Bimal Rajak

झारखंड (भारत)

Joined May 2020

मेरा नाम बिमल रजक , मै झारखंड राज्य के एक छोटे से गांव का रहनेवाला हूं। मै एक छात्र हूं।

:- rajakbimal800@gmail.com

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मानुष जे आज आर नेय गो मानुष.............????

स्वतंत्रता मिली किस्से हमें परम्परा आज भी पुरानी है देख कर इंसानों की फजीहत, आयी फिर आंख में पानी है।। बदरंगी लिबास में ढकी ह... Read more

•••मंजिल की तलाश.........

।।।।।।।।।।।।।जारी है और हमेशा जारी रहेगी।।।।।।।।।।।।। आंखों में छाया तेरा नूर ही तो है दिल में एक तेरा सुरूर ही तो है अब मै तुझ... Read more

पेड़ लगाओ ...**

हो जन जन का यही नारा पर्यावरण बचाना फर्ज हमारा एक पेड़ काटो तो दस लगाओ थोड़ा बहुत ऑक्सीजन बचाओ।। Read more

दुनिया बदल रही......!!!!

पतित पावन हो दो वरदान सहिष्णु बने मन रहे ये ध्यान अंगारों पर फूल बरसाए ऐसा भर दो शीतल रसखान।। पतित पावन हो दो वरदान, बुलंदियां ... Read more

जिस्म नहीं हो तुम........!!!!!!

मैं नहीं कोई आवारा बादल जो तुझको छेड़ निकलूंगा कहीं, जिस्मों के तो कशाई शोकिन मेरी खोज तेरे रूह के आंचल से है।।। Read more

स्वर्ण सुयोग......,???

आ जाओ हौसलों को फिर चुनौती देते है पत्थर पर एक चिंगारी लगा कर देखते है पतझड़ के मौसम में कहीं से भींग कर आते है, समंदर को एक बार ... Read more

^^°°आओ मिलकर नाव बनाएं.........####

आओ मिलकर नाव बनाएं अपने बचपन को दोहराएं। भरे खुशियों से अपनी झोली खेले बचपन की वो होली। द्वेष ना कलह हो जीवन में ऐसा हम एक भाव... Read more

तुम साथ देना.... ?

एक हाथ देना तुम उसको जरा साथ देना वो कुछ बोल ना पाए तो उसे कुछ बात देना।।। रुक जाए गर कहीं वो, तो तुम उसको एक हांक देना। बढ़ना... Read more

^बिना पंखे के नहीं सोऊंगा......!!!!

""जीवन निर्वाह करना कितना कठिन है मैंने देखा है उन झोपड़ियों में, कीचड़ से सने मांओं के दामन में । हमलोग तो शायद गर्मी में बिना ... Read more

यहां मै नहीं.....!!!?

अमृत की तेज धार पर तैरता अब मै चला, विकारों को स्वीकार कर उनसे दूर अब मै चला, अशांत मनोवृत्ति को छोड़ कर दूर अब मै चला, परिस्क... Read more

••••°बचपन की गाड़ियां......#

वो फर्राटेदार पहियो वाली बचपन की गाड़ियां.. वो मिट्टी से सने रेत को ढोती बचपन की गाड़ियां.. चाह आसमां तक पहुंचाने वाली बचपन की ... Read more

मुसाफिर का शेर......!!!!

यूं ना तू मुझको रुक कर देख ,2 मै मुसाफिर ही हूं, कहीं तुझसे आगे ना निकल जाऊं।।।। पागल ही हूं मै ये तुझे पता होगा,2 आज ही पागलखा... Read more

°°°°°अब मुझे जाना है ........!!!!

अजन्मा है ये अंधकार मेरा तुम तनिक उजाला भर दो ना, खड़ी हूं आस लगाए यही तुम जरा दरिया पार करा दो ना। आगोश में लेकर तुम मुझे...... Read more

^^^मातृभाषा जैसा नहीं........!

अंग्रेजी में वो मिठास कहां बाते सुनने की आस कहां, बोलते है बस रस्म अदाई को हमारे मातृभाषा सा विन्यास कहां।। अंग्रेजी में वो मिठा... Read more

^^^°मां आमी जल खाबो.....

आपको शीर्षक कुछ अटपटा सा लग रहा होगा , यह बंगला में लिखी हुई है इसका मतलब " मां मै पानी पीउंगा " है। एक नन्हा बच्चा जिसको बहुत ज्... Read more

मिलकर महामारी को भगाना है ......*****

घबराना मत इस महामारी से तनिक है इसका बढ़ा प्रकोप जलाओ आत्मविश्वास का दीपक भगा दो इस नर राक्षस को बनकर तोप।। (कृपया चेहरे पर मा... Read more

बढ़ना तो पड़ेगा....!

जीवन के मोड़ पर क्या जाने क्या मिले, फासले कम होंगे या फैसले बड़े मिले.... आनंदित पवन का साथ मिले या, जहरीली वातावरण अपने साथ चले... Read more

नाव बचपन की.......!

आओ ना फिर एक नाव बनाते है भले ही नहीं पार करे वो इंसानों को लेकिन आशाओं का एक कस्ती सजाते है, आओ ना फिर एक नाव बनाते हैं।। रंग ब... Read more

°°**अंतर्मन में ज्योत जगा लो......._......!!!!

एक शांत किरण की अभिलाषी हूं, हां हां पता है मुझे मै प्यासी हूं....... उस अनंत प्रकाश से प्रकाशित होना है, इंतजार बस कुछ पल का करन... Read more

^^पौराणिक नहीं काल्पनिक.......!

खाली पैर चलने से , स्वास्थय होवे दुरुस्त यूहीं चप्पल ना पिंधिए आंखे पड़ रहे है सुस्त।।। पवित्र अब हो जाइए अपवित्रता को छोड़ ... Read more

°°°°^^साहित्य पीडिया से नया जीवन.........****

परिवार ये साहित्यपीडिया का बड़ा है अनमोल दिल को छूता हर शक्स है बाते जैसे मिसरी घोल।। आनंदित हुआ है जुड़कर इनसे मेरा प्यारा नात... Read more

¢ रोक कर देखो......;;!

प्रतिभा को कोई दबा नहीं सकता सूरज को कोई छुपा नहीं सकता नहीं किसी में हिम्मत इतना ,, हवा को यूहीं रोक नहीं सकता ।।। Read more

°°°°``कलियुग का विनाश.....!

✓✓✓कृपया संदेश को जरूर पढ़े••••] अब कलियुग बच्चा नहीं , थोड़ा सा है बचा हुआ,,,,, अब भी गर नहीं जागे तुम होंगे जिम्मेदार इस विन... Read more

® ™ समय बलवान....!!!!!

समय ही बलवान है , समय का है सब मोल यूहीं आपे ना बोलिए ,कुछ मिसरी ले घोल।।। आज चढ़े सीढ़ी पर, कल जाने कहां होय एक दिन सबका आवत ह... Read more

ऑनलाइन क्लास.......₹!!!!??

देख कर व्यथित होता है मन मेरा, आज देश का भविष्य कहे जाने वाले नन्हे बच्चों का बचपन खतरे में है। ऑनलाइन क्लास के नाम पर बच्चों को बड़... Read more

समय अब भी है...??

ऐ मानव सुन लो मेरी बात जरा आंखे तुम्हारी सहज सरल सी दृष्टि क्यों विकराल भला,,,,,,। वश में हो व्यसनों के तुम विकार ही शायद छत है ... Read more

तुम जानती हो..??

पता है तुम चाहती बहुत मुझे मगर,2 ऐ दोस्त, मैं एक अनजान मुसाफिर हूं भला।।। मुझे समझ पाना मुश्किल बहुत है मगर,2 एक बार मेरी आंखो... Read more

# कलंक तो नहीं......!!!!

अमिट स्याही से मिल जाती दाग़ है कलंक का, हजारों साबुन जिसके आगे फीका है बदरंग सा।। (हमारे बड़े बुजुर्ग कहा करते है हजारों स्या... Read more

***सुंदरता ही परिचय....!!!!!!

हुस्न का खुमार छाया है बारिश में भी सूरज आया है। वो चाहे कहे कुछ भी लेकिन यकीं हमेशा उसी पर आया है।।।। (ये है दुनिया का हकीक... Read more

अभी रुका कहां मै.........!

एक दिन आसमान पर देखना,,,,, जाएंगे मेरे भी कदम.! एक दिन लिखूंगा मै ...... उस आसमान पर एक कलम देखना,,,,. एक दिन आसमान पर... प... Read more

लक्ष्य ही केंद्रक............@

आओ एक किस्सा सुनाते है, क्या घटित हुआ ये बतलाते है! मुश्किलों से एक मुसाफिर थका, वो पत्थरों पे जा कर रुका आया आवाज पत्थर से सुन ... Read more

देश मेरे .....+

वीर हमारे कम ना हो, ये हमने भी मन में ठानी थी। घर घर में पैदा *भगत करे, *सुभाष *आजाद बनबानी थी। विचलित दुश्मन देख उसे हो, ऐसा व... Read more

चीन का चीनी......!

*चीन हो चीनी हो या हो तुम चाइना* सबके नाक में दम किया किसी को समझ तुम आईना। गलवान पर करते पत्थर बाजी फिर बनते तुम साधु और काजी। ... Read more

चलो अब चलते है......;!

अनजान इतिहास लेकर जुगनू के प्रकाश को संजोकर चला हूं मै अब, अपना वर्तमान को लेकर उस भविष्य की ओर। अपना इतिहास सजाने।।।। Read more

जुनून है.....!

चमकता हुआ सितारा हूं मैं तुम चादर से कब तक ढकोगे एक दिन धुंध से भी निकलूंगा आंधियों में मुझे कब तक झोंकोगे।।।। बिमल रजक (800... Read more

मौत का फरिश्ता....***

कुछ सहेजना बाकि था, कुछ पत्थरों पर लिखना था आंसू की बारिश में अभी भीगना था आज मत बुलाओ मुझे , साथ मुझे अपनों से बिताना था दरकार... Read more

सुस्वागतम......*****..

सुस्वागतम हे नववसंतराज आनंदित है पवन धनराज वृष्टि के आतुरता का आगाज सुस्वागतम हे नववसंतराज।। धरा भी प्रसन्न बड़ी है व्याकुल तुम... Read more

जागो हे इंसान....."

जुबां ही जुबां है सुनता कोई क्यों नहीं। आस्था का अपार भंडार तो है, शांत मनोवृति की भी दरकार है।। Read more

चीन का अस्तित्व..........?

मै आकाश का घनघोर घटा हूं तुम रेगिस्तानी रेत प्रिये मै धान की हरी खेत हूं तुम छतरी में छिपी छेद प्रिये।।।। (चीन और पाकिस्तान का... Read more

बेमौसम के मुसाफिर.......!

आज सर्द इतना बेदर्द हो चला गर्मी का वो हमदर्द हो चला।। मुसाफिर थका है यूं कि क्या बोले ना धूप भा रहा ना ही उसे छांव भा रहा।।।।। Read more

मृत्यु की तिथि.......!

जुनून बाकि है मुश्किलों के रास्ते होश गवाना नहीं गैरों के वास्ते।। काफ़िर नहीं मै जो तुझे यूं भूल जाऊं होकर तुझसे खफा कैसे जिंद... Read more

सुकून अभी कहां.......!

जिस्म का दरिया है, सांसों का है समंदर, जिंदगी कभी आसमान पर है तो कभी है गुफा के अंदर। Read more

जग के नाथ......./

सौम्य सी मुस्कान कुसुम से नैन सिर मोर मुकुट हाथ धरे मुरली बजावत दिन रैन हृदय में असीम प्रेम बाणी में अति मधुरता यही है मेरे ... Read more

तुम मान हो हमारे.......*

लाल हो हरी हो देश की तुम परी हो तुम्हे डरना नहीं यहां तुम अनुशासन की छड़ी हो। तुम्हारे बिना ये जग है सुना तुम ममता की मूरत साक्... Read more

इतना मत डरो.****।

ये जो तुम हो, क्या तुम हो सांसे जो तुम्हारी है क्या तुम्हारी है आज जो तुममें इतना गम है क्या गम है, ये जो तुम हो, क्या तुम हो।।।। Read more

पिता कैसे है.........!?

वे बताते कहां है अपनी खुशी दिखाते कहां है हां हां वो पिता ही है।। आंसू जो पी पी कर अपना प्यास बुझाते है कभी संतानों को आत्मनिर्भ... Read more

मैं भी सिपाही. ......!

मै सिपाही हूं मेरे हाथ में अस्त्र कहां, मेरा ताल्लुक मेहनत से है गोली मारने की हिम्मत कहां काश मैं भी जा पाता उस सरहद पर आंसू ... Read more

चीन का बहिष्कार ।।।।

बहिष्कार करो तुम बहिष्कार करे हम अब अपनी मेहनत का लोकार्पण करे हम उम्मीद है अब हमे अपना सपना सजाएंगे। चीन जैसों का अब उसकी औक... Read more

परिणाम .....!

आग बरसती है तो क्या शीतल जल धारा बहाओ प्रेम विछिन्न हो तो क्या नफरत का कांटा हटाओ।।। Read more

कोशिश तो करो.........

स्वाभाविक है दुख लेकिन सुख के लिए कोशिश तो करो, रास्ते में अनेक कांटे है तो क्या फूल खिलाने की मेहनत तो करो।। ।। ।।।। Read more