babita shekhawat

ellenabad

Joined November 2018

I am the student of bsc ist year and i am not the professional poet but i want so .
the feelings share through poem is my habbit from my childhood and now i realise that sahityapedia is a platform for me to spread my habbit as my profession .
Here discussion about my habbit so i am the simple behaviour girl and i want to be in my childhood in my all the life and want to express my views through the poem
i belong from a cultural rajput family

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रानी प्द्माव्ती

राजा रतन सिह की थी वो दूसरी पटरानी, नाम था उसका पद्मवती रानी। जो थी स्त्री शक्ति की मिसाल पुरानी, और थी सुंदरता की निशानी। जब... Read more

है ख्वाहिश मेरी भी:-बेटी

थी ख्वाहिश उस आसमान मे उडने की, पर लडकी कह्कर टोक दिया। जाना चाहूँ मैं भी सकूल , ये कह्ते ही गला द्बोच लिया। बनना चाहूँ मैं अ... Read more

क्या वो भी दिन थे ये कहती हूँ आज

सुनती हूँ आज भी मैं कभी -कभी पापा से , उनके बचपन की कहनी। क्या मजा था उनके समय मे, करती हूँ मह्सुस पापा की बातो से। किस तरह रो... Read more

प्यारी होती है माँ

अनमोल से भी अनमोल होती है माँ , बच्चे को चोट लगने पर रोती है माँ। क्या कहे इन्हें इतना प्यार दिखाती है माँ , भगवान का दूसरा रूप क... Read more