मैं गया (बिहार) का निवासी हूँ । रसायन शास्त्र से मैने स्नातक किया है.। बहुरंगी जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर टूटे-फूटे शब्दों में सहेजता हूँ वही लिखता हूँ। मै कविता/ग़ज़ल/शेर/आदि विधाओं में लिखता हूँ ।

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**** रोशनी हो गई ****

**** रोशनी हो गई **** **** चैन दिल को मेरे मिल......गया.। रात दीद जब आपकी हो गई.।... Read more

आदमी सा लगा....।

आदमी सा लगा.......।। बड़ा अजीब मंजर था जानाजे का उसके.। वहां मौजूद हर सख्श बुझा बुझा सा लगा.। न पूछ उसके मरने... Read more

तो तुम चले जाना...

एक फरियाद ऐसी भी...! ***।..तुम चले जाना..।*** दिल की बात करने बाले तुमने तो अपनी बात कर ली.। हम भी जरा इक... Read more

आदमी...।

आदमी....।। तील तील कर तो यूँ ही मर रहा था "आदमी"..। जो थोड़ी जान बचीं थी उसके ख्वाहिशों ने लिया..।। रिश्तों की अहम... Read more

याद.....

याद.... आज फिर उनकी याद मे रो कर रात गुजारा हमने..! बिना निंद के आँखों से सपनों को सवाँरा हमने..! जिंदगी के राहों मे इतनी ठोक... Read more

बात और होती है.......

बात और होती है.....!! किसी के पलकों से निंदे चुराना तो और बात है ...! किसी के इंतजार मे पलकें बिछाने की बात कुछ और होती है..! ... Read more