Ashok Chhabra

Gurugram

Joined February 2018

Poet

Books:
Some poems and short stories published in various newspaper and magazines.

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कुण्डलिया

लिव इन का संबंध ये करता बंटाधार, बिन शादी बिन रीत के रहते दोनों यार। रहते दोनों यार कभी जब बात बिगडती, चलते घूसे लात न आगे गाडी ... Read more

दोहा

स्वस्थ जीवन चाह तो काम ये कर हुजूर। सिंगल यूज प्लास्टिक को कर जीवन से दूर।। अशोक छाबडा. गुरूग्राम। 25092019 Read more

नमन हे गुरु नानक देव।

धन्य हुई भारत की भूमि यहाँ हुए गुरू नानक देव। सदा आपको शीश नवाते नमन हे गुरु नानक देव।। अप्रैल पंद्रह साल 1469 था बडा पावन दिन व... Read more

हिंदी शिखर पर हो

हिंदी भाषा शिखर पर हो, यही सबकी जुबां पर हो। सभी का एक ही स्वर हो, न मोह अंग्रेजी पर हो। बढे क्षेत्रीय भाषाएं भी, न जोर किस... Read more

दोहा

हिंदी सम भाषा नही भविष्य है उज्जवल। राष्ट्रभाषा बने यही कभी आए वो पल।। अशोक छाबडा Read more

कुण्डलिया

बढी खूब साख ताज हिंद का है हिंदी आज, भाषा पर नाज मनमीत होना चाहिए। छाई हर देश मन भाई नर नेक अब, बने देश भाषा ये प्रयास होना चाहिए... Read more

दोहा

राष्ट्र सेवा भावना थी बसी बस तन मन। भारत रत्न अटल तुम्हें हरपल करते नमन।। अशोक छाबडा. Read more

दोहा

पंद्रह अगस्त ही नहीं करते हरदम याद। रोम रोम उनका ऋणी करवाया आजाद।। अशोक छाबडा Read more

दोहा

कुर्बानियो से है मिली रखना इसका ध्यान। आजादी अनमोल है करो इसका सम्मान।। अशोक छाबडा Read more

दोहा

मित्र परिभाषा क्या कहूँ हूँ इससे अनजान। बुरे दिन जो खडा. मिले दिल से लो वह मान।। अशोक छाबडा गुरूग्राम। Read more

न मैं गीत लिखता हूँ

न मैं गीत लिखता हूँ न कविता न ही गजल कोई खास लिखता हूँ। छू जाए जो दिल को मेरे वही हर बात लिखता हूँ।। कहीं दो वक्त की रोटी के लिए... Read more

भारत रत्न अटल जी

भारत माँ के प्यारे बेटे जिनकी महिमा न्यारी जी पूर्व प्रधान मंत्री भारत रत्न वो थे अटल बिहारी जी। चेहरे से थी सरलता झलकती ह्रदय... Read more

पुलवामा के शहीद

रोज रोज शहादत की खबरों से चैन नहीँ मैं पाता हूँ भारत माँ का बेटा हूँ मैं कलम से रखता नाता हूँ। पुलवामा ने फिर दर्द दिया है इसको ... Read more

भारतवंदन

नमन भारत भूमि को यहाँ माँ गंगा का जल पावन। आओ सब मिलकर करें अपने राष्ट्र का वंदन।। पावन मिट्टी है यहाँ की जिसमें हम हैं खेले इस... Read more

योग और विश्व

पतंजलि का योग अब मशहूर हो चला है, जिसमें छिपा हर प्राणी का भला ही भला है। शारीरिक के साथ मानसिक रोग भी दूर भगाये, आत्मा का परम... Read more

अच्छे दिन

रूठे हुए नजदीक आने लगे हैं बुरे दिन अब दूर जाने लगे हैं। अंधेरे में कट रही थी जिंदगी उजाले के गीत सब गाने लगे है। गम ने घर क... Read more

दोहा

सेना है जय हिन्द की बहुत ही बेमिसाल। पीछे न हटे जो कभी करगिल जीते लाल।। अशोक छाबडा. Read more

मुक्तक

यहाँ की माट में खेला बडे मैं भाग वाला हूँ, यहाँ का अन्न भी खाया उसी का ही मैं पाला हूँ। ऋणी हूँ मै अपने भारत वतन की पावन माटी का,... Read more

मुक्तक

क्यूँ सीमा पर है रक्त बहता क्यूँ बनी रहती है तकरार, क्यूँ चैन इधर ना रहता क्यूँ बेचैनी है उस पार। अरे पूछो जाकर जिनके बेटे, पिता ... Read more

मुक्तक

वाणी तेरी और शब्द भी और कलम भी माँ तेरी, हो सब मेरी सफल साधना विनय शारदा माँ मेरी। माँ तेरी पहचान बनूँ मैं तेरी जय जयकार करूँ, प... Read more

मुक्तक

जन्म मिलता नहीं होते हम भी नहीं, मात है तो मुझे कोई गम भी नहीं। माँ के चरणों की धूलि को शत शत नमन, मा नहीं रब मगर रब से कम भी नह... Read more

मुक्तक

तेरी आंखे तेरी बातें बहुत कुछ कहती हैं मुझसे, मैं इजहारे करूँ महफिल यही उम्मीद है मुझसे। हो सकता है मेरा ये दिल कहे है प्यार तुझस... Read more

दोहा

नमो नमो का शोर है गूंज रहा हर ओर। भगवा हर एक को लगा हो ली उनकी भोर।। अशोक छाबडा Read more

दोहा

देख लो आज बन गया है चुनाव त्यौहार। करना सब मतदान को चूक बडी बेकार।। अशोक छाबडा 26042019 Read more

दोहा

कीमत मानो वोट की बदले ये तकदीर। वोट एक समझो न कम बदले देश तस्वीर।। अशोक छाबडा Read more

दोहा

रंग लगा हर साल था नहीं लगा वो रंग। आज तिरंगा जो रमा तन मन मस्त मलंग।। अशोक छाबडा 21032019 Read more

कुंडलिया

पुलवामा दर्द सहा आसूं लेकर नैन, क्रोध दिल में दिया दबा मिला न फिर भी चैन। मिला न फिर भी चैन तुम ऐसा करो इलाज, घरों में घुस ठोको ... Read more

दोहा

आज फिर नया साल है करें नई शुरुआत। भूलें नफरत आपसी करें प्यार की बात।। अशोक छाबडा 01012019 Read more

दो पंक्तियाँ

मेरी चाहत न बयां हो सकती है न दिखाई देगी, जरा करीब आओ जिंदगी गुलजार कर दूंगा। अशोक छाबडा 01012019 Read more

दो पंक्तियाँ

न धन न पद न किसी की मुहब्बत का स्थान है, मेरे दिल में सिर्फ और सिर्फ मेरा हिंदुस्तान है। अशोक छाबडा 25012019 Read more

दोहा

ममता खूब भरी हुई, नारी से संसार। शक्ति को प्रणाम है, ये जग का आधार।। अशोक छाबडा Read more

पापड

जनवरी का महीना था। कडाके की ठंड। रात के समय सुखिया फुटपाथ पर बैठा जाग रहा था। नींद आती भी तो कैसे। ठंड ने उसका जीना मुहाल कर रखा था।... Read more

पेट की आग

जून का महीना था और तपती दुपहरी में रिक्शेवाला सवारी को खींचता हुआ उसको उसके गंतव्य स्थान तक पहुँचाने के लिए पैडल मारता हुआ पसीने से ... Read more

पछतावा

सोशल मीडिया पर अशोक की दोस्ती एक बडे शहर में रहने वाले गौरव से हो ग ई थी। अक्सर उनमें बातें होती रहती थी। गौरव उसे गंवार कहकर चिढाता... Read more

राजनीति

"क्या बात है आज बडे खुश नजर आ रहे हो। ये चेहरे पर गुलाल क्यों लगा रखा है? "तुम्हें पता नहीं विधानसभा के चुनाव का परिणाम आ गया है? ... Read more

तरीका

आज पांचवां दिन था मुझे चक्कर काटते हुए। केवल एक छोटा सा काम करवाने के लिए कई बातें सुननी पडी थी। आफिस वाले कभी कहते कि अभी टाइम नहीं... Read more

दोहा

आसमान से चोट दी दुश्मन किया तबाह। करनी का फल है दिया सेना की हो वाह।। अशोक छाबडा 26022019 Read more

नेता और अभिनेता

'फिल्में और राजनीति' विषय पर प्रतियोगिता आयोजित की जा रही थी। एक उम्मीदवार से पूछा गया, "नेता और अभिनेता में क्या समानता है? " "उ... Read more

पैकेज

सुबह का वक्त था। एक महानगर के एक घर में मनीष अपने लानॅ में बैठे अपने पडोसी सुरेंद्र चौबे से बातें कर रहे थे।सुरेंद्र चौबे जी सुबह की... Read more

फर्क

गौरव और उसकी पत्नी दो बच्चों के साथ कार से वृद्धाश्रम रह रहे अपने माता पिता से मिलकर सोसायटी में मिले अपने फ्लैट के लिए लौट रहे थे। ... Read more

दोहा

जय जय हो माँ शारदा कृपा करो अपार। ज्ञानी जग के सब बनें दो विद्या उपहार।। अशोक छाबडा Read more

मुक्तक

दिया जो दर्द है गहरा उसे तुम न जाने भूल देना, हुए बलिदान जो वीरों के जाने न उसे फिजूल देना। पुलवामा हमला करने वाले कायर को देना जव... Read more

मुक्तक

बह रहे आंखों से आंसू दिल बहुत उदास है, क्रोध भी खूब उमड रहा उड गया हास है। हमला किया जिसने है देश के जवानों पर, उस आतंकी का सुनो... Read more

दोहा

आतंकी ने जो किया पुलवामा में हाल। भारती पुत्रों ठान लो टूट पडो बन काल।। Read more

दोहा

दिन था चौदह फरवरी पुलवामा की बात। वो दिन था गम में कटा बेचैनी में रात।। Read more

गलत या सही

आज अठारह सालों के बाद अशोक और रश्मि किसी की शादी में मिले थे। "कैसी हो रश्मि? " अशोक ने पूछा। "अच्छी हूँ मुझे क्या हुआ है।" रूखा सा ... Read more

बेटियाँ

रक्षाबंधन के दिन मैं घर के बरामदे में बैठा हुआ था।तभी अचानक मेरी पडोसन राहुल की मम्मी दूसरी पडोसन पिंकी की मम्मी को आवाज दे रही थी, ... Read more

कुण्डलिया

प्रदूषण के दौर में रखना अपना ख्याल, न रखा ध्यान शरीर का होगा गंदा हाल। होगा गंदा हाल दवा लेनी पडे रोज, स्वस्थ न होंगे तो फिर उड न... Read more

कुण्डलिया

पर्यावरण बचाय लो हुआ हर तरफ शोर चिंता में तो हैं सभी ध्यान नहीं इस ओर ध्यान नहीं इस ओर बातें करते सब बडी हम ही बचायेंगे न कि वो ज... Read more

मुक्तक

है जिनका सपना हर तरफ भारत की जय जयकार हो, गरीब को हक मिले अच्छे दिन का स्वप्न साकार हो, है चाह उनके मन में बस सबका साथ सबका विकास... Read more