Ashok Ashq

Samastipur

Joined June 2016

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रहे फासले से

रहे फासले से मिटी दूरियाँ ना बँधी इश्क़ की पाक वो डोरियाँ ना मयस्सर नही पायलों की ये छमछम झरोखे में दिल के बजी चूड़ियाँ ना ... Read more

अता कर दे सजा मालिक

अता कर दे सजा मालिक मुझे मेरे गुनाहों की मिटा दे तू निशां मेरा बना दे धूल राहों की मुझे आजाद कर दे अब भला घु... Read more

अता कर दे सजा मालिक

अता कर दे सजा मालिक मुझे मेरे गुनाहों की मिटा दे तू निशां मेरा बना दे धूल राहों की मुझे आजाद कर दे अब भला घु... Read more

जला हरपल मुहब्बत में

जला हरपल मुहब्बत में मेरी साँसे महकती है खुमारी है अजब सी ये दिल मे शोला भड़कती है लगे हर शै नया अब तो मेरी नज़रों से तुम देख... Read more

जला हरपल मुहब्बत में

जला हरपल मुहब्बत में मेरी साँसे महकती है खुमारी है अजब सी ये दिल मे शोला भड़कती है लगे हर शै नया अब तो मेरी नज़रों से तुम देख... Read more

छुआ जब से मुझे तूने

लगी है आग तनमन मे छुआ जब से मुझे तूने बड़ी बेचैन है साँसे छुआ जब से मुझे तूने मनाया लाख दिल को मैं मगर ये बात माने ना निगाहे... Read more

मुझे फिर सताने

मुझे कर इशारे लुभाने लगे है निगाहों से अपने बुलाने लगे हैं बहाने बना कर मुझे फिर सताने सजन जी मेरे पास आने लगे हैं ... Read more

अभी बाकी निशाँ तेरा

अभी बाक़ी निशां तेरा हमारे दिल पे है हमदम बसी हो धड़कनों में तुम कि जैसे बादल में शबनम अदावत लाख करलो तुम मगर तुमको ही चाहेंगे तुझे... Read more

राहें माँ देख रही होगी

चाहत में थोड़े पैसे की गाँव मैं छोड़ आया हूँ मिट्टी की सौंधी खुशबू से बंधने तोड़ आया हूँ राहें माँ देख रही होगी छाँव में बैठ पीपल के ... Read more