Ashutosh pandey

Bahraich, uttar pradesh

Joined November 2018

Student at university of allahabad

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।।।गज़ल।।।

खिली-खिली सी सुबह का ख़ुमार है कि नहीं। ज़रा-ज़रा ही सही इंतज़ार है कि नहीं।। कभी तन्हाइयों में पूछ तेरे दिल से ज़रा, मेरे लिए भी ते... Read more

तुम्हारी बातों में......

यूँ तो कोमल सुमधुरता का है वास तुम्हारी बातों में, लेकिन जब बोलूँ तुमसे,तो दिखता है,अविश्वास तुम्हारी बातों में। कोकिल भी सुन शर... Read more

लिखते-लिखते खत्म रोशनाई हुई........

तेरे बारे में माँ सोचा था कुछ लिखूँ, लिखते-लिखते खत्म रोशनाई हुई। ग़र जो तकलीफ में, मैं कहीं था फंसा, तेरे दिल में हुई, एक हलचल ... Read more

माँ तुम ही मेरी सबकुछ हो.......

माँ तुम ही मेरी सबकुछ हो, तुमसे ही है यह जीवन मेरा, तुम मेरी हो सूर्य किरण, जब चारों ओर हो घना अंधेरा। जब भी जीवन में कष्टों न... Read more

माँ तुम ही मेरी सबकुछ हो.......

माँ तुम ही मेरी सबकुछ हो, तुमसे ही है यह जीवन मेरा, तुम मेरी हो सूर्य किरण, जब चारों ओर हो घना अंधेरा। जब भी जीवन में कष्टों ने,... Read more