Asif khan

Joined October 2018

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माँ

माँ ! तुझपे लिखना बहुत कठिन है क्योंकि तुम शब्दो से परे हो उस उचाई पर जिसका कोई अंत नही उस गहराई पर जिसका कोई धरातल नही आंखों... Read more

किसी के लिए खुद को बर्बाद कर देना ये शायद मुहब्बत नही हैं

मैं एक मीडिल क्लास लड़का हूँ मै गोरखपुर से हूँ 4। हर इंसान की तरह मेरा भी एक सपना था कि कुछ ऐसा करना जिससे एक दिन सबको मुझपे गर्व हो,... Read more

सुना है चेहरे पर किताबो से ज्यादा लिखा होता हैं

“गिरना भी अच्छा है, औकात का पता चलता है… बढ़ते हैं जब हाथ उठाने को… अपनों का पता चलता है! जिन्हे गुस्सा आता है, वो लोग सच्चे ह... Read more