है , सबके सब आफत में !! सब्जी भाजी घूरे होगी , दूध ढुले सड़कों पर ! सुविधाएं अधिकार बने गर , सभी चढ़े पलकों... Read more

" कब तक इनको जलना होगा " !!

दहक रहे हैं दामन सबके , अब तो यह सब टलना होगा ! जंगल जंगल आग लगी है , कब तक इनको जलना होगा !! बोया कम काटा ज्यादा है , भावी... Read more

" नेताओं का खेल " !!

बरसों से चलता आया है , नेताओं का खेल !! एक दूजे के घोर विरोधी, जब चुनाव में उतरें ! नारे , झंडे रहे अलग औ , अपने परचम फहरे ! ... Read more

" फिर लिखनी नई कहानी " !!

रतजगा चाँद का पूरा , अब सूरज की अगवानी !! हुई थकन देह की पूरी , पाया जी भर विश्राम ! अब दिवस जगाने आया , लेकर ललित ललाम ! सप... Read more

" चलना है उस पार चलो " !!

इतनी कातर न बनो प्रिये , कुछ तो अंगीकार करो ! यदि चलना है इस पार चलो ! यदि चलना है उस पार चलो !! तुम बनी रहो निर्भीक ,निडर , ... Read more

" हासिल कुछ कर जाऊँ " !!

पुलक रहा है तन मन ऐसा , लहर लहर लहराऊँ !! पैर नहीं है आज जमीं पर , पंछी सा मन चहके ! आसमान भी छू ही लूँगी , कदम नहीं हैं बहके... Read more

" सारंगी के सुर लागे हैँ " !!

अँखियों में फिर आस जगी है , हँसकर मनवा करे ठगी है ! आस ले रही आज हिलोरें , हलचल जानो खूब मची है ! जागी पीर सुरों से ऐसी , सपनों... Read more

" ममता का कोई मोल नहीं है " !!

शिशु जितने हिस्से में आये , मां ने सीने से चिपकाये ! नेह सदा वारा है उन पर , भूखा कोइ रह ना जाये ! अँखियाँ ही सब कुछ कह जाती , ... Read more