मैं गया (बिहार) का निवासी हूँ । रसायन शास्त्र से मैने स्नातक किया है.। बहुरंगी जिन्दगी के कुछ रंगों को समेटकर टूटे-फूटे शब्दों में सहेजता हूँ वही लिखता हूँ। मै कविता/ग़ज़ल/शेर/आदि विधाओं में लिखता हूँ ।

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सुहाग..।।।

आज अपनी कोशिशों से अलग कुछ लिखने की कोशिश,आप सभी के सामने समीक्षा हेतु रख रहा हूँ आशीर्वाद प्रदान करें.। सुहाग..।।। हाँ सुहाग ... Read more

आज की नारी..।

आज की नारी..। सुनो न...। सुनो न,सुनती हो.. अरे रूको तो.. कब तक भागती रहोगी घड़ी के काँटों की तरह निरंतर लगातार दो घड़ी साँस... Read more

जरा याद करो कुर्बानी

शहीद दिवस ???जरा याद करो कुर्बानी??? चले गए जो हँसते -हँसते, बाँध अपने सर पे कफ़न उन शहीदों के हर कुर्बानी को, मेरा शत्-शत... Read more

मै पानी हूँ...

मै पानी हूँ.। मै पानी हूँ..। मै स्रोत भी हूँ, मै सार भी हूँ, सच मानो तो मै हीं संसार हूँ, धरा तड़पती आलिंगन को मेरे, खेतें चुम... Read more

मुझको वर दे....

? या देवी सर्वभूतेषु, विद्या रूपेण संस्थिता।? ? नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।? जय माँ सरस्वती.....।। जय जय,जय हे... Read more

वीवी और हादसा...।

व्यंग्य...।। वीवी और हादसा...।। क्या जिक्र करुं घटती है घटना ऐसी क्यूँ अक्सर.। क्यों होते रहतें हादसे ऐसे जीवन मे हम ... Read more

खिड़कियाँ..।।।।

खिड़कियाँ.. जाने कितने एहसासों के रंग मे, हर क्षण रंगती रहीं "खिड़कियाँ संग पलकों के मेरे ही खुलती., ... Read more

**** रोशनी हो गई ****

**** रोशनी हो गई **** **** चैन दिल को मेरे मिल......गया.। रात दीद जब आपकी हो गई.।... Read more

नजर..।।

??..नजर..?? नजर ने नजर को जब नजर से बुलाया.। नजर ने नजर को तब नजर दिखाया.। ? ? नजर न... Read more

"बेटी बोझ नही..."

मेरी यह कविता उन माता - पिता के लिये एक संदेश जो बेटीयों को बोझ समझतें हैं और उसके जन्म से पहले ही उसे कोख मे ही मार देतें हैं या बे... Read more

अब ना हार मान तू ....।

अब ना हार मान तू ....। उठ अब ना हार मान तू , जीत जिंदगी को जीत का श्रृंगार कर.। हार भी जीत का इक पहलू है, हार का ना तू तिरस... Read more

नव वर्ष कि पहली किरण...

नव वर्ष की पहली किरण.....। बीत गया पुराना साल देखो.। लिऐ उम्मीदों का कई कोरा कफन.। नये उम्मीदों को सच करने को .। नये साल मे छू... Read more

आदमी सा लगा....।

आदमी सा लगा.......।। बड़ा अजीब मंजर था जानाजे का उसके.। वहां मौजूद हर सख्श बुझा बुझा सा लगा.। न पूछ उसके मरने... Read more

कभी कभी मेरे दिल मे...।

कभी कभी...। कभी कभी मेरे दिल मे खयाल आता है..।। कि जिंदगी इतनी वीरान नही होती, गर तू मेरे साथ होती तू मेरे पास होती...। कभी... Read more

तो तुम चले जाना...

एक फरियाद ऐसी भी...! ***।..तुम चले जाना..।*** दिल की बात करने बाले तुमने तो अपनी बात कर ली.। हम भी जरा इक... Read more

आदमी...।

आदमी....।। तील तील कर तो यूँ ही मर रहा था "आदमी"..। जो थोड़ी जान बचीं थी उसके ख्वाहिशों ने लिया..।। रिश्तों की अहम... Read more

"निर्भया" - तुम हमे माफ़ कर देना

निर्भया" - तुम हमे माफ़ कर देना..!! "निर्भया" तुम हमे माफ़ कर देना, कि हम बहुत शर्मिन्दा है...!!! हम भूल गयें तुम्हारी उन च... Read more

याद.....

याद.... आज फिर उनकी याद मे रो कर रात गुजारा हमने..! बिना निंद के आँखों से सपनों को सवाँरा हमने..! जिंदगी के राहों मे इतनी ठोक... Read more

शायरी

"शायरी" *************************** कतारे़ तो सिर्फ़ मेरे दुश्मनों की थी वहाँ..! जब देखा तो कई चेहरे जाने पहचाने निकलें..! ***... Read more

प्यार.......

"प्यार" आज आँखों मे बसा उनका ही इंतजार है..! आने बाला आज मेरा "हुस्न ए यार" है...! ए दिल संभल जरा,न धड़क तू जार जार..! कही ... Read more

बात और होती है.......

बात और होती है.....!! किसी के पलकों से निंदे चुराना तो और बात है ...! किसी के इंतजार मे पलकें बिछाने की बात कुछ और होती है..! ... Read more

तृप्ति....

तृप्ति.... "तू" मुझमें है "मै" तुझमे हूं. फिर कैसा "मै" और कैसी "तू"..? जब "तू और मै" के मिलने से ही तृप्ति "हम" का होना... Read more

थप्पड़....

एक छोटी सी कोशिश..।।।। थप्पड़.....।।। व्हील चेयर पर बैठी मनोरमा देवी सूई मे धागा लगाने की बार बार कोशिश कर रही थी पर उनकी बूढी ... Read more

"बेटी और कोख"

बलात्कार की बढती घटना से त्रस्त एक मां की अपनी कोख मे पल रही बेटी के लिये संवेदना जाहिर करती मेरी कविता..!! "बेटी और कोख" आ ब... Read more

फासला...

फासला... वो मेरा हमसफर भी था वो मेरा राहगुजर भी था...!! पर मंजिलें एक न रहीं,बीच दरमियाँ कुछ फासला भी था..!! विनोद सिन्हा "... Read more