Bimal Rajak

बोकारो , झारखंड (भारत)

Joined May 2020

मेरा नाम बिमल रजक है, मै झारखंड राज्य के एक छोटे से गांव का रहनेवाला हूं। मेरा उम्र 23 वर्ष है। मै एक छात्र हूं। मुझे कविता लेखन में दिलचस्पी है।।।।।
@””सच कहने के लिए किसी शपथ की जरूरत नहीं होती
नदियों को बहने के लिए किसी पथ की जरूरत नहीं होती
जो बढ़ते है जमाने में अपने मजबूत इरादों के साथ,
उसे अपनी मंजिल पाने के लिए किसी रथ की जरूरत नहीं होती।। “”_
:- rajakbimal800@gmail.com
:-. 8002287431

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*** नफरत मिटा दो......

संपन्न हो ये जग सारा खुशियों का हो यहां बसेरा दुख का बादल यहां ना छाए सुख का पवन हर दिशा से आए..... प्रेम से हो यहां भाईचारा...... Read more

& **खुशियों की छत..!

आशियाना हो एक भले ना छत हो, दिल का तराना हो.... आशाएं अपार हो, सूखी संपन्न संसार हो, मजबूर नहीं रिश्ते मजबूत हो.... खुशियों की ... Read more

# # कुछ याद करो कुर्बानी........

आप सभी को पता है आज आतंकवाद की समस्या दिनोदिन बढ़ती ही जा रही है। क्या इसमें सिर्फ दूसरे देशों का ही हाथ है ! नहीं बल्कि हमारे देश ... Read more

¢¢ अधिकार......!!!

हां हां ये विश्वासघात है मानवता का क्रूरतापूर्वक आघात है.... भले हो साधु संतों का देश ये ! लेकिन गुनाहों का यहां भरमार है..... ह... Read more

नभ से अमृत बरसे..........!

शाम सिंदूरी छायी है काली घटा.... बरस रही है बदरिया.... रिमझिम फुहारों का आभास... होने लगी तन मन शीतल ..... आगंतुक का है आने का... Read more

@@ *ईश्वर का संदेश......... ।।

जहां जाओगे हमें पाओगे जल हो या ही गगन..... प्रेम में हो या घृणा में मगन.... सुगमता में हो या दुर्गमता का है आवरण आकाश हो या हो प... Read more

****आवाह्न शक्ति का.........***

जागो हे शक्ति स्वरूपा जागो निर्मल जल धारा , जागो.... जागो करुणामयि विनाशिनी अब जागो बजा दो डंका शक्ति ज्योत का प्रेम से भर द... Read more

@ चलो चलते है.......!

कल आया अंफान आज और एक तूफान भारी, क्या ईश्वर इसी रूप में कर रहे प्रलय की तैयारी। जागने का है वक़्त सही, जगाने की ही है तैयारी म... Read more

सच्चाई और वास्तविकता....!

सच्चाई और वास्तविकता में बहुत अंतर होता है, कभी कभी सच्चाई वो होती है जो हमें बताई जाती है लेकिन वास्तविकता वो होती है जिसको हम अपने... Read more

कुछ पल अपना है.....!

एक गीत तुम भी कभी गया करो अपने आप को आंचल में सुलाया करो। फ़ुरसत से बैठो जरा , सभी गम भुलाया करो दर्द बहुत है लेकिन एक हमदर्द बना... Read more

सांझ होने को आयी........

सांझ होने को आयी अब तुम आ जाओ मेरे नैनन की प्यास को बुझा जाओ। दिन रैन तेरे याद में बैठा हूं श्याम, अपनी बंशी की एक धुन मुझे सुना ... Read more

नवीन युग....!

आज समय सेल्फी युग का है। यहां खाना किसी और को और सेल्फी किसी और के साथ होती है। यहां डूबते के साथ सेल्फी ली जाती है। मरते को बचान... Read more

प्रश्न पहर........?

ये सड़क इतनी लाल क्यों है? धरती का ये हाल क्यों है? गरीब ही कंगाल क्यों है? धनवान ही मालामाल क्यों है? आखिर क्यों............? ... Read more

एक बार शहर के पार......

छांव से धूप में भी कभी आया करो एक मकान गांव में भी बनाया करो माना बिजली नहीं शायद गांव में, लेकिन एक दीपक कभी जलाया करो।। एक मका... Read more

हम साथ - साथ है !......

संभल जा रे दुनिया गोल है यहां पर हर चीज का मोल है खुशियों भरी यहां माहौल है निराशा और आशा का झोल है। भविष्य से वर्तमान का आगम... Read more

जिंदगी खुशियों के नाम......

नफरत से प्रेम की ओर बढ़ने का नाम है जिंदगी निराशा से आशा में पहुंचने का नाम है जिंदगी। कांटो में चलकर पुष्प तक पहुंचने का नाम है ज... Read more

हुस्न बिना जग सुना !........

आज दुनिया हुस्न के पीछे भागती है जो हुस्न दिखाए उसे अपना बनाती है मालूम चल जाता है नियत इंसा का, आज इंसानियत सिर्फ सुंदरता पर ही ... Read more

अब तुम आ जाओ......

हे प्रिय परमेश्वर दिव्य ज्योत जला दो तुम मानवता है घोर निद्रा में इसको जरा जगा दो तुम, प्रेम विच्छेद है यहां पर नफरत को मिटा दो तु... Read more

ज्योत जगा दो.......

एक गीत जरा गा दो तुम मुझे प्रीत जरा सीखा दो तुम, मै हूं माया के दलदल में फंसा एक रस्सी डाल निकाल लो तुम।। (यहां "रस्सी" शब्द प... Read more

।।सुप्रभात।।

कहा जाता है कि वेदों में अनेक भेद छुपे होते है। उन भेदों को अगर मनुष्य जानने की कोशिश करे तो सर्व दुखों का नाश हो जाएगा। शास्त्रविज... Read more

आराधना....

एक गीत जरा गा दो तुम मेरे श्याम को जगा दो तुम प्रेम के सागर को प्रेम सीखा दो तुम जगत ज्ञाता को ज्ञान सीखा दो तुम।। पुष्प के रच... Read more

सच्चाई....

मुस्कुराहट छुपाई नहीं जाती, दर्द किसी को बताई नहीं जाती आ जाती है आंसू आंखों में कभी कभी, लेकिन सब को दिखाईं नहीं जाती। । मुश्... Read more

नारी पूज्यनीय है......

आज जननी का अस्तित्व खतरे में है , इसीलिए प्रलय की घड़ी भी नजदीक है। आज हम जिस प्रकार नारी शक्ति के ऊपर बदसुलूकी का रहे है शायद हमें... Read more

नमन है.....

नमन है उस मिट्टी को जिसने हमें सुलाया है, नमन है उस ममता को जिसने हमें झुलाया है। नमन है उस शक्ति को जिसने हमें भक्ति दी । नमन है... Read more

इंतजार.......

इंतजार है परिणाम का, इंतजार है सपनों के नए आयाम का, इंतजार है डगर के सुगमता का, इंतजार है उस हसीन ख्वाब का जिसको देखे है हजारों ब... Read more

अहंकार ----_____

अहंकार इंसान को आकाश से पाताल पहुंचा देता है अहंकार इंसान को अलंकारहीन बना देता है, अहंकार इंसान को सम्मान हीन बना देता है अहंकार... Read more

समर्पित....

मन समर्पित, तन समर्पित, ये पूरा जीवन समर्पित, तेरे उन चरणों पर मां। (यहां "मां" शब्द ब्रह्माण्ड की उस अनन्य शक्तियों और हमारी ... Read more

प्रेम एक आराधना है.....

(एक छोटा सा लेख प्रेम के नाम पर) यूंही नहीं बदनाम किया करो प्रेम की परिभाषा को प्रेम मतलब आत्मा का आत्मा से मिलन, आशाओं का आशाओं ... Read more

आभार...

शाम हो चली है एक दिया कहीं जला दो, मेरे मन है उठ रही लहरों को कोई थमा दो। क्या पता आज हूं जिंदा तेरे वास्ते शायद , एक बार मेरी सा... Read more

बस कुछ पल का इंतजार है..

शांत है वो ईश्वर , धरा भी शांत है। मनुष्यो के कुवृत्तियों से वो परिचित है । वो जानते है आयेगा सही समय जब, मेरे भी सभी रूपों से उस... Read more

किसान जगाओ.....

चहुं दिक मेघ गर्जन, बादलों का सुनो ललकार ला रहे है मेघदूत बादलों के साथ वर्षा का त्योहार। उथल - पुथल मची है जैसे आवरण की है दरका... Read more

सजावट जीवन की....

फूलों की तरह खिलना है तो, कलियों की तरह सिकुड़ना होगा। भवरों की तरह गाना है तो, गीत तुम्हे कुछ लिखना होगा। स्वर्ग में अगर जाना... Read more

यहीं हूं अभी.....

जो भी कहना है आज ही कह दो क्या पता कल जान रहे या ना रहे जो दिल में है वो आज ही बोल दो क्या पता कल दिल धड़के ही ना।। अंत आज ही ... Read more

जरा सांस लेने दो.....

जीवन अनमोल है इसे यही रहने दो, मै उड़ जाता हूं कहीं, जरा सांस लेने दो। वक़्त नहीं अब थोड़ा आराम करने दो, मैं यहीं हूं ,तुम मुझे... Read more

दो दिन का मेहमान......

तुम पत्थर फेकों मै फूल बरसाता हूं। 2 तुम जहर उगलो मै अमृत कहीं से लाता हूं। आज़ाद तुम भी हो ,आजाद में भी हूं। 2 तुम दफनाते हो म... Read more

प्रलय की ओर.......

प्रचण्ड ज्वाला है आंखे क्रोध से बरस रही है वातावरण अशांत ,अद्वितीय संभावनाओं के साथ ये क्या,क्या हो गया हमारे धरा को ये जननी कैसी वे... Read more