bhandari lokesh

rudawal

Joined January 2019

b.sc (msj college bharatpur)
b.ed(mstt college bharatpur)
&
m.sc mathematics

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ए मेरे हमसफ़र

याद अपनों की आने लगी इस कदर हमको खुद की रही ना कोई भी ख़बर अब ये तू ही बता ए मेरी जिंदगी क्या वहां भी मेरी याद कर रहा है शहर ?... Read more

चलो कहानी शुरू करें कब

चलो कहानी शुरू करें अब अपनी और तुम्हारी भाई आज जो मैंने कलम उठाई याद तुम्हारी दिन भर आई यूं तो हंसना फितरत मेरी आंख मगर अक... Read more

जिंदगी क्या है ?

जिंदगी क्या है ? कभी फूल कभी कांटों की राह है जिंदगी कभी मुस्कुराहट कभी दर्द की आह है जिंदगी कभी नदियों की कल कल कभी दो दि... Read more

"किसान"

तन पर फटे हुए कपड़े हों दिल में जगह बराबर हो अंधकार का साया घर में दिल में रोज दिवाकर हो वो शख्स यहां से सूरज का पग पग सदा ... Read more

आंखों के आंसू

आंखों के आंसू भी तेरा नाम गुनगुनाते हैं हम रोते हैं वो खिलकर मुस्कुराते हैं कुछ पल तन्हा रातों के बिन उनके सूने लगते हैं य... Read more

फिर वही बात

फिर मेरा नाम उसकी जुबां पर फिर वही प्यार उसका बेइंतहा पर फिर उसके ख्वाबों ख्यालों में था में फिर उसकी आँखें नमी आसमा पर फिर ... Read more

इकरार - इजहार

हमें मिलना जरूरी है उन्हें मिलना जरूरी है हमें नफरत नहीं उनसे उन्हें नफ़रत नहीं हमसे हमें तन्हाई का डर था उन्हें रुसवाई का ... Read more

वो और हमारी जिंदगी

अगर में राह बन जाऊं मुसाफिर वो भी बन जाए कभी पल भर ठहर जाऊं वो बुत बन कर संभल जाए अगर में थाम लूं दामन वो मेरी सांस बन जाए... Read more

"दिन गुजरते गये"

रात ढलती गई दिन गुजरते गये वो संवरती गई हम बिखरते गये अभी याद है उसका चुपके से हँसना गलियों से उसकी हमारा गुजरना अधूरी कहानी... Read more

सबूत-ए-मोहब्बत

तुम्हारी कब्र पर'भंडारी' रोने नहीं आया उसे मालूम था तुम हार नहीं सकते हो रुख़सत हमसे कहीं सांसें गुजार नहीं सकते तुम्हारी मौत... Read more

ख़बर-इश्क ए वतन से

इश्क ए वतन से ख़बर दो कोई हम उन्हें भूल जाने की कोशिश करेंगे राहों से छिपकर चले जाएंगे हम मगर बेवफ़ा का ज़िकर ना करेंगे इश्क ... Read more

जि़कर तक नहीं

हम तो हरपल सनम सोचते हैं तुम्हें बस तुम्हारे ही दिल की ख़बर तक नहीं तू ही तू है दुआ में ज़हन में बसी और लब पे तुम्हारा ज़िकर त... Read more

सुकून ए मोहब्बत

सुकून ए मोहब्बत ना हमको मिला बाकी सब कुछ मिला हमको तू ना मिला हाथ उठते इबादत में रब से सनम यूं ही जारी रहे जुल्म का सिलसिला ... Read more

अल्फ़ाज़

पलक झपकते सूरत तेरी तस्वीरों में उतर गई आँख खुली तो पता चला ये महफ़िल फिर से बिखर गई वैसे तो दीवाने उनके दर से रोज गुज़रते ... Read more

दिल ज़ाफ़रान

जो बात हमने खुद से छुपा रखी थी वही बात हमारी कलम को रुला रही थी ॥ चुप रहने के लिए हमने रिश्वत दी किताबों को मगर कमबख्त कागज़ ... Read more

सत्य वचन

जीवन सब जोड़े रखा मोह माया के साथ अंत समय सब कुछ लुटा,गया वो खाली हाथ।१। भटकत भटकत ज़ीवन बीता मिला ना अंतिम छोर बस एक बात समझल... Read more

आँखों में नमी लेकिन ...

आँखों में नमी लेकिन होठों पर हंसी रहती तकदीर हमारी भी इस कदर जुदा रहती जब मिलना ही था उनसे तो बिछुड़न का दर्द बनाया क्यूँ ... Read more

मोहब्बतें

जनाज़ा देख ले मेरा जो गुज़रा है तेरे दर से कहीं नदियां जुदा होती महफ़िल ए समंदर से बड़ा कमबख्त था ये नासमझ बस चाहता तुमको कफ़न... Read more

दिलनू ...

एक है आरजू एक है रूह पास है तेरे मेरा दिलनू दिल दी यही गल्लां किसे में दसनु पास नही मेरे तेरा दिलनु जिसकी रग रग विच तेरी खुश... Read more

कॉलेज का अंतिम दिन

वो कॉलेज का था अंतिम दिन आंखो मे नमी सी थी मुकम्मल तो बहुत कुछ था मगर थोड़ी कमी भी थी कमी थी ये कि अपने दोस्त सब दूर जाने थे ... Read more