ashok mizaj

Joined January 2017

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ग़ज़ल

ग़ज़ल..हल्की-फुल्की सी एक दरिया की रवानी की तरह, है तेरा किरदार पानी की तरह. दिल है मेरा एक छोटे गाँवों सा, और तेरा राजधानी ... Read more