काव्य का निर्माण

मेरे पास बस शब्द हैं अनेकार्थ, थोड़ी कल्पना है,थोडा है यथार्थ। लेकर सबसे थोड़े-थोड़े भाव उधार, सजाता हूँ उन्हें देकर कुछ भावार्थ।... Read more

माँ

हे माँ।कठिन है करना,तुम्हे शब्दों में वर्णित। हूँ निर्मित तुमसे तुमसे ही है,ये जीवन चलित। हे जननी। सृष्टि का सार तत्व,है तुममे समा... Read more