Ashok Chhabra

Gurugram

Joined February 2018

Poet

Books:
Some poems and short stories published in various newspaper and magazines.

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दोहा

रंग लगा हर साल था नहीं लगा वो रंग। आज तिरंगा जो रमा तन मन मस्त मलंग।। अशोक छाबडा 21032019 Read more

कुंडलिया

पुलवामा दर्द सहा आसूं लेकर नैन, क्रोध दिल में दिया दबा मिला न फिर भी चैन। मिला न फिर भी चैन तुम ऐसा करो इलाज, घरों में घुस ठोको ... Read more

दोहा

आज फिर नया साल है करें नई शुरुआत। भूलें नफरत आपसी करें प्यार की बात।। अशोक छाबडा 01012019 Read more

दो पंक्तियाँ

मेरी चाहत न बयां हो सकती है न दिखाई देगी, जरा करीब आओ जिंदगी गुलजार कर दूंगा। अशोक छाबडा 01012019 Read more

दो पंक्तियाँ

न धन न पद न किसी की मुहब्बत का स्थान है, मेरे दिल में सिर्फ और सिर्फ मेरा हिंदुस्तान है। अशोक छाबडा 25012019 Read more

दोहा

ममता खूब भरी हुई, नारी से संसार। शक्ति को प्रणाम है, ये जग का आधार।। अशोक छाबडा Read more

पापड

जनवरी का महीना था। कडाके की ठंड। रात के समय सुखिया फुटपाथ पर बैठा जाग रहा था। नींद आती भी तो कैसे। ठंड ने उसका जीना मुहाल कर रखा था।... Read more

पेट की आग

जून का महीना था और तपती दुपहरी में रिक्शेवाला सवारी को खींचता हुआ उसको उसके गंतव्य स्थान तक पहुँचाने के लिए पैडल मारता हुआ पसीने से ... Read more

पछतावा

सोशल मीडिया पर अशोक की दोस्ती एक बडे शहर में रहने वाले गौरव से हो ग ई थी। अक्सर उनमें बातें होती रहती थी। गौरव उसे गंवार कहकर चिढाता... Read more

राजनीति

"क्या बात है आज बडे खुश नजर आ रहे हो। ये चेहरे पर गुलाल क्यों लगा रखा है? "तुम्हें पता नहीं विधानसभा के चुनाव का परिणाम आ गया है? ... Read more

तरीका

आज पांचवां दिन था मुझे चक्कर काटते हुए। केवल एक छोटा सा काम करवाने के लिए कई बातें सुननी पडी थी। आफिस वाले कभी कहते कि अभी टाइम नहीं... Read more

दोहा

आसमान से चोट दी दुश्मन किया तबाह। करनी का फल है दिया सेना की हो वाह।। अशोक छाबडा 26022019 Read more

नेता और अभिनेता

'फिल्में और राजनीति' विषय पर प्रतियोगिता आयोजित की जा रही थी। एक उम्मीदवार से पूछा गया, "नेता और अभिनेता में क्या समानता है? " "उ... Read more

पैकेज

सुबह का वक्त था। एक महानगर के एक घर में मनीष अपने लानॅ में बैठे अपने पडोसी सुरेंद्र चौबे से बातें कर रहे थे।सुरेंद्र चौबे जी सुबह की... Read more

फर्क

गौरव और उसकी पत्नी दो बच्चों के साथ कार से वृद्धाश्रम रह रहे अपने माता पिता से मिलकर सोसायटी में मिले अपने फ्लैट के लिए लौट रहे थे। ... Read more

दोहा

जय जय हो माँ शारदा कृपा करो अपार। ज्ञानी जग के सब बनें दो विद्या उपहार।। अशोक छाबडा Read more

मुक्तक

दिया जो दर्द है गहरा उसे तुम न जाने भूल देना, हुए बलिदान जो वीरों के जाने न उसे फिजूल देना। पुलवामा हमला करने वाले कायर को देना जव... Read more

मुक्तक

बह रहे आंखों से आंसू दिल बहुत उदास है, क्रोध भी खूब उमड रहा उड गया हास है। हमला किया जिसने है देश के जवानों पर, उस आतंकी का सुनो... Read more

दोहा

आतंकी ने जो किया पुलवामा में हाल। भारती पुत्रों ठान लो टूट पडो बन काल।। Read more

दोहा

दिन था चौदह फरवरी पुलवामा की बात। वो दिन था गम में कटा बेचैनी में रात।। Read more

गलत या सही

आज अठारह सालों के बाद अशोक और रश्मि किसी की शादी में मिले थे। "कैसी हो रश्मि? " अशोक ने पूछा। "अच्छी हूँ मुझे क्या हुआ है।" रूखा सा ... Read more

बेटियाँ

रक्षाबंधन के दिन मैं घर के बरामदे में बैठा हुआ था।तभी अचानक मेरी पडोसन राहुल की मम्मी दूसरी पडोसन पिंकी की मम्मी को आवाज दे रही थी, ... Read more

कुण्डलिया

प्रदूषण के दौर में रखना अपना ख्याल, न रखा ध्यान शरीर का होगा गंदा हाल। होगा गंदा हाल दवा लेनी पडे रोज, स्वस्थ न होंगे तो फिर उड न... Read more

कुण्डलिया

पर्यावरण बचाय लो हुआ हर तरफ शोर चिंता में तो हैं सभी ध्यान नहीं इस ओर ध्यान नहीं इस ओर बातें करते सब बडी हम ही बचायेंगे न कि वो ज... Read more

मुक्तक

है जिनका सपना हर तरफ भारत की जय जयकार हो, गरीब को हक मिले अच्छे दिन का स्वप्न साकार हो, है चाह उनके मन में बस सबका साथ सबका विकास... Read more

माँ

तूने मुझे लिखा है मैं तुझ पर क्या लिख सकता हूँ। 'मदर्स डे' पर लोग मुझसे कहने लगे माँ पर कुछ लिख। मैं क्या लिखूँ। क्या मैं सचमुच ... Read more

वो दिन गए

आंखों ही आंखों में होती थी बात वो दिन गए बडी मुश्किल से होती थी मुलाकात वो दिन गए। भेजो अगर संदेश तो तुरंत जवाब आता है पहले लिखना... Read more

दोहा

मिले खुशी परिवार को लगाते तन मन धन, चिंता में ही तो रहें पिता पूरा जीवन।। अशोक छाबडा 18062017 Read more

दोहा

काश प्रेरणा ले सके साहित्यिक संसार। 'दिनकर' वाणी आपकी राष्ट्र का आधार।। अशोक छाबडा 23092018 Read more

कविता पढने आया हूँ

सच तो सच ही होता है मैं ये बतलाने आया हूँ धूल हटा करके सबको दर्पण दिखलाने आया हूँ। न सोचना कि गुणगान किसी का बस करने आया हूँ कवि ... Read more

गाय

गाय क्यों पूजनीय है हमारे लिए मैं आज बतलाता हूँ क्यों ये माता है हमारी आईना दिखलाता हूँ। कृपा होती जिस पर गाय की वो कुल तर जाता ... Read more

मतदाता

मतदाता से मत लेकर मतदाता का सम्मान भी करना उनके काम को मत मत कहना उनसे बचकर रहना। फर्श से अर्श पर पहुँचाए तुम्हें वो है मतदाता ... Read more

क्यूँ न कलम उठाऊँ मैं

देते मुझको दर्द रोज आजकल उस दर्द को कैसे पी जाऊँ मैं वो कहते मेरे देश को गंदा क्यूं न कलम उठाऊं मैं। जहर उगलते सुबह शाम वो नित न... Read more

अखबार

क्यूँ लाता है तू ऐसी खबरें जो हमारे दिलों को दुखा देती हैं मुझे ही नहीं सारे समाज को अंदर तक हिला देती है। सुबह की चाय पर बेसब्री ... Read more

आजादी की कीमत

आज जो हम ये इतना इतरा रहे हैं रातों को भी चैन की नींद सो रहे हैं आसान नहीं था पाना ये सब पूरा पता नहीं हमे अब भी आजादी का मतलब ग... Read more

चिंतन की बात कर

अंधेरे की नहीं उजाले की बात कर निराशा की नहीं आशा की बात कर। बहुत हो चुका अभिमान हुस्नो शवाब पर रूठने की नहीं मनाने की बात कर। द... Read more

दोहा

हर दिन हिंदी लो मना विनती बारम्बार। दिन एक मना इसे करो न ये उपकार।। Read more

मजदूर हूँ

कडी धूप को हूँ सहता तेज सर्दी में काम करने को मजबूर हूँ मजदूर हूँ मजदूर हूँ बस हर सुख सुविधा से दूर हूँ। खून पसीना एक करता हूँ तब ... Read more

मुक्तक

देश के ही लिए मेरा हर काम हो देश के ही लिए मेरी हर शाम हो मेरा तन मेरा मन सब वतन के लिए आखिरी साँस भी देश के नाम हो। अशोक छाबडा ... Read more

मुक्तक

ना ही किसी भी धर्म ना परिवेश में लिए ना ही मैं लिखता व्यक्ति ना विशेष के लिए बस दे दुआ माँ शारदे मैं मांगता यही ये लेखनी जब भी उठ... Read more

हिन्दी

बढी खूब साख ताज हिंद का है हिंदी आज, भाषा पर नाज मनमीत होना चाहिए। छाई हर देश मन भाई नर नेक अब, बने देश भाषा ये प्रयास होना चाहिए... Read more

आजादी

देख देख भारत की आजादी याद रखेंगे कुर्बानी नमन कर शहीदों को आंखों में भर आता पानी। मिली आजादी जिनकी बदौलत हमारी भारतमाता को चुका न... Read more

अमर हो तुम विवेकानंद

धन्य है भारत की धरती यहां हुए विवेकानंद सदा तुम्हें हम शीश झुकाते अमर हो तुम विवेकानंद। जनवरी 12 साल 1863 था पावन दिन वो दिया हमे... Read more

तुम हो

कडकती धूप में ठंडी छांव सी तुम हो, सर्द मौसम में एक गर्माहट सी तुम हो। मेरे दिल की धडकन मेरी जिंदगी हो, क्या कहूँ मेरी खुशी मेरी ... Read more

माँ

तूने मुझे लिखा है मैं तुझ पर क्या लिख सकता हूँ। मदर्स डे पर लोग मुझसे कहने लगे माँ पर कुछ लिख। मैं क्या लिखूँ क्या मैं सचमुच इत... Read more

भारत, मेरा भारत।

भारत, मेरा भारत, मेरा प्यारा भारत है, बचपन से बचपन से बचपन से चाहत है। मेरी मातृभूमि मेरी जन्मभूमि मेरी कर्मभूमि है, मिट्टी इस... Read more

पापा मुझे पढने दो

आसमान को छूने दो आगे मुझे बढने दो, मै आपकी प्यारी बेटी पापा मुझे पढने दो। भैया भी जाते स्कूल मै भी पढना चाहती हूँ, नाम रोशन करूंग... Read more

शिक्षक

शिक्षक चाहते आज हैं बस अपना सम्मान। देश आगे वहीं बढे दे उनको जो मान।। अशोक छाबडा 05092018 Read more

कहाँ हो हे मेरे कृष्ण

कहाँ हो हे मेरे कृष्ण तुम्हें पुकारे दुनिया सारी, मचा हरसू हाहाकार है धरती पर है आफत भारी। बढ रहा अधर्म का बोलबाला धर्म बचाने आओ,... Read more

बेटी बचाओ बेटी पढाओ

समय विकट है मानव अस्तित्व संकट में है, खुद जागो और ओरो को भी जगाओ। हो रही भ्रूण हत्या घट रहा अनुपात इनका, हो जाएगा खत्म घर संसार... Read more