Sumit Singh

Joined November 2018

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हंसती रहती हो मां(गीत)

खुद में इतने दर्द समेटे कैसे हँसती रहती हो माँ ध्यान बराबर सबका रखतीं अपनी सुध-बुध बिसराई है कभी निहारो जाकर दर्पण बालों में ... Read more