Brijpal Rawat

Dehradun

Joined March 2019

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ज़मीं पर आना ही होगा

कितनी ही ऊँचाइयों पर उड़ जाएं ये परिन्दें.. पेट के लिए इन्हें ज़मीं पर आना ही होगा। ✍️Brij Read more

प्रेम

● प्रेम में रहना चाहूँगा मर जाने के बाद भी क्योंकि... Read more

तुम सोचते क्या हो Brijpal

जहां इंसान को लगता है उसकी बुराई हो रही है या उसका मजाक बनाया जा रहा है, हालांकि ऐसा नहीं हो रहा होता है अपितु उसे बस लगता है, तब उस... Read more

सवाल हमेशा उठेंगे।

सवाल हमेशा ही उठेंगे- जब तुम कुछ अच्छा करो तब भी सवाल, बुरा करो तो सवाल सवालों का सिलसिला कभी नहीं थमेगा! असली सवाल ये है कि क्या तु... Read more

आँखें मूंद कर सोना ठीक है, चलना नहीं

हिन्दू मुसलमान का खेल जबतक चलता रहेगा इस देश में, देश का भला नहीं हो सकेगा और होगा भी कैसे? हम अपनी वैचारिकता को बढ़ाते ही नहीं (कुछ ... Read more

भीड़ से कुछ हासिल नहीं हो पाता।

जहाँ तक मेरी दृष्टि है मैं जहाँ तक देख पाया, मैंने जाना कि दुनिया में इतिहास बनाने वाला जो भी रहा है, उसने उस कृत्य को अकेलेपन में क... Read more

जिस दिन

जिस दिन वे सभी अधिकार नैतिकता के आधार पर इस देश के स्त्रियों को भी मिल जाएंगे जो तमाम तरह के अधिकार पुरुषों को मिले हुवे हैं, इस समा... Read more

हम घर जा रहे हैं, हमें घर जाना है

हम घर जा रहे हैं, हमें घर जाना है। __________________________ चलते सड़कों पर हम, विवश पड़े हैं मज़दूर हैं साहब! बस पड़े-के-पड़े हैं ... Read more

लोग क्या कहेंगे

जिसने ये टेंशन नहीं ली कि लोग क्या कहेंगे, वही केवल सटीक रस्ते पर चल पड़ेगा, उसे दुःखों में भी मुस्कुराने में आपत्ति नहीं होगी, वो ऐस... Read more

जिस दिन आपको खुद का ज्ञान हो जाएगा

जिस दिन आपको खुद का ज्ञान हो जाएगा.. उस दिन आप एक उपनिषद बन जाओगे... खुद का ज्ञान- वही कि तुम कितने सच्चे हो? मूढ़ता है या नहीं? अव... Read more

आदमी क्या करता है

आदमी क्या करता है तुम मेरी बुराई किसी दूसरे से करते हो, वही दूसरा तुम्हारी बुराई मुझसे करता है, तीसरे की बुराई मैं किसी और से कर देत... Read more

तुम ऐसा ही चाहते हो !

तुम्हारी सबसे बड़ी कमजोरी ये भी है कि तुम अगले शख्स की कमजोरियों पर ही जोर देते हो, उसकी कमजोरियाँ मात्र देखकर उसके पूरे व्यक्तित्व क... Read more

सोचो तो सबकुछ है मौज़ूद और कुछ भी है नहीं

सोचो तो सबकुछ है मौज़ूद और कुछ भी है नहीं... ज़ीने वाले तमाम तमाम मरने वाले पेड़ पौधे और भी प्राणी.. नश्चर, निश्चल, निषभाव वेग से... Read more

दीया जलाओ

मैं भी जलाता हूँ तुम भी जलाओ कुछ दीया जलाओ, कुछ जले लोगो को जलाओ.. कोरोना भाग जाएगा ऐसा नहीं है एकता का पैगाम है इसे अपनाओ ध्रुत... Read more

उसके लिए राष्ट्र से बढ़कर कुछ भी नहीं

उसके लिए देश से बढ़कर कुछ भी नहीं। जिस वक्त राष्ट्र प्रधानमंत्री जी के एक छोटे से अनुरोध का अनुसरण कर रहा था जिस वक्त सारा देश ताल... Read more

क्या असर पड़ेगा

क्या असर पड़ेगा आपके दिलोदिमाग में आपके बच्चों के मनोभाव में जब सुबह-सुबह आप रेप,बलात्कार और ऐसे ही शब्दों को अनेक बार सुन लें तो। ... Read more

मतलबी दुनिया

✍️मतलबी दुनिया अब आप कहेंगे बात तो ये सही कह रहा है मगर स्वयंभू हो न, खुद का टाइम आता है तो सब भूल जाते हो, कि हाँ ये दुनिया वाकई... Read more

भुलौं टक लगै कि सूणा तुम अभिमान त नि करा भै।

____________________ उठा जागा, खेला कूदा तुम नाचा, गावा, ज्वान हुयां तुम तुम करा भंडै उत्थान बनावा अपणु बड़ो नाम भुलौं टक लगै ... Read more

कभी कभी

मैं भूल जाऊँ तो तुम याद दिलाना कभी-कभी.. चलते राह में कंकड पत्थर भी मिलेंगे कभी-कभी.. यूँ जो दरिया है नदी के इस पार का उस पार ... Read more

जानवरों से प्रेम करो

इंसानो से गर करोगे प्यार बढ़ाओगे स्नेह का स्तर बस स्वार्थ के लिये.. नाम के लिए और शौहरत के वास्ते मन अशांत रहेगा.. जो स्वभाविक ... Read more