अपने आप के लिए मैं आशावादी हूँ-इसके अलावा कुछ और होना ख़ास मायने नहीं रखता!!

Copy link to share

ये बन्धन अब मुझको स्वीकार नहीं.!!

मत रोक मुझे भयभीत न कर,मैं सदा कंटीली राह चला.! मेरे पथ के पतझड़ों में ही नव-नूतन मधुभास पला.!! मैं हूँ अबाध,अविराम,अथक,अविचल आशु... Read more

गूंजती रहती हो मुझमें,शोख शहनाई-सी तुम..!!

शोर की इस भीड़ में ख़ामोश तन्हाई-सी तुम.. ज़िन्दगी है धूप तो,मदमस्त पुरवाई-सी तुम.. आज मैं बारिश में जब भीगा,तो तुम ज़ाहिर हुईं.... Read more

मुकम्मल-मोहब्बत अधूरे-ख्वाब!!

ये शब्द सिलवटें लिये यूंही खामोश होते गर तुम ओश की बूंदों सी शबनमी शबाब नहीँ होती. रखते जज्बातों को हम भी काबू में गर तुम द... Read more