Ashwani Sharma

Joined August 2016

Lecturer in Sanskrit, GSSS Bhora Kalan, Gurugram, Haryana

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वेलेंटाइन डे

वेलेंटाइन डे पर आप सभी को समर्पित मेरी रचना.... सोचियेगा जरूर.....आपका अश्विनी जोशी, इस देश में बच्चे भूखे पेट सो जाते है। नेता... Read more

हुस्न

अपने हुस्न का नशा कुछ इस तरह चढ़ा उनपर । रोज़ आईने में चाँद को निहारने लगे। ना पता था उन्हें कि चाँद ही था नसीब में तभी वो हमारे सप... Read more

ये नया साल ........

ये नया साल क्या असलियत में नया हैं या नम्बर ही बदले, छला बस गया हैं। ये नया साल क्या असलियत में नया हैं। क्या अब ना मरेंगी यूं ... Read more

ये दुनिया बदल गई यारों

ये दुनिया बदल गयी यारों और बदला रंग जमाने का पीने का ढंग ही बदल गया और बदला रंग पैमाने का । अब भगत सिंह, सुखदेव नही जो प्राण लुटा... Read more

बिकने लगा ईमान

मेरा अब देश में दम घुटने लगा हैं जहां हर इक का ईमान अब बिकने लगा है। हर रोज कोई प्रान्त आरक्षण में जलता है फिर भी जवानो का खून नह... Read more

इक नया भारत

अब एक् न्य भारत बनाना है लेकिन जरा हौले हौले, उनको भी सबक सिखाना है लेकिन जरा हौले हौले। लूट लिया मेरे हिन्द को देश के गद्दारों ने... Read more