बस कभी कभी दिल करता है तो लिख लेता हूं । शिक्षा विभाग हरियाणा में अंग्रेजी के प्रवक्ता पद पर कार्यरत हूं ।

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श्रीभगवान बव्वा के दोहे

श्रीभगवान बव्वा के दोहे जून 27,2019. एक बार ही था पिया, शिव ने विष का घूंट । लोग रोज हैं पी रहे, जैसे जूस फ्रूट ।1। रा... Read more

श्रीभगवान बव्वा के दोहे

आज के दोहे ( जून 26, 2019 ) -श्रीभगवान बव्वा धर्म नाम पर कर रहे, लोग दिखावा आज । जीते जी सेवा नहीं, करें मरे तो काज ।। संख्... Read more

आज के दोहे

आज के दोहे (जून 24, 2019) गौर जरा अब कीजिए, बिगड़ रहे हालात । इस युग को भाता नहीं, कहना सच्ची बात ।1। खोलो मुख को सोच के, द... Read more

कुण्डलिया

सूरत तेरी सामने , क्या मैं देखूं यार । मुझको प्यारा है लगे, बस तेरा दीदार ।‌। बस तेरा दीदार, सदा ही दिल को भा... Read more

एक ग़ज़ल

एक ग़ज़ल दूर सदा ही वो रहते हैं, उनको अपना रब कहते हैं। बस ग़म की बातों को छोड़ो, सुख में भी आंसू बहते हैं। बेशक ते... Read more

कुण्डलिया

जात धर्म हैं पूछते , नहीं लगे है लाज । अगड़े पिछड़ों में बंटा, सारा आज समाज ।। सारा आज समाज, भूल कर सब मर्यादा । कहें देश ह... Read more

श्रीभगवान बव्वा के दोहे

"श्रीभगवान बव्वा के दोहे" बच्चों को अब दीजिए, बड़ा ज़रूरी ज्ञान । मात पिता के हाथ में, बसते हैं भगवान ।। नये समय का खेल है, द... Read more

श्रीभगवान बव्वा के दोहे

आज के #दोहे, (जून 23,2019). मन के रथ पर बैठकर, करके आना सैर । साथी तेरे हैं सभी, नहीं मिलेगा ग़ैर ।1। टूटे दिल को जोड़ना, उ... Read more

श्रीभगवान बव्वा के दोहे

"श्रीभगवान बव्वा के दोहे" बच्चों को अब दीजिए, बड़ा ज़रूरी ज्ञान । मात पिता के हाथ में, बसते हैं भगवान ।। नये समय का खेल है, द... Read more

आज के दोहे

श्रीभगवान बव्वा प्रवक्ता अंग्रेजी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय,लुखी, रेवाड़ी। मन के रथ पर बैठकर, करके आना सैर । साथी ते... Read more

एक ग़ज़ल

याद कर के आपको हम रो रहे हैं , छल हमेशा ही हमीं से हो रहे हैं । फल कभी देंगे नहीं हमको यकीं है , बीज फिर भी आरज़ू के बो ... Read more

एक ग़ज़ल

एक ग़ज़ल रोग सारे पालते ही जा रहें हैं , एक दूजे को यहां सब खा रहे हैं । जानता हूं आपकी औकात को मैं, नाग बन कर बीन पर ... Read more

मैं भी बनूं कबीर

मैं भी बनूं कबीर रोज यही हूं ठानता, मैं भी बनूं कबीर । लेकिन हिम्मत है नहीं, सह लूं इतनी पीर ।1। होते जो जन खोखले, कहें जात ... Read more

श्रीभगवान बव्वा के दोहे

मेरे दस दोहे जो जन करते हैं नहीं, अपनों पर विश्वास । कुचले जाते हैं सदा, राह उगी जो घास ।1। दिल में गांठ न राखिए, कर देती ह... Read more

श्रीभगवान बव्वा के दोहे

"श्रीभगवान बव्वा के दोहे" गांठ मनों में बांधते, रखते बुरे विचार । जीवन में मिलता नहीं, उन लोगों को प्यार ।1। मन में जो भी पा... Read more

श्रीभगवान बव्वा के दोहे

"श्रीभगवान बव्वा के दोहे" वाणी में ही रह गई, फीकी एक मिठास । पर दिलों में बसी हुई, नफ़रत वाली फांस ।1। ऐंठ मनों में रह रही,... Read more

चाहत जिनकी

चाहत जिनकी है रही , लेना मेरी जान । उनकी बस्ती में लिया , हमने आज मकान ।। हमने आज मकान, नाम बस कर ही डाला । और रहे चुपचाप ... Read more

पीड़ा जब जब है बढ़ी

पीड़ा जब जब हैं बढ़ी,किया यही उपचार। सूरत उनकी देख ली,जिनसे करते प्यार ।। जिनसे करते प्यार , लोग वो होते बूटी । अपने आते का... Read more

भले बुरे की सीख

मिलती है परिवार से,भले बुरे की सीख । आदर्शों में जो पला , बना सदा तारीख़ ।। बना सदा तारीख़ , ज़मानें गुण हैं गाते ... Read more

थम जाती जब सांस

तज देते सब मोह को,थम जाती जब सांस । तीख़ा देते घाव वो , जो हों दिल के पास ।। जो हों दिल के पास , लोग वो बड़ा सताते । ना जान... Read more

ऊंची तेरी शान !

ऊंची तेरी शान है , ऊंचा तेरा मान । सबके विष को पी लिया,तुमने अपना जान ।। तुमने अपना जान , ग़ैर को गले लगाया । ... Read more

कुंडली

अभिमन्यु है बना दिया , बालक था नादान । उस कुल को भाया नहीं, था जिस कुल की शान।। था जिस कुल की शान , उसी ने मुझे मिटाया ।... Read more

कुंडली

नागों ने है कर लिया, निर्णय मिलकर आज। छुपकर जो भी काट ले,उस पर होगा नाज़।। उस पर होगा नाज़, वही बस नेता होगा । कुलषित करे स... Read more

कुंडली

देश तरक्की कर रहा , कहते हैं सब लोग। सब कुछ हरा-हरा दिखे,नहीं दिखे है रोग।। नहीं दिखे है रोग , यहां सब गड़बड़झाला। कल तक थे जो चो... Read more

कुंडली

झूठ दौड़ती जा रही , सच ने साधा मौन । तुम अगर अब नहीं लड़े, कहो लड़ेगा कौन?। कहो लड़ेगा कौन , कौन बदले तकदीरें । हो गई ... Read more

प्रदूषण

रोको ज्यादा बढ़ रहा , प्रदूषण का जाल । ख्याल न किया अगर अभी,कर देगा बेहाल ।। कर देगा बेहाल , हवा को भी तरसोगे । देख ... Read more

हवाओं को सोता हूं

महकती हुई हवाओं के साथ सदा होता हूं मैं, झोंका दुर्गंध का आता है तो बस रोता हूं मैं। बूढ़ा बाप हूं तुम्हारा ये कांधे ... Read more

कुंडली

हर किसी के शब्द कहें,किसका क्या है मोल। जो व्यर्थ है बोलता , खोले अपनी पोल।। खोले अपनी पोल, सामने सच आ जाता । बिना करे ... Read more

कुंडली

एक अनार हो गई,अब सरकारी नौकरी । एक सौ बीमार हैं, क्या करेंगे चौधरी ।। क्या करेंगे चौधरी , बेहद बेरोजगारी ।‌ हर कोई चाहता,म... Read more

कुंडली

झूठ दौड़ती जा रही , सच ने साधा मौन । तुम अगर अब नहीं लड़े, कहो लड़ेगा कौन?। कहो लड़ेगा कौन , कौन बदले तकदीरें । हो गई ... Read more

होली

कोरडा आल्ली होली,इब तै हो ली यार, भौजाई अर देवर का, ना रय्हा वो प्यार । ना रय्हा वो प्यार,बदलगेे सब रिश्ते नाते, देवर-भाभी इकदूज... Read more

ग़ज़ल

नफरतें बोने वालों का, बुरा हश्र देर-सवेर होता है, विस्फोट वहीं होता है, जहां बारूद का ढेर होता है। नोंच कर खा जाने वालों का, जम... Read more

शेर

कोयलों को जब जब, चुप रहने का फरमान मिला है , कव्वो की काव-काव को,मधुरता का सम्मान मिला है । सतयुग हो या कलयुग हो, यह सच्चाई अटल ... Read more

आ अब लौट चलें

नाटक "आ अब लौट चलें" राजू: रामू ! रामू ! जल्दी करो, स्कूल का टाइम हो गया है । रामू: नहीं यार, मैं आज से स्कूल नहीं जाऊंग... Read more

मेरी ग़ज़ल के दो शेर

चेहरे पर मुखौटा , तेरे शहर के लोग लगाए रहते हैं । दिल में कुछ और होता है ,जुबां से कुछ और कहते हैं। नए आये हैं हम तो, तुम्हारे... Read more

मेरी ग़ज़ल के दो शेर

तेरे शहर में रिश्तो का कोई सम्मान नहीं होता , मेरे गांव की तरह मेहमान, भगवान नहीं होता ।। अपने हाथों से लिखते हैं तकदीर- ऐ -इबारत,... Read more

उत्कर्ष

खेल खेल में हंसते-गाते ज्ञान के दीप जलाएंगे उत्कर्ष हमारा नाम है​ हम देश का मान बढ़ाएंगे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सपना हम साकार क... Read more

माँ

आंचल तुम्हारा दरख्तों की छाया है माँ, हर धूप से टकराना तुमने सिखाया है माँ, तुम बेशक कहीं दूर सितारों में रहने लगी, मेरे सर पर ह... Read more

"बेटी"

"बेटी" मन लगाकर पढ़ती हूं , और शान से जीती हूं ! मैं तो अपने पापा जी की अच्छी वाली बेटी हूं !! भ्रूण हत्या जो करते हैं, एक दिन... Read more

जोड़कर बढ़ो

रूढियों को पीछे , छोड़कर बढ़ो, जो भी टूटा है उसे जोड़कर बढों । यूं तो हर वर्ष आता है नया साल, इस बार अहम् को तोड़कर बढ़ो । बह... Read more

हम

हमारे जैसा ही होना चाहकर भी, जब हो नही पाते हैं । हमारे काम करने के अन्दाज़ से वो लोग जल जाते हैं ! हम तो हमेशा उन ही को गले लगाने... Read more

उस बाबा को भूल गए ?

अभिव्यक्ति की आजादी,किसने दी थी बोल ? उस बाबा को भूल गए ? कैसा है मैखोल ! कैसा है ये मैखोल, शर्म तुमको नहीं आती, बदल गई है ... Read more

"नया साल"

नया साल दहलीज पे,खङा रहा है बोल। सूरज बांटे रोशनी,चित के पट को खोल।। चित के पट को खोल,अन्धेरे डर कर भागेंगे। सोये हुये हैं भाग्य ... Read more

सबको सच्चा प्यार मिले !

हर बालक- बालिका को शिक्षा का अधिकार मिले, थोड़ा कम ज्यादा हो बेशक,सबको सच्चा प्यार मिले! छोटे- छोटे बच्चों को भी, चाय बेचनी पड़... Read more

अच्छी बेटी

सभी बेटियों को समर्पित ! मन लगाकर पढ़ती हूं , और शान से जीती हूं ! मैं तो अपने पापा जी की अच्छी वाली बेटी हूं !! भ्रूण हत्या जो... Read more

"दिवाली यूं मनाते हैं.."

चलों, इस बार दिवाली कुछ यूं मनाते हैं ! किसी भूखे को भर पेट खाना खिलाते हैं ! ठिठुरता रहता है वो सर्द रातों में बेचारा, उस बुढे... Read more

"शहर को दुआ देते हैं"

किसी के आसूंओं को पोंछ कर, हंसा देते हैं ! इस बार, दिवाली कुछ इस तरह मना लेते हैं !! बहुत शोर हो रहा है , बम-पटाखों का यहां, चलो... Read more

"हँसी दे पाये सबको"

हँसी दे पाए सबको को,ऐसा शरूर देना ! जिन्दगी, हमें इतना समय जरूर देना !! कभी ना झुके ये सर,हमारा शर्म से ! जिन्दगी ना देना बेशक प... Read more

"प्यार सिखाते हैं"

हम ज़िन्दगियों को बनाने का काम करते हैं, प्यार सिखाते हैं,नफरतों को तमाम करते हैं ! शहर में , सहमा हुआ है हर एक आदमी, चलो,गले म... Read more

"पिताश्री"

गर्दन उठा कर , शान से जीना सिखा दिया ! करता हूं नमन भगवान्; मुझे ऐसा पिता दिया! नारी का सम्मान,गरीबों-खातिर लड़ने का गुण, अपने ... Read more