Ashok Ashq

Samastipur

Joined June 2016

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तुमने पुकार कर

देखा नही कभी मुझे तुमने पुकार कर मैं लौटता चढ़े हुए दरिया को पार कर है कैसी आग ये लगी उठता रहा धुआँ जाए कहीं नहीं मुझे ये खाकसार... Read more

रफ़्ता रफ़्ता हाथों से किनारा गया

दस्तो सहरा में दिन गुजारा गया दर्द सीने में ऐसे उतारा गया शौके गौहर में हम ना जमी के रहे रफ़्ता रफ़्ता हाथों से किनारा गया स्य... Read more

दर्द दामन में

दर्द दामन में छुपाना सीखिये चोट खाकर मुस्कुराना सीखिये मतलबी हर शै यहाँ पर जान तू खार से भी दिल लगाना सीखिये रौशनी को जो तरस... Read more

जिस्म का बाज़ार है बस

सजा फिर जिस्म का बाज़ार है बस भुला दे सब ख़बर, अखबार है बस ये दुनियाँ छोड़ दूँगा मैं उसी पल तुम्हारी ना की ही दरकार है बस भले ह... Read more

हमारी ईद हो जाए

जरा ठहरो मुकद्दर आजमाकर देख लेता हूँ इन्हीं बंजर जमीं में गुल खिला कर देख लेता हूँ खुशी रहती नही आँगन मेरे ज्यादा दिनों तक तो ... Read more

वो नज़ाकत नही छोड़े हैं

हर सितम सह मुहब्बत नही छोड़े हैं जग करे कुछ भी चाहत नही छोड़े हैं जग सताता रहा यूँ मुझे हर घड़ी देखिये हम शराफत नही छोड़े हैं वो... Read more

देख क्या खूब मेरी चाहत है

सच्च या झूठ ये इबादत है कह रहा तू जिसे मुहब्बत है फैसला कौन अब करे मेरा हर जगह तेरी ही हुकूमत है रौनके हुस्न कह रही मुझसे... Read more

लूटकर हक़ लिया कीजिये

इश्क़ यूँ आप खरा कीजिये पत्थरों को ख़ुदा कीजिये हद तुम्ही हो नज़र की सनम यूँ न पर्दा किया कीजिये होश बाकी रहे ही... Read more

दर किसी के बजी शहनाई है

जाम आंखों से यूँ पिलाई है लूटने फिर मुझे वो आई है गर सहारा नही दे सकता तू तो मिटा दे मुझे दुहाई है खाक करके गया मुझे जालिम ... Read more

हुस्न तेरा ख़ुदा हो जाना है

हर कसम तोड़ पास आना है हुस्न तेरा ख़ुदा हो जाना है नाम बदनाम है मुहब्बत का डूब जा गर बड़ा दीवाना है हाल अपना अलग नही तुम से छो... Read more

एक से हम हो गए

बाँहो में तेरे मचल कर एक से हम हो गए ख्वाब में तेरे उतरकर एक से हम हो गए हसरतें मुझमे बहुत है बस तुझे पा लें सनम आरजू में यूँ फ... Read more

लिपट गेशुओं से गुजारा करेंगे

तुम्हें हम कभी भी न रुस्वा करेंगे सुबह शाम तेरा ही सजदा करेंगे बड़े मन्नतों से मिला यार मुझको मुहब्बत ख़ुदा से भी ज्यादा करेंगे ... Read more

टूट कर शाख से गिरा कैसे

बात दिल की न कर हज़ारों से ये जहाँ है भरी दिले बीमारों से चाह गुल की रही सदा लेकिन दिल लगाना पड़ा है खारों से टूट कर शाख से गि... Read more

खुशी पल भर नही देखे

जिगर पर चोट खा कर भी तेरे कूचे में आए है दवा दे या ज़हर दे दे तेरे सपने सजाए है खुशी का क्या ठिकाना हो अभी वो पास हैं मेरे... Read more

आग मज़हब की लगाते कहने को इंसान है

घर किसी के दो निवाले के लिए तूफ़ान है हाल से उसके हुजूरे आला क्यों अंजान है पत्थरों का ये शहर है जान ले तू भी इसे सब ख़ुदा के भेष... Read more

अलग पहचान रखते हैं

दिवाने हैं हथेली पर हमेशा जान रखते हैं उबलते दर्द सीने में मगर मुस्कान रखते हैं उजाला बाँटते सबको मोहब्बत ही सिखाते हैं भले अपन... Read more

रहे फासले से

रहे फासले से मिटी दूरियाँ ना बँधी इश्क़ की पाक वो डोरियाँ ना मयस्सर नही पायलों की ये छमछम झरोखे में दिल के बजी चूड़ियाँ ना ... Read more

अता कर दे सजा मालिक

अता कर दे सजा मालिक मुझे मेरे गुनाहों की मिटा दे तू निशां मेरा बना दे धूल राहों की मुझे आजाद कर दे अब भला घु... Read more

अता कर दे सजा मालिक

अता कर दे सजा मालिक मुझे मेरे गुनाहों की मिटा दे तू निशां मेरा बना दे धूल राहों की मुझे आजाद कर दे अब भला घु... Read more

निशाने पर हवा के

निशाने पर हवा के है मुहब्बत मेरी बचाएगी इसे कब तक इबादत मेरी उठा तूफां जहाने इश्क में ये कैसा सलामत रह रहेगी अब न चाहत मेरी ... Read more

जला हरपल मुहब्बत में

जला हरपल मुहब्बत में मेरी साँसे महकती है खुमारी है अजब सी ये दिल मे शोला भड़कती है लगे हर शै नया अब तो मेरी नज़रों से तुम देख... Read more

जला हरपल मुहब्बत में

जला हरपल मुहब्बत में मेरी साँसे महकती है खुमारी है अजब सी ये दिल मे शोला भड़कती है लगे हर शै नया अब तो मेरी नज़रों से तुम देख... Read more

छुआ जब से मुझे तूने

लगी है आग तनमन मे छुआ जब से मुझे तूने बड़ी बेचैन है साँसे छुआ जब से मुझे तूने मनाया लाख दिल को मैं मगर ये बात माने ना निगाहे... Read more

है निवाला सामने पर तू नही

है अधूरी ज़िन्दगी अब लौट आ बिन तुम्हारे क्या ख़ुशी अब लौट आ अब सताऊँगा नही माँ मैं तुम्हें कर रहा मैं वन्दगी अब लौट आ है निवाल... Read more

मुझे फिर सताने

मुझे कर इशारे लुभाने लगे है निगाहों से अपने बुलाने लगे हैं बहाने बना कर मुझे फिर सताने सजन जी मेरे पास आने लगे हैं ... Read more

उँगलियाँ उठेगी वफ़ा पर तुम्हारी

दिलों में उतरता नज़ारा नही है मगर ये सफ़र छोड़ आना नही है गुजर यार जाता बुरा दौर ये भी हो मगरूर तुमने पुकारा नही है सुनो ये डगर... Read more

आबरू बच गई मुहब्बत की

आग फिर इश्क़ की लगाया है बज़्म में यूँ मुझे बुलाया है आबरू बच गई मुहब्बत की कब्र पर वो मेरी जो आया है खाक मुझको जुदा करोगे तुम... Read more

फासला भी हुआ है

अदावत हुई फासला भी हुआ है वफ़ा का अभी सिलसिला चल रहा है कहें हाल कैसे खुदाया बता दे मुहब्बत यहाँ कब मुकम्मल हुआ है उतर जो गया... Read more

अभी बाकी निशाँ तेरा

अभी बाक़ी निशां तेरा हमारे दिल पे है हमदम बसी हो धड़कनों में तुम कि जैसे बादल में शबनम अदावत लाख करलो तुम मगर तुमको ही चाहेंगे तुझे... Read more

राहें माँ देख रही होगी

चाहत में थोड़े पैसे की गाँव मैं छोड़ आया हूँ मिट्टी की सौंधी खुशबू से बंधने तोड़ आया हूँ राहें माँ देख रही होगी छाँव में बैठ पीपल के ... Read more